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राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन

शासन द्वारा प्रदेश में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं नेशनल पेंशन योजना के संचालन हेतु योजना के अनुश्रवण, मूल्यांकन तथा समीक्षा किये जाने हेतु राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया जा चुका है जिसमें अध्यक्ष मुख्यसचिव उत्तर प्रदेश शासन, सदस्य सचिव अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव श्रम विभाग तथा 20 सदस्य से अधिक सदस्य अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव आई0टी0, ग्राम विकास, पंचायती राज विभाग, आवास विभाग, परिवार कल्याण विभाग, कृषि विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, औद्योगिक विकास, शहरी नियोजन, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, मत्स्य विभाग, श्रम एवं रोजगार विभाग, सीएससी स्टेट कोआडिनेटर, एलआईसी डिवीजनल/सीनियर ब्रांच/ब्रांच मैनेजर तथा असंगठित, बीओसीडब्ल्यू, आशा, आंगनबाड़ी आदि कर्मकार व सदस्य दुकानदारों, सूक्ष्म खुदरा व्यापारियों के राज्य स्तरीय संघ आदि नामित किये गये है। 
 यह जानकारी निदेशक सूचना शिशिर व जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना के निर्देशों की जानकारी सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार ने देते हुए बताया है कि कमेटी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं नेशनल पेंशन योजना के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर जिलाधिकारी के माध्यम से आॅन लाइन पंजीकरण, जनसुविधा केन्द्रों द्वारा किये जा रहे पंजीकरणों की संख्या, कर्मकारों के योजना के सम्बन्ध मंे लक्षित पंजीकरण की गतिशिलता के सम्बन्ध में समीक्षा, आच्छादित किये जाने वाले प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, स्वास्थ्य बीमा योजना के अन्तर्गत लाभार्थियों को प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत आच्छादित किये जाने की समीक्षा आदि कई विभागों के गतिशिलता बनाये जाने के सम्बन्ध में, लोक शिकायतों के निवारण व राष्ट्रीय नेशनल योजना टेªण्डर्स को क्रियान्वित करते हुए लाभार्थियों को लाभ प्रदान किये जाने की समीक्षा, कैम्प का आयोजित कर पंजीकरण की समीक्षा के साथ ही जागरूक कार्यक्रमों आदि की समीक्षा की जानी है। 


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पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

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