बीमारियों को छुई-मुई दूर करे


छुई-मुई का पौधा एक ऐसा पौधा है जिसकी जड़ों से लेकर बीज तक का उपयोग कई प्रकार की बीमारियों जैसे आँखों के काले घेरे, आतों के घाव, कब्ज, शारीरिक कमजोरी, नकसीर, नपुंसकता दूर करे, नेत्र रोग, मधुमेह रोग, टॉन्सिल्स, पेट के कीड़े, पेट दर्द, फोड़े फुंसी, बदहजमी, बवासीर, डायबीटीज आदि को दूर करने में किया जाता है। इसे अंग्रेजी में मेंमिमोसा प्युडिका और वानस्पतिक जगत में माईमोसा पुदिका के नाम से जाना जाता है। लाजवंती/छुईमुई सबसे ज्यादा नमी वाले स्थानों में पाए जाते हैं। एक शोध के अनुसार छुई-मुई की पत्तियों और जड़ों में एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होने के कारण यह कई रोगों से लड़ने में सक्षम है। 
- मधुमेह के रोगियों को छुई-मुई का काढ़ा पिलाने से आराम मिलता है। काढ़ा बनाने के लिए छुइमुइ की 100 ग्राम पत्तियों को 300 मिली पानी में डालकर काढ़ा बना लें और इस काढ़ा को मधुमेह के रोगियों को पिला दीजिए।
- तीन इलायची, तीन ग्राम छुई-मुई की जड़, तीन ग्राम सेमल की छाल को कूट पीसकर एक गिलास दूध में मिलाकर प्रतिदिन रात को सोने से पहले पीने से नपुंसकता की समस्या से निजात मिलता है। इसकी पत्तियों को पीस कर नाभि के नीचे लगाने से बार-बार अधिक पेशाब आने की समस्या से निजात मिलता है।
- रोजाना रात को सोने से पहले तीन ग्राम छुई-मुई के बीजों के चूर्ण को दूध के साथ मिलाकर पीने से शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है।
- घाव होने पर छुई मुई की जड़ का 2 ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार गुनगुने पानी के साथ पीने से घाव जल्दी भरने लगता हैं।
- टॉन्सिल्स की समस्या होने पर छुई मुई की पतियों को पीस कर दिन में दो बार गले पर लगाने से तुरंत राहत मिलता है।
- 100 ग्राम लाजवन्ती के पतों का काढ़ा बना कर सुबह शाम पीने से शुगर (डॉयबिटीज) के मरीज को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होता है।
- रोज रात को चार ग्राम लाजवंती के बीज और जड़ का चूर्ण एक गिलास दूध के साथ मिलाकर पीने से पुरुषों में वीर्य की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाती है।
- स्तनों का ढीलापन दूर करने के लिए लाजवंती और अश्वगंधा की जड़ों को पीसकर इनके मिश्रण का स्तनों पर लेप करने से वक्षों में कसावट आती है। गर्भाशय के बाहर आने की समस्या में छुई-मुई की पत्तियों को पीसकर पानी में मिलाकर स्थान-विशेष को धोने का परामर्श दिया जाता है, यदि आपको पहले से कोई इन्फेक्शन है तो किसी विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही ऐसा करें।
लाजवंती (छुई मुई) का पौधा औषधीय गुणों से परिपूर्ण है इसको गमले या क्यारी में आसानी से लगाया जा सकता है। आयुर्वेद की परंपरा ही हमारे जीवन का मूल आधार है।