हस्तरेखा और तलाक


ज्योतिषीय हस्तरेखा मे तलाक के सटीक योगों का वर्णन है। जिनमे से कुछ योग नीचे दिये जा रहे है। 
1. यदि विवाह की शाखा हृदयरेखा को काटे या छुये तो तलाक अवश्य होगा।
2. विवाह रेखा द्विजीवी हो तो तलाक या अलगाव होगा यदि प्रारंभ मे द्विजीवी हो तो विवाहोपरांत मतभेद हों तत्पश्चात पुर्नमिलन होगा अंत मे द्विजीवी हो तो विवाह के कुछ वर्ष बाद तलाक होगा।
3. चन्द्र पर्वत पर स्थित आड़ी रेखा पर द्वीप हो।
4. विवाह रेखा कई जगह से टूटी, छिन्न भिन्न हो तेा पति पत्नी मे कलह या संबध विच्छेद हो।
5. स्त्री के हाथ मे यदि मस्तक रेखा गुरू पर्वत के नीचे जीवनरेखा से अलग हो स्त्री पति से अलगाव करेगी।
6. मंगल रेखा या शुक्र पर्वत पर जीवन रेखा के समान्तर कोई रेखा अंत मे द्विजीवी हो या उस पर द्वीप हो। या विवाह रेखा पर द्वीप हो।
7. विवाह रेखा नीचे झुक कर बाहरी मंगल पर जाये दुःख व कलह पूर्ण वैवाहिक जीवन हो।
8. विवाह रेखा के अंत मे द्वीप वैवाहिक जीवन एक स्कैण्डल या कियी नाटकीय घटना का साथ बिखर जाये।
9. हृदय रेखा यदि गुरू पर्वत को पार कर जाये या गुरू रेखा अति छोटी मात्र शनि पर्वत के मध्य मे ही समाप्त हो। या हृदय रेखा शनि पर्वत के नीचे टूटे।
10. विवाह रेखा टूटे शुक्र वलय तक जाये या शुक्र वलय विवाह रेखा को काटे या स्पर्श करे तो जातक के यौन अपराधों के कारण तलाक होगा।
11. यदि गुुरू पर्वत पर क्रास हो तथा तथा अंगूठ के द्वितीय पर्व से निकल कर दो रेखायें जीवन रेखा को काटें तो दो बार तलाक हो।
12. यदि विवाह रेखा प्रांरभ मे द्विजीवी हो तलाक के मुकदमे मे फैसला जातक के पक्ष मे होगा पर यदि विवाह रेखा अंत मे द्विजीवी हो तो फैसला जातक के खिलाफ होगा। 
13. यदि शुक्र से निकलने वाली रेखा जीवन रेखा से निकलने वाली रेखा को काटे या शुक्र से निकलने वाली रेखा बुध पर्वत पर जाये या बुध पर्वत पर विवाह रेखा को काटे तो तलाक होगा।
14. यदि शनि या चन्द्र पर्वत अत्याधिक विकसित या शुक्र पर्वत धंसा हुआ हो तो तलाक होगा। 
15. शुक्र पर्वत पर द्वीप क्रास या जाल हो तो तलाक होगा।
16. विवाह रेखा सूर्य रेखा को काटे।
17. हाथ मे बहुत सी कटी रेखाओ से युत हो या हाथ मे कई जाल से हांे तो दुःखी वैवाहिक जीवन हो। या विवाह रेखा सर्पाकार हो या कोई सर्पाकार रेखा हृदय रेखा से मिले।
18. शुक्र पर्वत से निकली रेखा जीवन रेखा भाग्यरेखा को काट कर वाहृय मंगल पर पहुुचें तो तलाक हो।
19. शुक्र पर्वत से निकली रेखा भाग्य रेखा को काटे वहाँ पर द्वीप हों तो जातक के प्रेम संबध के कारण तलाक हो। या कोई रेखा शुक्र पर्वत से निकल कर प्रभाव रेखा को काटे।
20. शुक्र पर्वत से निकली प्रभाव रेखा द्विजीवी होकर भाग्य रेखा का काटे।