दक्षिण की महिला ज्योतिषी

सुप्रसिद्ध लेखिका श्रीमती शिवानी साप्ताहिक हिन्दुस्तान में अपने एक ज्योतिष अनुभव के बारे मे लिखती हैं कि किसी योग्य ज्योतिषी की तलाश मे वह सारे भारत मे दौरा कर रहीं थीं। वे सैकड़ों ज्योतिषियों से मिली पर उन्हें संतोष नही मिला तिरूपति बालाजी मंदिर के दर्शन करके वह बाहर निकलीं अचानक उनकी नजर मद्रासी महिला ज्योतिषी के एक बोर्ड़ पर पड़ी, वे उत्सुकतावश अंदर चलीं गई उन्हें एक सांवली सी दुबली-पतली महिला नजर आई कुछ ज्योतिष की पुस्तके शिवानी ने अपनी कुण्डली उनके सामने रख दीं। वे तुरन्त बोली आप तो बड़ी अच्छी लेखिका मालूम पड़ती है। अति शीघ्र आप विदेश जायेंगीं आपकी एक संतान का विवाह है। वहां शिवानी चैंक गई बात एकदम सच थी लंदन मे विवाह तय हो गया था फिर उसने सम्पूर्ण अतीत बताया भविष्य की तीन-चार बातें ही कहीं शिवानी ने सम्पूर्ण भविष्य जानना चाहा पर उसका उत्तर था कि सारा नही केवल चार साल का भविष्य ही मैं बताती हूँ आगे बताना उचित नही है। आप तीन-चार साल बाद फिर आयें शिवानी उस महिला ज्योतिषी से अत्यंन्त प्रभावित हुयी उन्हांेने उसे 101 रूपया दिया पर उसने केवल 11 रूपये ही लिये वह बोली मेरी फीस इतनी ही है। बाकी पैसे उसने वापस कर दिये उसने अपना परिचय और फोटो देने से भी मना कर दिया।