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गाजर में स्वाद के साथ औषधीय गुणों का खजाना है

प्रकृति से पाये जाने वाले उपहारों में गाजर भी एक उपहार है। गाजर में अनेकों ऐसे गुण पाये जाते है, जिससे स्वस्थ रहने में काफी सहायक साबित होतो है। मधुमेह आदि को छोड़कर गाजर प्रायः हरेक रोग में सेवन की जा सकती है। गाजर के रस में विटामिन 'ए', बी', 'सी', 'डी', ई', 'जी', और 'के' मिलते हैं। गाजर का जूस पीने या कच्ची गाजर खाने से कब्ज की परेशानी खत्म हो जाती है। यह पीलिया की प्राकृतिक औषधि है। इसका सेवन ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में भी लाभदायक है। इसके सेवन से कोशों और धमनियों को संजीवन मिलता है। गाजर में बिटा-केरोटिन नामक औषधीय तत्व होता है, जो कैंसर पर नियंत्रण करने में उपयोगी है। गाजर के सेवन से इम्यूनिटी सिस्टम तो मजबूत होता ही है साथ ही आँखों की रोषनी भी बढ़ती है गाजर के सेवन से शरीर को उर्जा भी मिलती है। गाजर के रस का एक गिलास पूर्ण भोजन है। इसके सेवन से रक्त में वृद्धि होती है। सर्दियों का मौसम खाने-पीने के लिहाज से उत्तम माना जाता है. इस मौसम में सब्जियों अनेकों वैराएटी मिलती है, इनमें जो सब्जी बेहद खास है वह है उनमें से एक गाजर भी है। गाजर को सब्जी, सलाद, जूस या सूप किसी भी तरह से भोजन में शामिल किया जा सकता है। जाड़े में लोग गाजर का हल्वा बहुत पसंद करते हैं। गाजर को कई मर्जों की एक दवा कहा गया है, गाजर में भरपूर मात्रा में कैरीटोनॉइड, पोटैशियम, विटामिन और विटामिन ए जैसे ढेरों पोशक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाकर हमें गंभीर बीमारियों से बचाते हैं।
 आयुर्वेद के अनुसार गाजर स्वाद में मधुर, गुणों में तीक्ष्ण, कफ और रक्तपित्त को नष्ट करने वाली है। इसमें पीले रंग का कैरोटीन नामक तत्व विटामिन ए बनाता है। गाजर नेत्र ज्योति बढ़ाने वाली एक सर्वोत्तम माना जाता है। 
गाजर के औषधीय गुण:- गाजर कई रोगों का रामबाण इलाज है, गाजर खाने से गठिया, पीलिया और अपच यानी कि इनडाइजेशन से छुटकारा पाया जा सकता है। गाजर हड्डियों को मजबूत बनाता है. गाजर खाने से पेट में गड़बड़ी और गैस की शिकायत होने की संभावनाये कम ही होती है। पेट की सफाई करने का काम भी करता है, पीलिया के मरीजों को रोजाना गाजर खाने की सलाह दी जाती है।  
गाजर में विटामिन पाया जाता है, आंखों की अच्छी सेहत के लिए विटामिन बहुत ही जरूरी है, यही नहीं गाजर में मौजूद बीटा कैरोटीन मोतियाबिंद से आंखों की रक्षा कर उनकी देखभाल करता है, जिन लोगों की नजर कमजोर होती है उन्हें रोजाना गाजर खाने की सलाह दी जाती है।
- आग से त्वचा जल गई हो तो कच्ची गाजर को पीसकर लगाने से लाभ होता है और जले हुए स्थान पर ठंडक पड़ जाती है।
- दिमाग को मजबूत बनाने के लिए गाजर का मुरब्बा प्रतिदिन सुबह लें।
- रक्तचाप के रोगियों को गाजर के रस में शहद मिलाकर लेना चाहिए। रक्तचाप सामान्य होने लगेगा।
- गाजर का रस टमाटर का रस संतरे का रस और चुकंदर का रस लगभग पच्चीस ग्राम की मात्रा में रोजाना दो माह तक लेने से चेहरे के मुँहासे, दाग, झाइयाँ आदि मिट जाते हैं।
- पथरी की शिकायत में गाजर, चकुंदर और ककड़ी का रस समान मात्रा में लें।
- गाजर पीसकर आग पर सेंककर इसकी पुल्टिस बनाकर बाँधने से फोड़े ठीक हो जाते हैं।
- गाजर का अचार तिल्ली रोग को नष्ट करता है।
- अनिद्रा रोग में प्रतिदिन सुबह-शाम एक कप गाजर का रस लें।
- गाजर का सेवन उदर रोग, पित्त, कफ एवं कब्ज का नाश करता है। यह आँतों में जमा मल को तीव्रता से साफ करती है।
- गाजर को उबालकर रस निकाल लें। इसे ठंडा करके 1 कप रस में 1 चम्मच शहद मिलाकर पीने से सीने में उठने वाला दर्द कम हो जाता है।
- बच्चों को कच्ची गाजर खिलाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।
- गाजर का नित्य सेवन रक्त की कमी को दूर कर रक्त में लौह तत्वों की मात्रा को बढ़ाता है।



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