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भांग के औषधीय गुण


 


प्रकृति से उपहार में पाई जाने वाली सम्पदा में गुण-दोष दोनो ही पाये जाते है। मनुष्य अपने विवेक से उसके गणो से लाभ उठाता हैै उनमें से एक भांग भी है भांग में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं, परन्तु इसकी अधिकता बहुत सारे नुकसान भी पहुँचाती है। इसका सेवन आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह से ही लें।
ष्भांग में मौजूद पोषक तत्व:- भांग में दो महत्वपूर्ण फैटी एसिड ओमेगा 6 और ओमेगा 3 पाया जाता है। यह प्रोटीन का भी बेहतर स्रोत होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन ई और खनिज पदार्थ जैसे फास्फोरस, पोटैशियम, सोडियम, मैग्नीशियम, सल्फर, कैल्शियम और जिंक का बेहतर श्रोत होता है।
औषधीय भांग में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ अग्नाश्य के कैंसर से पीड़ित उन मरीजों को लंबा जीवन जीने में मदद कर सकता है, जो कीमोथेरेपी के जरिए इलाज करा रहे हों।
एक शोध में यह बात सामने आई है कि औषधीय भांग में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक पदार्थ अग्नाश्य के कैंसर से पीड़ित उन मरीजों को लंबा जीवन जीने में मदद कर सकता है, जो कीमोथेरेपी के जरिए इलाज करा रहे हों। इस बात की पुष्टि करने के लिए चूहों पर इसका अध्ययन करके देखा गया। इस अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भांग के पौधे का अर्क है जिसका इस्तेमाल कुछ बीमारियों के लक्षण से राहत देने के लिए किया जाता है। यह अध्ययन लंदन की क्वीन मेरी यूनिवर्सिटी में किया गया। वहां के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि अग्नाश्य के कैंसर से पीड़ित चूहों का कीमोथेरेपी के साथ-साथ कैनाबिनॉयड कैनाबिडियोल (सीबीडी) से इलाज करने पर उनके जीने की दर उन चूहों के मुकाबले तीन गुणा ज्यादा बढ़ गई जिनका इलाज केवल कीमोथेरेपी के जरिए किया गया।
अनुसंधानकर्ताओं का मत है कि अग्नाश्य का कैंसर बहुत घातक होता है और इससे पीड़ित लोगों के बचने की दर बहुत कम होती है। अनुसंधानकर्ताओं ने चूहों में अग्नाश्य कैंसर के इलाज के लिए कीमोथैरेपी में इस्तेमाल होने वाली जेमसिटाबाइन पर कैनाबिनोइड सीबीडी के प्रभाव को परखा और बेहतरीन नतीजे पाए। यह अध्ययन ऑन्कोजीन पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।


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