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नेताजी का जन्म दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया

झांसी। समाजवादी पार्टी प्रधान कार्यालय कचहरी चैराहे पर निवर्तमान जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में पार्टी के संस्थापक व संरक्षक मुलायम सिंह यादव नेताजी का 81 वां जन्मदिवस केक काटकर बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव (नेता जी) ने समाजवादी पार्टी को धरातल से उठाकर प्रदेश में उन्होंने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की सफलता प्राप्त की । उत्तर प्रदेश में तीन बार मुख्यमंत्री तथा केंद्र में रक्षा मंत्री के महत्वपूर्ण पदों को उन्होंने सुशोभित किया है। इस अवसर पर पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह यादव ,जयप्रकाश आर्य पप्पू सेठ, पूर्व मंत्री अजय सूद, संजय पाल, डेनियल साइमन, केके सिंह, भागवत नारायण राजपूत, रईस राईन, अबरार अली, मोनू घुरैया, अरुण यादव, डॉक्टर अभिषेक सोनी, स्वदेश यादव, हर्ष सोलंकी, ऋषि भटनागर, मजहर अली ,नवीन यादव, साजिद अली, ज्ञान सिंह कुशवाहा, राहुल महालया, अरविंद यादव बबीना सरेश चैहान, बालकिशन एडवोकेट, रश्मि हयारण, किरण यादव, विजय सिमराहा मौजूद रहे । संचालन आरिफ खान ने किया तथा आभार महानगर अध्यक्ष मिर्जा करामत बेग व्यक्त किया। 'सपाईयों ने मनाई झलकारीबाई जयंति' झांसी समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में किला मार्ग पर स्थापित झलकारी बाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित किया। इस अवसर पर पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह यादव ने कहा कि झलकारी बाई झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सेना में महिला शाखा दुर्गा दल की वे रानी की हमशक्ल होने के कारण शत्रुओं को धोखा देती हुई युद्ध करती थी । इस अवसर पर जयप्रकाश आर्य पप्पू सेठ, पूर्व मंत्री अजय सूद, डेनियल साइमन, संजय पाल ,के के सिंह, भगवत नारायण राजपूत ,मोनू घुरैया, अबरार अली ,नवीन यादव, मजहर अली ,विजय सिमराहा, रश्मि हयारण, किरण यादव, आरिफ खान आदि मौजूद रहे।


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पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

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