बहुचर्चित तिहरे ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का खुलासा

नवम्बर की रात्रि में हुए तिहरे हत्याकांड जैसा संगीन अपराध थाना मुबारकपुर अन्तर्गत ग्राम इब्राहिमपुर भरौलिया में घटित हुआ जिसमें तीन लोगो की मौके पर ही मौत हो गयी जिसमें 4 माह का बच्चा भी सम्मलित था जब की दो बच्चे गम्भीर रूप से घायल हो गये जहां जो जीवन और मौत से अब भी जूझ रहे है । हत्या करने वाला अभियुक्त नजीरूद्दीन निवासी इब्राहिमपुर थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ को गिरफ्तार किया गया, जिसने घटना में हत्या से पहले दुष्कर्म करना स्वीकार किया। ये एक दर्द विदारक बड़ी घटना थी जो पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी इसलिए पुलिस ने आस-पास गांव के लोगो से गहनता से पूछताछ व जानकारी की गयी तो एक ऐसे व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली जो घर से नही निकलता है तथा घटना स्थल पर डाग स्कवाड के पहुँचने पर डाग को देखते ही भाग गया था। रात में मृतका व मृतक के कब्र पर जाता है। पुलिस द्वारा इस व्यक्ति को तलाश किया और उसमें मोबाईल नम्बर पता करके सर्विलांस पर लगाया गया तथा सर्विलांस से इसके घटना स्थल पर होने की पुष्टि हुई। इसी बीच पीडिता बच्ची जो उपचाराधीन थी स्वस्थ होकर बताने की स्थिति मे आ गयी। पिडिता द्वारा नजीरूद्दीन पुत्र अब्दुल अजीज अंसारी निवासी इब्राहिमपुर थाना मुबारकपुर जनपद आजमगढ़ द्वारा घटना करना बताया गया। पुलिस द्वारा अभियुक्त को घर से गिरफ्तार किया गया जिसमें अपने जूर्म को कबूला ।
अपराधी ने कैसे घटा को अंजाम दिया वो उसकी हैवानियत को दर्शाता है। अभियुक्त ने घटना वाली रात इरफान के घर मे घुसकर इरफान की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। तभी उसका पति इरफान के जग जाने से ईट से वार कर मार दिया। फिर उसी ईट से औरत को भी मार दिया और बच्चो को भी ईट से मार दिया। औरत को बेड से उतारकर दुबारा दुष्कर्म किया तथा बच्ची के साथ भी दुष्कर्म किया। उसी वक्त आलमारी में रखे एक फोटो पर नजर पडी जिसे अभियुक्त जानता था तो बच्ची से उस फोटो को दिखाकर पूछा तो बच्ची बोली यह मेरे मामू है। वह फोटो अभियुक्त के रिस्तेदार अफजाल का था। रिस्तेदारी का पता चलने पर ग्लानि हुई तो वहा से मृतका के कपडे थैली में बन्दकर खेत में फेक दिया व अपने घर आकर अपने कपडे नीम के नीचे दबा दिया और सो गया। सवेरे घटना स्थल पर जाकर विडियो बनाने लगा  । अभियुक्त ने देखा कि पुलिस का कुत्ता आ गया है जो पकड़ सकता है इस डर की वजह से वहा से अभियुक्त चुपचाप अपने घर आकर कमरे में सो गया। पकडे जाने के डर से दिन में घर से नही निकलता था, रात्रि निकलकर मृतको की कब्र पर जाकर अफसोस करता था तथा मैं पुलिस से बचने के लिए कलकत्ता जाने की तैयारी करने लगा।