अमनचैन, गंगा जमुनी तहजीब जनपद की पहचान है

भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गैरूल हसन रिजवी ने सिविल लाइन स्थित एक होटल में बताया कि उनके द्वारा सीएए पम्पलेट का वितरण आमजन में देकर जागरूक किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अल्पसंख्यक मंत्रालय द्वारा सयुक्त रूप से प्रदेश में सीएए जागरूकत के सम्बन्ध में गोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। जिसमें लखनऊ में 10 जनवरी सहित 12 जनवरी को कानपुर व काशी 13 जनवरी गोरूखपुर, 14 मेरठ, 15 जनवरी को मथुरा में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन करके लोगों को जागरूक किया जायेगा। आयोजित कार्यक्रमों राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सहित देश के अल्पसंख्यक विभाग के कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी आदि सहित कई गणमान्यजन भी भाग लेंगे। 
 राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गैरूल हसन रिजवी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है किसी की नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नही है। भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का नागरिकता संशोधन अधिनियम से कोई अहित नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जायेगी जो 31 दिसम्बर 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किए गए हों। अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था। यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वर्षो से बाहर उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि आमजनों को सीएए के बारे में जागरूक करे तथा पम्पलेट वितरित करे। उन्होंने जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना, पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई समस्त अधिकारियों व जनपद वासियों को मीडिया बन्धुओं को नववर्ष की हार्दिक बधाई देने के साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करने के साथ ही वही अधिकारियों/कर्मचारियों तथा आमजनों व मीडिया बन्धुओं का आभार प्रकट करते हुए कानून एवं शान्ति व्यवस्था को पूरी तरह से सुदृढ व दुरूस्त रही। आगे भी सभी लोगों मिलजुलकर कानून एवं शान्ति व्यवस्था को दुरूस्त रखेंगे तथा प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से सर्तक सजग रहकर पूरी तरह से मुस्तेद रहकर सरकार की मंशा को पूरा करेंगे। शान्ति व शालीनता के साथ आपसी भाईचारे व गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए समाज के जागरूक वर्ग बुद्धिजीवी वर्ग तथा जनमानस को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 सीएए के लिए जागरूक भी करते रहे। उन्होंने सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित हिन्दी, उर्दू के पम्पलेट को आमजन को वितरित भी किया।
 उन्होंने कहा कि किसी भी भारतीय को लिए सीएए अधिनियम से किसी का भी कोई नुकसान नही है। नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 कानून सिर्फ नागरिकता देने के लिए है किसी की नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नही है। भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का नागरिकता संशोधन अधिनियम से कोई अहित नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम से देश के नागरिकों की नागरिकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जायेगी जो 31 दिसम्बर 2014 से पूर्व ही भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किए गए हों। अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था। यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वर्षो से बाहर उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि आमजनों को सीएए के बारे में जागरूक करे तथा पम्पलेट वितरित करे। उन्होंने कहा कि गंगा जमुनी तहजीब जनपद की पहचान है।