जब चाहे तब बारिस

यह बात दिसम्बर 1915 के सैन डियोगी की है। सैन कौंसिल ने जल संरक्षण के लिये मौरेना बांध मे एक बहुत बड़ा जलाशय बनवाया था, जो बनने से लेकर कभी भी एक तिहाई से अधिक नही भर पाया था उन्ही दिनों चाल्र्स हेटफील्ड नामक व्यक्ति ने कौंसिल से कहा कि अगर कौंसिल उसे 10,000 हजार डालर दे तो वह अपनी विद्या से उसे पूरा भर सकता है। कौंसिल ने हामी भर दी चाल्र्स हेटफील्ड 1 जनवरी 1916 को अपने यंत्र के साथ सैन डियोगी से 60 मील पूर्व मे लैगूना की पहाड़ियो मे मौरेना की ओर रवाना हो गया वहाँ उसने 20 फुट उँचा एक लकड़ी का टावर खड़ा किया जिसके उपर उसने एक बड़ी टेª रखी और उसमे उसने अपना विशेष वाष्प खीचने वाला गुप्त रसायनिक मिश्रण डाला और प्रकृति को मथने लगा 5 जनवरी को बांध पर सामान्य बारिस हुयी 10 तारीख को सारे देश मे भारी बारिस शुरू हो गई जो लगातार 10 दिनों तक होती रही ऐसा लगा कि सैन डियोगी मे बारिस कभी भी नही रूकेगी सड़को पर पानी भर गया। व्यापार और सामान्य जनजीवन रूक गया राजमार्ग बंद हो गये रेलवे मार्ग डूब गये टेलीफोन और टेलीग्राफ सम्पर्क टूट गये नदियाँ तटीय मकानो, भवनों को डुबोते हुये उफना गयीं। इसके बाद बारिस रूक गयी सूरज निकल आया मरम्मत कार्य शुरू हो गया 26 तारीख को तूफान लौट आया सैन डियोगी बांध पर भयानक वारिस होने लगी आधी रात से झील का पानी दो फुट प्रति घंटे से बढने लगा जो बांध से 5 इंच तक पहुँच कर रूका। भारी विनाश हुआ निकट जिले का ओटे बांध फट गया पानी की 40 फुट उँची उठी दीवार ने 12 तक सब कुछ तबाह कर दिया एक  आंकलन के अनुसार 55 लोगों की जान गई 200 पुल बह गये मीलों तक सड़कें नष्ट हो गयीं 52 दिन तक रेलें रूकी रहीं। भारी भूस्खलन हुये पहाड़ो पर भी बाढों के स्थाई निशान बन गये यद्यपि हेटफील्ड ने अपना वादा पूरा किया। किन्तु नगर कौंसिल ने उसे पैसा देने से इंकार कर दिया जब तक कि वह बारिस से हुये 30 लाख डालर के नुकसान की भरपाई नही कर देता उसका एग्रीमेंट मौखिक था लिखित या कानूनी नही कौंसिल ने बारिस को ईश्वरीय कृत्य माना।  हेटफील्ड अपने दावे को कभी भी साबित नही कर सका। उसने कौंसिल पर मुकदमा भी किया जो 1938 मे पैरवी के अभाव मे खारिज हो गया अधिकंाश लोगों का मानना है कि हेटफील्ड के साथ अन्याय हुआ मुकदमे ने हेटफील्ड के सम्मान मे भारी वृद्धि की अधिकंाश लोग उसे बारिस का राजा मानते थे। सन् 1922 मे उसे केलीफोर्निया के रेगिस्तान की घाटी सेंट केनयोन मे बारिस करवाने का निमंत्रण दिया गया उसने फिर अपना चमत्कार दिखाया इतनी जोरदार बारिस हुयी कि सारी घाटी बह कर बरबाद हो गई 30 किलोमीटर तक रेल की पटरियाँ भी बह गई इसके बाद उसने 500 अलग अलग स्थानों पर भारी बारिस कराई। फिर उसने रिटायर होने का फैसला कर लिया कई लोगों और संस्थाओं ने उसके फार्मूले को पाने के लिये करोड़ों डालर की पेशकश की किन्तु उसने अंत तक अपना फार्मूला, गुप्त यंत्र व रसायनों को किसी को नही बताया उसका कहना था कि यह एक खतरनाक विद्या है। उसने 30 सालों तक युवान से ग्वाटामाला तक सूखे से रक्षा कर, फसलों को सफल वर्षा कराई लोगों की सूखे से रक्षा की व फसलों को बचाया उसने दावा किया कि वह लंदन को कोहरे से मुक्त कर देगा और सहारा रेगिस्तान को हरा भरा कर देगा। 
(फैक्टस एंड फेलेसीज, रीडर्स डाइजेस्ट)