भारतीय संविधान लोकतंत्र की सबसे पवित्र पुस्तक

26 नवम्बर 2019 को भारत का 70वां संविधान दिवस जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने बचत भवन के सभागार व मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार द्वारा विकास भवन के सभागार में मनाया गया। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारी/कर्मचारियों को भारत के संविधान का पाठन व मौलिक कर्तव्यों से सम्बन्धित शपथ ग्रहण कराई। जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने भारत के संविधान की विशेषता बताते हुए कहा कि प्रस्तावना को बताया कि हम भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित कराने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर, 1949 ई0 को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं। 
 जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना व मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने शपथ दिलाते हुए कहा कि हम सत्य निष्ठा से प्रतिज्ञान करते हैं कि भारत के संविधान में दिए गये मूल कर्तव्यों का पालन करेंगे। संवैधानिक आदर्शो, संस्थाओं, राष्ट्रध्वज व राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करेंगे। देश की संप्रभुता अखण्डता की रक्षा करेंगे। महिलाओं का सम्मान करेंगे। हिंसा से दूर रहकर बंधुता बढ़ाएगे। सामाजिक संस्कृतिक का संवर्द्धन व पर्यावरण का संरक्षण करेंगे। वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करेंगे। सार्वजनिक सम्पत्ति की रक्षा करेंगे। व्यक्तिगत व सामूहिक गतिविधि में उत्कृष्टता बढ़ाएगें। सबको शिक्षा के अवसर प्रदान करेंगे एवं स्वतंत्रा आन्दोलन के आदर्शो को बढ़ावा देंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान लोकतंत्र की सबसे पवित्र पुस्तक हैं। जिसके मुख्य शिल्पी बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर जी ही थे। बाबा साहब ने 26 नवम्बर 1949 के दिन भारत का संविधान दिवस बनाकर तैयार किया और भारतीय संसद के द्वारा संविधान को आत्मार्पित भी कर लिया गया।