आत्महत्या ज्योतिषीय विवेचन

आत्महत्या एक समाजिक समस्या है। यह मानव व्यक्तित्व तथा समाजिक ढांँचे की असफलता का प्रतीक है। आत्महत्या करने वाले लोग अन्र्तमुखी और वाहृयमुखी दोनो ही प्रकार के होते है। आत्महत्या करने वाले भावनात्मक और बौद्धिक स्तर पर असंतुलित होते है चन्द्रमा व 4 व 12 वां भाव भावनाओं के प्रतीक है।  लग्न, पंचम, आठवां भाव तथा बुध बौद्धिक क्षमताओं का कारक ग्रह है 5 वां भाव कल्पना, वैचारिक शक्ति, निर्णय शक्ति का प्रतीक है। 12 वां भाव अचेतन दिमाग, सजा, गुप्त शत्रु, विनाश और पीड़ा का प्रतीक है 12 वां भाव पंचम से आठवां अर्थात पंचम भाव की वस्तुओं की मृत्यु या उसके कारकों के विनाश का है। लग्न, पंचम, 12 वें भाव मे पापी ग्रह या इन भावों पर पापी दृष्टि तथा इनके स्वामियों का पाग्रस्त होना आत्महत्या योग बनाता है मंगल काल चक्र की प्रथम राशि मेष तथा 8 वीं राशि वृश्चिक राशि का स्वामी है अतः मंगल जीवन और मृत्यु का प्रतीक है। जो सभी प्रकार की हिंसा, भयानक व हिसंक मृत्यु, कलह, अत्याचार मृत्यु का प्रतीक है तथा गुरू पूर्व पुण्य, आशा, भाग्य का कारक है गुरू का पापग्रस्त हो जाना जीवन मे कुंठा असफलता, निराशा, व घोर अवसाद देता है। लग्न, तृतीय, चतुर्थ, पंचम, अष्ठम, द्वादश भाव भावेश, मंगल, गुरू बुध व चन्द्र व इनके राशि स्वामियों का पापग्रस्त हो जाना आत्महत्या कराता है। नेप्चून भंयकर निराशा, वैचारिक विनाश, तथा भ्रम देता है।
आत्महत्या के ग्रह योग-
1. चन्द्र-राहू, चन्द्र शनि, चन्द्र मंगल, युति या परस्पर दृष्टि विनाश व हिंसक वैचारिक तूफान देती है।
2. नेप्चूून की मंगल पर दृष्टि वैचारिक विनाश तथा मंगल की नेप्चूून पर दृष्टि हिंसक वैचारिक तूफान देती है
3. चन्द्र मंगल,चन्द्र यूरेनस, बुध मंगल, मंगल यूरेनस या मंगल शनि का अशुभ संबध मानसिक असंतुलन पैदा करके आत्महत्या कराता है।
4. सूर्य मंगल योग अति क्रोध, उत्तेजना, विचारहीनता व जल्दबाजी देता है।
5. मानवीय राशियां मिथुन कन्या व धनु का पूर्वाध तथा कुंभ राशि मे बने आत्महत्या के ग्रह योग निश्चित रूप से आत्महत्या कराते है वायु तत्व की राशियों बने आत्महत्या के ग्रह योग भयानक वैचारिक तूफान असंतुलन देते है
6. लग्नेश यदि 8 वें भाव मे षष्ठेश से युत हो या लग्नेश षष्ठेश से 7 वे भाव या केन्द्र मे हो तो जातक भयानक अत्याचार से पीड़ित होकर आत्मत्या करे।
7. लग्न अष्ठम भाव मे परिवर्तन हो या अष्ठमेश छठे भाव मे हो तथा लग्नेश या अष्ठमेश मेष या तुला राशि मे हो ेतो जातक आत्महत्या करे।
8. ग्रीक ज्योतिष के अनुसार चर राशियांे के 15 अंश, स्थिर राशियांे के 25 अंश, द्विस्वभाव राशियांे के 26  अंश, आत्महत्या के बिंदू है। गोचर मे कोई ग्रह इन अंशों पर पापयुत हो या दृष्ट हो जातक आत्महत्या करे।
9. चर राशियांे के 10 व 20 अंश, स्थिर राशियांे के 10 व 26 अंश, द्विस्वभाव राशियांे के 10, व 21 व 22  अंश, आत्महत्या के बिंदू है।
10. आत्महत्या के योगों मे 8 वां भााव, अष्ठमेश वृश्चिक राशि व मंगल का शामिल होना हिसंक मृत्यु देता है। लग्न पर मांदि-मंगल युति, या मांदि-शनि की  युति लग्नेश के साथ हो तो जातक की घातक मृत्यु हो।
11. 3 या 8 वें भाव मे मंगल केतु की युति हों मिथुन लग्न मे  यह योग विशेषतः घातक है।
12. लग्नेश यदि सूर्य या मंगल से युत होकर 6, 7, 8, 12 भाव मे हो।
ृ13. छठे भाव का स्वामी चन्द्र से युति हो तो जातक जल मे डूब कर आत्महत्या करे।
14. तृतीयेश अष्ठम की युति या दोनो मे परस्पर परिवर्तन हो तथा इन पर अश्ुाभ प्रभाव पड़े या 8 -11 भाव मे परिवर्तन हो तथा इन भावों पर अश्ुाभ प्रभाव पड़े तो जातक आत्महत्या करे।
15.डा. भसीन के अनुसार लग्न अष्ठम या लग्नेश अष्ठमेश, तृतीयेश लाभेश सूर्य चन्द्र अदि पर पाप  प्रभाव पड़े तो जातक आत्महत्या करे।
16, शनि नीच का हो तथा शनि की राशि मे मांदि हो तो 
17. सूर्य या चन्द्रमा पापग्रह से युत होकर बुध या शुक्र से केन्द्र मे हो तो या 180 अंश पर हो तो जातक आत्महत्या करे।
18. सूर्य या चन्द्रमा यदि शत्रु राशि मे त्रिक मे जाकर परस्पर दृष्ट हो तो या केन्द्र या 180 अंश पर हो तो भावना मे आकर जातक आत्महत्या करे। पूर्णिमा का चन्द्र अति घातक है।
20. यदि लग्न, 4, 8, 12 भाव पर पाप दृष्टि हो और इनके स्वामी परस्पर केन्द्र मे हो या 180 अंश पर हो या इनके स्वामी परस्पर टी की आकृति बनाये तो जातक आत्महत्या करे
21. स्त्री के जमांक मे शुक्र नीच का होकर राहू, शनि मांदि या मंगल से युत या दृष्ट हो तो जातक आत्महत्या करे।
22. पुरूष जमांक मे यदि लग्नेश या गुरू नीच का हो तथा लग्न या गुरू पर मंगल राहू मंादि की युति या दृष्टि हो।
23. मंगल यदि तृतीयेश या अष्ठमेश होकर आत्महत्या के योगों से संबध बनाये तो जातक कटार या नस कट कर आत्महत्या करे।
24. यदि राहू से संबध बनाये तो जातक पानी मे डूब कर शनि हो तो फंासी से आत्महत्या करे। यदि लग्नेश 6, 8, या 12 वें भाव मे राहू/केतु या कार्मिक ग्रह के साथ हो तो अकाल और अप्राकृतिक मृत्यु देता है।
2. यदि मंगल केतु, की युति 3, 8 या 12 वें भाव में हो तो फाँसी या घात से मृत्यु होगी।
3. अष्ठमेश यदि पाश, या सर्प देष्काण मे हो तो उस देष्काण स्वामी की दशा मे जातक की फाँसी द्वारा मृत्यु होगी वृश्चिक मे प्रथम, कर्क के द्वितीय व तीन के तृतीय देष्काण सर्प देष्काण है।
4. अष्ठमेश जिस ग्रह के देष्काण मे हो वह ग्रह जमांक मे शनि या राहू या केतु से युत हो तो जातक की फाँसी द्वारा मृत्यु होगी 
5. लग्नेश व दशमेश दोनो राहू केतु से युत होकर दुष्ट भाव में हो तो जातक की फाँसी द्वारा मृत्यु होगी
1. गुरूदत्त-अपने दौर के बेहतरीन एक्टर, निर्माता, निर्देशक गुरूदत्त अभिनेत्री वहीदा रहमान के दीवाने हो गये थे लेकिन वहीदा जी कैरियर पर ध्यान दे रही थी वहीदा की बेरूखी ने उनके दिल को बुरी तरह तोड़ दिया और एक रात उन्होंने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। गुरूदत्त- 9 जुलाई 1925। समय- 12.05 दोपहर। बंगलुरू। कन्या लग्न तुला मे शानि धनु मे गुरू, मकर मे केतु, मिथुन मे सूर्य, कर्क मे बुध राहू, मंगल शुक्र। लग्न से पंचमेंश ष्शनि व सप्तमेश गुरू परस्पर 6-8 वें है।
2. मार्लिन मुनरो:- हाॅलीवुड की मशहूर अदाकारा मार्लिन मुनरो जंम 1 जून 1926 को प्रातः 9ः 23 पर सैन फ्रान्सिको मे हुआ था उनके कई नामी गिरामी हस्तियों से प्रेम संबध था उन्हांेने दो विवाह किये थे जो असफल रहे थे वे संतानहीन और गंभीर रूप से अवसाद, निराशा व अनिद्रा की शिकार थी  नित्य काफी मात्रा मे नींद की गोलियां लेती थीं कहा जाता है कि नींद की अत्याधिक मात्रा मे गोलियों लेकर 5 अगस्त 1962 को उन्होंने आत्महत्या कर ली थी कर्क लग्न मे जंमी मार्लिन मुनरो के जमांक मे लग्नेश तथा मस्तिष्क कारक चन्द्रमा पापकत्र्तरी मे था साथ ही उनका पंचम भाव  पापकत्र्तरी मे है। तथा पंचमेश मंगल भी अष्ठम भाव मे शत्रु राशि कुंभ में है। जो गंभीर अवसाद, निराशा, मानसिक दौरे देता है।  लग्न से 12 वें भाव मे राहू तथा चन्द्र से 12 वें केतु ने उन्हें गंभीर अनिद्रा की बीमारी दी शकट योग ने उनसे कई गलत फैसले कराये (चन्द्र-गुरू 2-12 भाव मे है) तथा अष्ठमेश शनि वक्री है। जो अल्पायु दे रहा है शनि वक्री तृतीय भाव का फल देगा जिस पर मंगल की आठवीं दृष्टि पड़ रही है। आठवें भाव मे मंगल हिंसक मृत्यु देता है। अरूधा लग्न मीन से तृतीय मे राहू था जो विष या नशे द्वारा मृत्यु देता है। लग्नेश व तृतीेश त्रिकोण मे है। तथा चन्द्र से लग्नेश शनि व दशमेश शुक्र परस्पर केन्द्र्र तक है। साथ शकट योग जो बताते है कि जातक ने स्वँय ही आत्मघात कराते हैं 
3. जातिका विवाहित शिक्षिका थी मई 2009 में उसका विवाह हुआ था 30 जनवरी 2010 को रात 10 बजे गृह कलह से तंग आकर पंखे मे साड़ी से लटक कर ससुराल में आत्महत्या कर ली सिंह लग्न, कन्या में मंगल-8 अंश, शनि-24 अंश, वृश्चिक मे वक्री गुरू-7 अंश, धनु मे केतु-22 अंश, कुंभ मे शुक्र, 26 अंश, मेष में बुध 26 अंश, सूर्य-11 अंश, वृष में चन्द्र-2 अंश, मिथुन मे राहू-22 अंश 
4. जातिका शुक्ला-13 सितम्बर 1980। 9.30 प्रातः। आरा( बिहार) तुला लग्न में चन्द्र 8 अंश, यूरे 28, मंगल-16 अंश, वृश्चिक मे ने0-26 अंश, केतु-26 अंश, कर्क में राहू-26 अंश, सिंह मे सूर्य-27 अंश, गुरू-27 अंश, कन्या में बुध-11 अंश, शनि 12 अंश। विवाह ना होने से परेशान होकर  24 फरवरी 2013 को शाम साढे चार बजे उसने पंखे मे साड़ी से लटक कर आत्महत्या कर ली। इस जमांक को फरवरी 2013 में मेरे एक सहयोगी ज्योतिषी ने मासिक गोष्ठी मे रखा था
5. नरेश कुमार बग्गा-16 मई 1965। समय- 4.00 बजे। जिला-मैनपुरी। मेष लग्न 11 अंश, मे बुध 9 अंश, वृष में सूर्य- 3 अंश, राहू- 4 अंश, शुक्र-13 अंश गुरू-14 अंश, सिंह मे मंगल- वृश्चिक मे चन्द्र-8 अंश । जातक मेरे घर के पास राज स्टोर नामक दुकान चलाता थ और गले के कैंसर कर मरीज था जातक ने अपनी बीमारी के बारे मे मुझसे मई 2002 को सम्पर्क किया और 7 जुलाई 2002 को सुबह 9 बजे उसने फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली
5. जंम-10 मार्च 1894। समय-3.30 प्रातः। दिल्ली। जातिका ने अपने तीन बच्चों को मार कर फाँसी लगा कर आत्महत्या कर ली (पेज-58, डिपाॅजिटर इन एस्ट्रोलाॅजी, स्व. जगन्नाथ भसीन) धनु-28 अंश,लग्न में मंगल-24 अंश,, मकर मे शुक्र-27 अंश कुंभ मे सूर्य 27 अंश, मीन मे चन्द्र-25 अंश, राहू- 18 अंश, बुध वक्री-5 अंश, वृष में गुरू-3.29 अंश, कन्या में केतु-18 अंश, तुला मे शनि वक्री-1.44 अंश । शुक्र व शनि मे राशि परिवर्तन द्वितीय एकादश भाव मे परिवर्तन। शुक्र पापकर्तरी में, सप्तमेश बुध नीच का व मंगल दृष्ट राहू युत, अष्ठमेश चन्द्र राहू युत मंगल दृष्ट व चन्द्र नवांश में नीच का ,शुक्र मंगल द्विद्वादश, गृह कलह, फांसी सूर्य मंगल योग 4 या 10 वे भाव मे हो या इन भावों मे दोनो अलग अलग हों। ऊँचाई से गिरने या फाँसी द्वारा मृत्यु हो 
6. नवविवाहिता द्वारा आत्मदाह-9 फरवरी 1936। प्रातः-3.50। दिल्ली। वृश्चिक लग्न मे गुरू, धनु मे राहू व शुक्र, मकर मे बुध सूर्य कुंभ मे शनि, मंगल, मिथुन मे केतु सिंह मे चन्द्रमा। शादी के कुछ समय बाद इस नवविवाहिता ने पति के दुव्यवहार से दुःखी होकर खुद को आग लगा कर आत्महत्या कर ली( साभार-एक्सप्रैस स्टारटेलर, अक्टूबर 2005, लेख डू द नोडस नेगेट द काॅन्जुअल ब्लिस-शंकर एडवाल। 
7. मकबूलगंज, कटरा, लखनऊ निवासी 20 वर्षीय ओजस तिवारी और मुहल्ले की ही काजल पांडे परस्पर प्रेम करते थे दोनो ने छिप कर लवमैरिज भी कर ली थी उनके घर वाले शादी के लिश्े राजी नही थे निराश होकर उन्होने 4 जनवरी की रात 12 बजकर 57 मिनट पर हजरतगंज के सूरजदीप काम्पलैक्स की पांचवी मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली आत्महत्या से पहले दोनो ने अपनी कलाई की नस भी काटी थी ओजस की मां के अनुसार ओजस का जंम 9 जुलाई 1998 को गुरूवार लखनऊ मे हुआ था ( 6 जनवरी 2018 अमर उजाला) ओजस-तुला लग्न धनु में चन्द्र-15.41, मिथुन मे सूर्य 22.51 व मंगल 7.59, बुध कर्क में 18.03, गुरू मीन मे 4.01,शुक्र वृष में 23.30, शनि मेष मे 8.34 राहू सिंह मे 8.15। चन्द्र नवांश सिंह मे चन्द्र, शुक्र गुरू,मेष मे सूर्य मिथुन में, शनि राहू, धनु मे मंगल बुध केतु।
8. डाॅ. राजपूत का जंम 12 मार्च 1951 को शाम 4.45 पर सहारनपुर में हुआ था। उन्होंने 19 मार्च 1985 को नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या की मीन लग्न वृष मे केतु सिंह मे गुरू, कन्या मे बुध मंगल, तुला मे सूर्य चन्द्र शुक्र शनि वृश्चिक मे राहू।
9. प्रत्यूषा बनर्जी-चर्चित सीरियल बालिका वधु की नायिका आनन्दी (प्रत्यूषा बनर्जी) का जंम 10 अगस्त 1991 को प्रातः 4.20 पर जमशेदपुर बिहार ( झारखंड) मे हुआ था उनके कई मर्दो से संबध थे। शराब,नशा, सैक्स उनकी लाइफ के अंग बन गये 2014 मे राहूलराज सिंह उनकी जिंदगी मे आय वे राहूल से शादी करना चाहती थी और दो माह से गर्भवती थी तभी उन्हें पता चला कि राहूल किसी अंय लड़की के साथ इंगेज है इस बात को लेकर दोनों मे खूब झगड़ा हुआ। 1 अप्रैल 2016, शुक्रवार चैत्र मास कृष्ण नवमी को शाम 5 बजे उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जंमाक- कर्क लग्न 8 अंश लग्न मे सूर्य 23, गुरू 29, चन्द्र 21, सिंह मे शुक्र 12, वक्री बुध 12, मंगल 22, धनु मे राहू 25, मकर मे वक्री शनि 9, मिथुन मे केतु 25। लग्न व चन्द्र लग्न से अष्ठमेश शनि वक्री अल्पायु योग, लग्न व चन्द्र लग्न से अष्ठमेष शनि नवंाश मीन मे गया है। जिससे त्रिकोण मे शनि गोचर मृत्यु देता है। वर्तमान मे वृश्चिक का शनि मीन से त्रिकोण मे है, जो मृत्यु काल बता रहा है। शुक्र लग्न से अष्ठमेश गुरू वर्तमान गोचर मे राहू से मिले लग्न व चन्द्र लग्न पाप कत्र्तरी मे व बंधन योग।
10. भारतीय अभिनेत्री जिया खान का जंम 20 फरवरी 1988 को न्यूयार्क अमरीका मे हुआ था जिया खान ने फिल्म गजनी, निःशब्द, हाउसफुल में काम किया था। वे अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली से गत एक साल से लिव इन रिलेशन मे थीं एक एबार्शन भी करवाया था लेकिन कुछ कारणों से उनका ब्रेकअप हो गया जिया ने 3 जून 2013 को बम्बई में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। 
 जमांक:- कुंभ लग्न-कुंभ लग्न-धनु मे मंगल शनि, मकर मे बुध, कुंभ मे सूर्य राहू, मीन मे शुक्र, चन्द्र, मेष मे गुरू सिंह मे। 
11. जल मे डूब कर आत्महत्या-जमांक- 10 नवम्बर 1993,प्रातः- 6.10 मिनट दिल्ली। तृतीय अष्ठम मे परिवर्तन निज हाथों द्वारा मृत्यु होगी। तुला लग्न मे सूर्य व मंगल वृश्चिक मे बुध व चन्द्र धनु मे शुक्र तीन मे राहू, वृष मे गुरू वक्री, नीच का शुक्र व केतु।(चुने हुये ज्योतिष योग, जगन्नाथ भसीन) नवांश लग्न मीन मे राहू वृष मे सूर्य मे कर्क मे शुक्र कन्या मे शनि केतु तुला मे चन्द्र मंगल धनु मे बुध कुंभ मे गुरू । कार्मिक सिद्धान्त नवांश मे लागू केतु द्वादेश शनि युत।