कानपुर की जनता का शुक्रियाः गुलफाम

कानपुर के रहने वाले गुलफाम आर.के. बचपन से ही टीवी सीरियल देखने के बाद हीरो बनने और उसमें काम करने का सपना दिन-रात देखते थे, अपने सपने को साकार करने के लिए संघर्ष करते हुए उन्हें एक दिन कुछ सफलता मिल ही गई। गुलफाम से उनके टीवी सीरियल और उनके शुरूवाती सफर के संघर्ष से जुड़े दिनों की चर्चा के अंश-
- गुलफाम जी शुरूवाती सफलता कैसे मिली?
- पृथ्वीराज चैहान में छोटा सा रोल मिला उसके बाद सावधान इण्डिया में छोटा निगेटिव रोल था। उसके बाद कोई है में काम मिला उसमें बंगले का मालिक ठाकुर का रोल किया।
- अपने परिवार में कौन-कौन है?
- मेरे पापा की डेथ 17 साल पहले हो गई थी, मेरी माँ मेरी गाॅडफादर हैं, आज उनकी की वजह से इस मुकाम पर हूँ। मेरा भाई इमरान खान और बहन जोया खान हैं।
- फिल्मो में काम करने की मनचाही सफलता कब मिली?
- कानपुर के शोले में काम करने का मौका मिला, कानपुर के लोगों हमारी फिल्म देखी, जनता ने काफी तारीफ भी मिली।
- कानपुर से आपको काफी प्यार है, कानपुर के लिए क्या कहना चाहते है?
- कानपुर के शोले की यहाँ की जनता ने बहुत तारीफ किया, हम जनता के बीच गये, मुझे बहुत खुशी हुई जनता ने बहुत प्यार दिया नेता व अभिनेता ने फिल्म देखी। अमिताभ वाजपेयी विधायक जी, इरफान सोलंकी विधायक जी, सुहेल अंसारी विधायक जी ने कानपुर के शोले में मेरे काम की तरीफ करके हमारा हौसला भी बढ़ाया। कानपुर की जनता का शुक्रिया! मैं चाहता हूँ कि कानपुर का नाम भारत में ही नहीं, विश्व में लोग जाने बस यही हमारी ख्वाहिश है, हर भारतवासी खुश रहे, आपस में हम सब साथ-साथ रहते हुए खुश रहें! बस यही एक तमन्ना है।