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किड्स कार्निवाल

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, कानपुर रोड कैम्पस, लखनऊ द्वारा विद्यालय प्रांगण में आयोजित किड्स कार्निवाल 'मानसून गाला' में नन्हें-मुन्हें बच्चों की बहुमुखी प्रतिभा देख अभिभावक गद्गद् हो गये। इस शानदार आयोजन में छात्रों ने अपने हुनर का प्रदर्शन कर किड्स कार्निवाल की रौनक में चार-चाँद लगा दिया। जहाँ एक ओर छात्रों ने पाॅम प्रिन्टिंग, नेल आर्ट, टैरो कार्ड रीडिंग, टैटूस, वर्चयूज आॅफ लाईफ, ड्रामा, मीट द यंग शेफ, डान्स एण्ड म्यूजिक, खेलकूद, जर्नी इनटू इण्डिया, द पाण्डा हाउस, मी एण्ड माई सोल आदि शिक्षात्मक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का जोरदार प्रदर्शन कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया तो वहीं दूसरी ओर छात्रों के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार के झूले, मनोरंजक खेल, खाने-पीने के स्टाल आदि लगाये गये थे।
किड्स कार्निवाल का शुभारम्भ सर्व-धर्म व विश्व शांति प्रार्थना से हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत हस्तनिर्मित अनेक कलाकृतियों ने दर्शकों को दातों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया, साथ ही छात्रों ने रंगारंग शिक्षात्मक-सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह में चार-चांद लगा दिये। कार्निवाल के अन्तर्गत आयोजित विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों में प्रतिभाग हेतु नन्हें-मुन्हें छात्रों का उत्साह देखते ही बनता था जिसके माध्यम से छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा निखर कर सामने आयी।
सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि इस प्रकार के समारोह छात्रों में आत्मबल व उत्साह का संचार करने में बहुत महत्वपूर्ण हैं। हमारा प्रयास है कि छात्रों को भौतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक, तीनों प्रकार की शिक्षा प्रदान कर उसका सर्वांगीण विकास किया जाए एवं उनमें इतना आत्मबल भरना है कि वे आने वाले कल की सभी चुनौतियों का सामना कर सकें। उन्होंने अभिभावकों को स्कूल की गतिविधियों में रूचि लेने के लिए धन्यवाद दिया व सभी छात्रों के उत्साहवर्धन हेतु आभार व्यक्त किया।
सी.एम.एस. कानपुर रोड कैम्पस की वरिष्ठ प्रधानाचार्या डा. (श्रीमती) विनीता कामरान ने कहा कि सी.एम.एस. बालकों को भौतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक तीनों प्रकार की शिक्षा देकर उन्हें चुस्त एवं संतुलित व्यक्तित्व का धनी, मानव जाति के लिए ईश्वर का उपहार एवं टोटल क्वालिटी पर्सन बनाने के लिए प्रयत्नशील है। प्रधानाचार्या श्रीमती रोली त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मात्र किताबों तक ही सीमित नहीं है अपितु यह व्यक्तिगत जीवन और पूरे समाज, दोनों के लिए रचनात्मक बदलाव की भूमिका को तय करती है। हमारा प्रयास छात्रों की सोच को विस्तृत एवं विश्वव्यापी बनाना है जिससे ये भावी पीढ़ी आगे चलकर समाज, देश व विश्व समाज के उत्थान में योगदान दे सके।


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