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गौवंश केन्द्रों को प्रभावी तरीके से चलाये

जिलाधिकारी रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने विकास भवन गांधी सभागार में गोशाला से सम्बन्धित जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक करते हुए समस्त एसडीएम, ब्लाकों के विकास खण्ड अधिकारियों एवं नगर पंचायत तथा जिला पंचायत स्तर पर बन रहे गौसंरक्षण केन्द्रों समय रहते प्रभावी तरीके से संचालित करें। किसी भी दशा में गौवंश निराश्रित न घुमता मिले। समस्त अधिकारियों को कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता व लापरवाही न बरती जाये अन्य विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल कार्य को पूर्ण किया जाये उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि यह मुख्यमंत्री की अत्यन्त महात्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरते। मुख्यमंत्री द्वारा मण्डल स्तर पर होने वाली बैठकों में प्रमुख रूप से गौवंश संरक्षण केन्द्रों के बारे में जानकारी ली जाती है ऐसा न हो कि अधूरी जानकारियां देने पर मुख्यमंत्री द्वारा कोई कार्यवाही की जाये। इससे अच्छा या होगा कि समय रहते हुए अपने-अपने कार्यो के दायित्वों का निर्वहन करते हुए गौवंश संरक्षण केन्द्रों को पूर्ण करा लें और निराश्रित पशुओं को उसमें रखा जाये। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि समय-समय पर या प्रत्येक तीसरे दिन एसडीएम, ईओ, नोडल अधिकारी अपने-अपने केन्द्रों निरीक्षण करते है तथा जो भी कमियां पाई जाये उसे बाते हुए कमियों को दूर कराया जाये। 
 जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने ठण्ड को देखते हुए यह भी कहा कि पशु केन्द्रों पर गौवंश सुरक्षित रहे ठण्ड से उनका बचाव रहे इसके लिए गौवंश के इर्द-गिर्द अलाव की व्यवस्थाओं को दुरूस्त रखा जाये। उनके चारा, पानी आदि में किसी भी प्रकार कीे कोई कमी न रहे। जो गौशालय निर्माणाधीन है उन्हें शीघ्र ही पूर्ण कराकर उनमें गौवंशों को रखा जाये। उन्होंने कहा कि कस्बों में आवारा सांड घुमते मिले तो उनका बधियाकरण कराकर नियामानुसार कार्यवाही करें और जो गौवंश मिले उन्हंे गौशालयओं में पहुचाकर तथा उसका संरक्षण किया जाये।
 इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. गजेन्द्र प्रताप सिंह डीपीआरओ, मनरेगा पवन कुमार, एडी सूचना प्रमोद कुमार, समस्त एसडीएम, खण्ड विकास अधिकारी, नगर पालिका-नगर पंचायत अधिकारी एव जनपदस्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहें। 


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