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पाल ब्रंटन के भृगु संहिता के अनुभव

जिनका असली नाम रेफेल हस्ट्र था 19 वीं सदी के प्रसिद्ध खोजी पत्रकार, पुस्तक विक्रेता, लेखक, अन्वेषक यात्री और आघ्यात्मिक व्यक्ति  ब्रंटन पाॅल उनका पेन नेम था जो किसी भूल वश उल्टा छप गया और मशहूर हो गया रहस्य और अघ्यात्म के प्रति आर्कर्षित होकर उन्होने मिस्त्र और भारत की यात्रा की और उन अनुभवों को समेटते हुये अनेक पुस्तके लिखीं जिनमे ए सर्च इन सीक्रेट इंडिया 1934 और ए सर्च इन एनशिऐंट इजिप्ट प्रमुख हैं। अपने स्कूली जीवन से उन्हें भारत के प्राचीन ज्ञान, संतो और उनके चमत्कारों के प्रति गहरी जिज्ञासा थी एक जाडे की रात एक पुरानी पुस्तक के विक्रेता की दुकान मे उनकी भेंट एक भारतीय संत से हुयी है। उसके बाद 1930 मे वे भारत आये और देश के अनेेक संतो, मुनियो, तांत्रिको, ज्योतिषियों और जादूगरों से मिले। जनवरी 1931 में वे महर्षि रमन से मिले। बाद मे महर्षि रमन से कई बार पुनः मिले और महीनों उनके आश्रम मे रहे। अपने अनुभवों पर उन्होनेे 1934 में एक पुस्तक ए सर्व इन सीक्रेट इंडिया लिखी इसी दौरान अप्रैल 1930 में उनकी भेंट बनारस के प्रसिद्ध भृगु ज्योतषी सुधी बाबू से हुयी जिसका विवरण उन्होने अपनी पुस्तक के 12 वे अध्याय मे दिया है। किस्सा कुछ इस प्रकार है। कि अप्रैल 1930 मे जब वे बनारस मे नाव द्वारा गंगा  नदी की षैर कर रहे थे तो उनकी मुलाकात बम्बई के एक सफल व्यापारी से हुयी जिसने उन्हें अपनी व्याापारिक सफलता और जीवन की अन्य घटनायें के संदर्भ मे बनारस के चमत्कारी ज्योतिषी सुघी बाबू जिक्र किया पाॅल ब्रंटन की प्रार्थना पर वह उन्हें बनारस कर तंग गलियों के निवासी सुधी बाबू के पास ले गया जहां उनकी मुलाकात अति कृषकाय, निर्बल ज्योतिषी सुधी बाबू से हुयी जो चैदह कमरे वाले ेदुमंजिले पुराने मकान में रहते थे उन्होने अपने जीवन की सम्पूर्ण पूंजी लुटा कर धर्म, अध्यात्म तथा ज्योतिष के लाखों ग्रन्थों, पाण्डूलिपियों का संग्रह किया था उन्होने पाॅल ब्रंटन की जंम पत्री बना कर उनके गत जीवन की सात भविश्यवाणियां की जिनमे से पांच सत्य थी एक भविष्यवाणी तो उनकी बताई तारीख पर ही घटित हुयी थी ज्योतिषी ने उन्हें बताया कि तुम पच्छिम के एक लेखक हो और गुढ विद्याओं में तुम्हारी गहरी रूचि है। तुम्हारा एक बेटा है। तुम्हारी मां बचपन मे मर गई थी, तुम्हारे पिताने दो शादी की थी। तुम कई पुस्तकों के लेखक होगे। तुम्हारी मृत्यु पानी के जहाज टूट जाने से होगी शीघ्र ही तुम्हें ज्योतिष और गुढ विद्याओं का ज्ञान प्राप्त होगा उन्होने बताया कि मै तुम्हारा भविष्य महर्षि भगु द्वारा रचित पुस्तक ब्रह्मचिन्ता के आधार पर बता रहा हूँ। तो तिब्बत मे था और इसे काफी गुप्त रखा गया था यह ग्रन्थ लाखों पन्नों मे है। इसें 12 उपविभाग हैं। जिसें कुछ हजार पन्ने मेरे पास है। उन्होने 20 वर्षों तक देश के विभिन्न प्रान्तों मे आदमी भेज कर भारी 
धन खर्च करके खर्च करके इसका सग्रह किया है।
 पाॅल ब्रंटन का जंम 21 अक्टूबर 1998 को वृश्चिक लग्न  में लंदन के ग्रामीण क्षेत्र मे हुआ था और 27 जुलाई 1981 में उनका देहान्त हो गया उनकी जंम पत्री इस प्रकार है। लग्न वृश्चिक-शुक्र-17 अंश, शनि-17अंश
 धनु-चन्द्र-18 अंश, राहू-19 अंश, मिथुन मे केतु, कर्क मे मंगल- 4 अंश, कन्या में गुरू-29 अंश, तुला मे सूर्य-5 अंश, बुध-6 अंश। उनकी कुछ प्रसिद्ध पुस्तकें ए सर्च इन सीक्रेट इंडिया, दि सीक्रेट पाथ, ए सर्च इन सीक्रेट इजिप्ट, ए मैसेज फ्राम अरूणाचल, डिस्कवर योर सेल्फ, इंडियन फिलाॅसफी एड माॅर्डन कल्चर हैं। 
 


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