नागफनी के औषधीय गुण

सामान्‍य रूप से नागफनी को एक अनुपयोगी कटीली झाड़ी के रूप में जाना जाता है। क्योंकि लोग नागफनी के फायदे नहीं जानते है। कैक्‍टस या नागफनी के लाभ मानव शरीर को कई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचा सकते हैं। नागफनी का यह पौधा भारत में बहुत आसानी से मिल जाता है।
नागफनी में पोषक तत्‍व:- कुछ विशेष स्‍वास्‍थ्‍य लाभों को प्राप्‍त करने के लिए नागफनी का व्‍यापक उपयोग किया जाता है। नागफनी से प्राप्‍त स्‍वास्‍थ्‍य लाभ इसमें मौजूद पोषक तत्‍वों की मौजूदगी के कारण होते हैं। नागफनी को विटामिन और अन्‍य खनिज पदार्थों का अच्‍छा स्रोत माना जाता है। नागफनी में कुछ फाइटोकेमिकल्‍स और पॉलीसेकेराइड की उच्‍च मात्रा होती है। इसके अलावा नागफनी में पोटेशियम, मैंगनीज, मैग्‍नीशियम और कैल्शियम भी अच्‍छी मात्रा में होता है। यदि विटामिन की बात की जाये तो यह विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन, विटामिन बी6 आदि से भरपूर है। नागफनी में खनिज पदार्थ के रूप में तांबा, आयरन और फाइबर जैसे घटक भी मौजूद रहते हैं। जिनके कारण नागफनी का सेवन हमें स्‍वास्‍थ्‍य लाभ दिलाता है।
नागफनी से फायदे:- अध्‍ययनों के अनुसार नागफनी का उपयोग करना आपको सूजन से राहत दिला सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि नागफनी में एंटी-इंफ्लामेटी गुण होते हैं। जिसके कारण यह शरीर के किसी भी हिस्‍से में आने वाली सूजन के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है। इसके अलावा शोध से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार नागफनी से निकाले गए तेल में फेनोलिक और बीटैलेंस की मौजूदगी होती है। जिसके कारण इस तेल को प्रभावित त्‍वचा में लगाने से सूजन कम करने में मदद मिलती है। नागफनी तेल के फायदे चोट और कीड़े काटने जैसी स्थिति में आने वाली सूजन को दूर करने में प्रभावी होता है। नागफनी तेल का उपयोग डर्मेटाइटिस और सोराइसिस जैसी त्‍वचा स्थितियों को भी ठीक कर सकता है। 
नागफनी हृदय रखे स्‍वस्‍थ:- हृदय संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए नागफनी का इस्‍तेमाल किया जा सकता है। नागफनी में मौजूद फाइबर की उचित मात्रा शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को नियंत्रित करता है। जिसके परिणाम स्‍वरूप शरीर में खराब कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने और अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को बढ़ाने में मदद मिलती है। शरीर में स्‍वस्‍थ कोलेस्‍ट्रॉल स्‍तर के बने रहने से रक्‍तचाप को नियंत्रित रखा जा सकता है। नागफनी का सेवन करना उच्‍च रक्‍तचाप को भी नियंत्रित करने में सहायक होता है। जिससे हृदय आघात या हार्ट अटैक जैसी संभावनाओं से बचा जा सकता है। इसके अलावा नागफनी में फ्लेवोनोइड्स की मौजूदगी प्‍लेटलेट्स को सामान्‍य करने में मदद करती है जिससे हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाया जा सकता है। यदि आप भी भविष्‍य में हृदय संबंधी समस्‍याओं से बचना चाहते हैं तो अपने आहार में नागफनी का उपयोग कर सकते हैं।
हड्डियों की सुरक्ष:- हमारे दांतों और हड्डियों की सुरक्षा के लिए कैल्शियम का पर्याप्त स्तर बहुत आवश्यक है। इसलिए हमारे आहार में कैल्शियम की एक निश्चित मात्रा शामिल करने की आवश्यकता है। अध्ययन से पता चलता है कि एक कप नागफनी में हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत करने और बढ़ाने के लिए दैनिक कैल्शियम की आवश्यक मात्रा होती है।
वजन कम करे:- विश्व में अधिकांश लोग अपने वजन को घटाने के लिए कई प्रकार के प्रयास करते हैं। जिनमें कई प्रकार के घरेलू उपाय, दवाएं और व्‍यायाम आदि शामिल हैं। लेकिन उन्‍हें शायद नहीं पता कि जिस नागफनी को वे अनुपयोगी खरपतवार समझते हैं वह उनके वजन को घटाने में मदद कर सकती है। नागफनी को फाइबर का बैंक माना जाता है। इसलिए नागफनी का सेवन करने से आपको लंबे समय तक भोजन करने की आवश्‍यकता नहीं होती है साथ ही यह आपके शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा को भी कम करने में सहायक होता है। यदि आप भी अपना वजन नियंत्रित करना चाहते हैं तो नागफनी और इससे बने अन्‍य उत्‍पादों का उपभोग कर सकते हैं।
लिवर के लाभ:- लीवर हमारे शरीर के जरूरी अंगों में से एक है। यदि हम स्‍वस्‍थ रहना चाहते हैं तो लीवर को भी स्‍वस्‍थ रखना अनिवार्य है। लिवर को स्‍वस्‍थ रखने और अन्‍य प्रकार के गंभीर संक्रमण से बचाने के लिए आपको विशेष खाद्य पदार्थ या दवाओं की आवश्‍यकता होती है। लेकिन शायद आपकी तलाश नागफनी पर आकर खत्‍म हो जाये। क्‍योंकि नागफनी के औषधीय गुण लीवर को स्‍वस्‍थ रखने और इसे संक्रमण क्षति से बचाने में सहायक होते हैं। हमारे द्वारा खाये जाने वाले उच्‍च वसा युक्‍त और अधिक मसालेदार भोजन यकृत पर तनाव बढ़ा सकते हैं जिससे आक्‍सीडेटिव तनाव आ सकता है। इस प्रकार की समस्‍या से बचने के लिए आप नागफनी के जूस का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटीऑक्‍सीडेंट लीवर को स्‍वस्‍थ रखने में सहायक होते हैं।
औषधीय गुण:- मधमेह रोगियों के लिए रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है। लेकिन आप अपने रक्‍त में शर्करा के उचित स्‍तर को बनाए रखने के लिए नागफनी का प्रयोग कर सकते हैं। अध्‍ययनों से पता चलता है कि नागफनी में मौजूद पोषक तत्व और अन्‍य घटक रक्‍त शर्करा के स्‍तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
कैंसर से बचाये:- नेपल्‍स या नागफनी कैंसर जैसी गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं से बचने में मदद कर सकती है। नागफनी में फ्लेवोनाइड यौगिकों की अच्‍छी मात्रा होती है जिसके कारण यह प्रोस्‍टेट कैंसर, स्‍तन कैंसर, फेफड़ों के कैंसर, अग्नाशय के कैंसर और अन्‍य प्रकार के कैंसरों के जोखिम को कम करने में मदद करती है। नागफनी पर किये गए कुछ अध्‍ययनों से पता चलता है कि नागफनी मे कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने और इन्‍हें नष्‍ट करने की क्षमता होती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्‍स के प्रभाव से बचाने और इन्‍हें हटाने में सहायक होते हैं। ये फ्री रेडिकल्‍स ही कैंसर का मुख्‍य कारण होते हैं। यदि समय रहते नियमित रूप से नागफनी का सेवन किया जाये तो यह कैंसर रोगी और सामान्‍य लोगों को कैंसर से बचाने में मदद करता है।
घाव ठीक करे:- कैक्‍टस या नागफनी में फेनोलिक यौगिकों की अच्‍छी मात्रा होती है। जिसके कारण यह खुले हुए घावों और चोट के घाव आदि का तेजी से उपचार करता है। आप घाव उपचार के लिए नागफनी से निकाले गए तेल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा नागफनी के तेल का उपयोग अन्‍य त्‍वचा संक्रमणों जैसे खुजली, मुंहासे आदि के इलाज में भी किया जा सकता है। यदि आप भी त्‍वचा संबंधी ऐसी ही किसी समस्‍या से परेशान हैं तो नागफनी के तेल के फायदे प्राप्‍त कर सकते हैं।
बालों को मजबूत बनाने में सहायक:- नागफनी में विटामिन, खनिज और विभिन्‍न प्रकार के फैटी एसिड की अच्‍छी मात्रा होती है। इन पोषक तत्‍वों की मौजूदगी आपके बालों के लिए बहुत ही उपयोगी होती है। आप अपने बालों को स्‍वस्‍थ बनाने के लिए नागफनी का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप नागफनी के तेल को बालों की जड़ में लगाएं और बालों की मालिश करें। इसमें मौजूद विटामिन ई बालों को कंडीशनिंग करने और उन्‍हें मजबूत बनाने में सहायक होता है।
त्‍वचा स्‍वस्‍थ रखे:- त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने और त्‍वचा संक्रमण का इलाज करने में नागफनी का तेल फायदेमंद होता है। इसके अलावा यह त्‍वचा की चमक को बढ़ाने में भी सहायक होता है। आप अपनी त्‍वचा में नागफनी के तेल का इस्‍तेमाल कर त्‍वचा को हानिकारक यूवी किरणों से बचा सकते हैं।
पाचन क्रिया में लाभ  पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए नागफनी एक अच्‍छा विकल्‍प हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि नागफनी में फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है। फाइबर आपके पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और पाचन क्रिया को गति दिलाने में सहायक होता है। फाइबर की उचित मौजूदगी पेट में अच्‍छे बैक्‍टीरिया और एंजाइमों के स्‍तर को बढ़ाती है जिससे पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर किया जा सकता है। यदि आप भी अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाना चाहते हैं तो नागफनी के जूस और नागफनी आधारित अन्‍य उत्‍पादों का नियमित सेवन करें।
मासिक धर्म के लिए फायदे :- महिलाओं को मासिक धर्म चक्र के दौरान कई प्रकार की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम जैसे सिरदर्द, स्‍तनों में सूजन, ऐंठन और अन्‍य कई बीमारियां हो सकती हैं। इस प्रकार की समस्‍याओं का प्रमुख कारण महिलाओं में प्रोस्‍टाग्‍लैंडिंस के स्‍तर में वृद्धि को माना जाता है। लेकिन महिलाएं इस प्रकार की समस्‍याओं से बचने के लिए नागफनी का इस्‍तेमाल कर सकती हैं। क्‍योंकि नागफनी में प्रोस्‍टाग्‍लैंडिंस के संश्‍लेषण या विकास को रोकने की क्षमता होती है।
कैसे खाये नागफनी:- स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त करने और आहार के रूप में उपभोग करने के लिए नागफनी पूरी तरह सुरक्षित है। यदि इसका बहुत ही कम मात्रा में सेवन किया जाये। आप अपने आहार में नागफनी को कई प्रकार से शामिल कर सकते हैं। लेकिन सामान्‍य रूप से अधिकांश लोग अपने भोजन के साथ नागफनी को सलाद के रूप में अधिक पसंद करते हैं।
नागफनी की सलाद बनाने के लिए आप सावधानी से युवा नागफनी के पत्‍ते को तोड़ें और इसमें मौजूद कांटों को साफ कर लें। इसके बाद इसे अच्‍छी तरह से धो लें। फिर नागफनी की हरे रंग की ऊपरी परत को निकाल कर अलग कर दें। क्‍योंकि इस ऊपरी प‍रत का स्‍वाद कड़वा होता है। इसके बाद आप नागफनी के आंतरिक अवशेष जो सफेद रंग का होता है उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब आप इनका सेवन अपनी इच्‍छानुसार कर सकते हैं।
नागफनी से हानि:- अधिक मात्रा में नागफनी, नागफनी के तेल और अन्‍य नागफनी के उत्‍पादों का इस्‍तेमाल करने से निम्‍न प्रकार के नुकसान हो सकते हैं। सिरदर्द होना। जी मिचलाना। सूजन। दस्‍त या म‍ल की वृद्धि। रक्‍त शर्करा के स्‍तर में बहुत अधिक कमी होना। जो लोग मधुमेह रोगी हैं उन्‍हें विशेष रूप से यह सलाह दी जाती है कि वे नागफनी का अधिक मात्रा में सेवन न करें। क्‍योंकि यह उनके शरीर में रक्‍त शर्करा को निम्‍न स्‍तर में पहुंचा सकता है। इसके अलावा गर्भवती और स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इस दौरान नागफनी का सेवन करने से बचना चाहिए।
आयुर्वेद प्रकृति का अनमोल उपहार है, इसकी सही जानकारी हमें सभी प्रकार के बीमारियों से बचा सकता है। एक छोटा सा पहल स्वस्थ्य शरीर निरोगी काया।.


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