मनहूस भविष्यवाणी

शुक्रवार, 13 दिसम्बर, 1946 की रात अमेरिका के जार्जिया के ओके केनोजी नामक दलदली इलाके मे एक महिला को प्रसव होने वाला था प्रसव के लिये एक स्थानीय समुदाय की दाई को बुलाया गया जो मूल अमरीकी निवासियों के भविष्यवाणी करने वाले पुजारी वर्ग से संबधित थी प्रसूता ने तीन लड़कियों को जंम दिया बच्चियों के परिजनों ने दाई से बच्चियों के भविष्य के बारे मे पूछा तो दाई ने अजीब सी मनहूस शापनुमा भविष्यवाणी की दाई के अनुसार बच्चियां शापित थी उसने भविष्यवाणी की उनमे से एक बच्ची 16 साल की उम्र के पहले ही मर जायेगी दूसरी 21 वर्ष के पूर्व मर जायेगी और  तीसरी 23 वां जंमदिन नही देख पायेगी दाई की पहली दो भविष्यवाणियां खौफनाक ढंग से पूरी हुयीं प्रथम पहली लड़की 1961 में 15 वर्ष की आयु मे एक भंयकर मोटर दुर्घटना मे मारी गई दूसरी लड़की 12 दिसम्बर 1967 को अपने 21 जंमदिन से एक रात पूर्व एक क्लब में गई जहाँ दो अपराधी गुटों के मध्य हुयी गोलीबारी मे मारी गई। तीसरी ने अपनी आयु के 23 वे जंमदिन के तीन दिन पूर्व वाल्टीमोर के एक अस्पताल मे खुद को भरती करने की प्रार्थना की वह बार-बार यह दोहराती थी कि वह अपने 23 वें जंमदिन के दिन मर जायेगी अपना मानसिक संतुलन खो चुकी लड़की की अत्याधिक खराब मानसिक अवसाद की हालत को देखते हुये उसे अस्पताल मे भरती कर लिया। हालांकि डाक्टरी जांच मे वह शारीरिक रूप से स्वस्थ पाई गई जहाँ अगली सुबह वह मृत पाई गई अपने 23 वें जंमदिन के मात्र दो दिन पूर्व 11 दिसम्बर 1969 को।