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राज्य महिला की सदस्या ने महिला जन सुनवाई किया

झांसी। राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की सदस्या डा. कंचन जायसवाल ने सर्किट हाउस के सभागार में महिला जन सुनवाई  की अध्यक्षता करते हुए कुल 9 मामले सुने। सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए उन पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर ऐसे मामले आते हैं तो उन पर प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि पीड़ित महिलाओं को उचित न्याय दिलाया जा सके।
डा. कंचन जायसवाल ने महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, स्कूलों में हो रहे मानसिक शोषण, पारिवारिक मामलों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और प्रभावी कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई हेतु निर्देशित भी किया। महिला जन सुनवाई में शिकायतकर्ता ने दबंगों द्वारा दुकान पर उत्पात मचाने के संबंध में शिकायती पत्र देते हुए बताया कि कि मेरे पड़ोसी दुकानदार मुझे दुकान नहीं चलाने देते हैं और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मुझे प्रताड़ित करते हैं। इस पर सदस्या जी ने सीओ सिटी को मौके पर जांच करने के आदेश दिए। इस सुनवाई के दौरान पीड़ित महिला ने अपने ससुराल में हो रहे उत्पीड़न के संबंध में शिकायत पत्र देते हुए बताया कि कि मेरे पति अपने साथ रखने से मना कर रहा है और मुझे खर्चा पानी भी नहीं देता है। मेरी सास ने मेरे जेठ के नाम मकान कर दिया और मुझे घर से बाहर निकाल दिया। इस शिकायत पर सदस्य जी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि इस समस्या के निराकरण हेतु स्वयं मानिटरिंग करें और ससुराल वालों को बुलाकर काउंसलिंग के माध्यम से इस मामले की जांच करके मुझे अवगत भी कराएं।
जनसुनवाई में एक पीड़ित महिला अध्यापिका ने सदस्य जी को अपने विद्यालय में हो रही मानसिक शोषण के संबंध में शिकायती पत्र देते हुए बताया कि मुझे एडिट स्कूल मैं प्रधानाचार्य द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर  सदस्य जी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पीड़ित अध्यापिका के संबंध में तुरंत कार्रवाई को कहा, तो इस पर  जिला विद्यालय निरीक्षक कोमल सिंह यादव ने सदस्या को बतलाया है कि पीड़ित अध्यापिका को जीआईसी मऊरानीपुर में अटैच किया जा रहा है और नियमानुसार कार्यवाही करने के बारे में भी बताया। 
महिला जन सुनवाई में एक शिकायत मकान का बैनामा दबंग पड़ोसी के द्वारा करवा लेने की शिकायत के संबंध में आयी। इस पर सदस्या जी ने शिकायतकर्ता को बताया कि यह  सिविल मामला है और यह कोर्ट के अधीन होता है। उन्होने कहा कि इस जन सुनवाई में महिला के साथ में कोई उत्पीड़न हो या परिवारिक कोई हिंसा हो तो इस जन सुनवाई में आपकी शिकायत का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। पीड़ित महिला ने अपने विद्यालय में समायोजन की कोई कार्यवाही ना होने की शिकायत भी की और बताया कि ग्राम प्रधान और स्कूल के स्टाफ द्वारा मेरा मानसिक शोषण किया जा रहा है जिससे मुझे बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर सदस्य ने शिकायत पर पीड़ित महिला को सुझाव देते हुए बताया कि आप पहले हिम्मत करके ग्राम प्रधान और स्कूल के स्टाफ के खिलाफ शिकायत. करें। जिससे संबंधित दोषियों के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो सके।
एक पीड़ित महिला ने इस जन सुनवाई में अपने पति की मौत के बाद ससुराल जनों द्वारा पीड़ित किए जाने के संबंध में शिकायत की और बताया कि मेरे पति पीआरडी के जवान थे और और मेरे ससुर ने उनके हिस्से की जमीन मुझे नहीं दी। इस पर  सदस्य ने डीपीआरओ को  पीआरडी के अधिकारी से बात करने को कहा। डीपीआरओ ने पीआरडी के अधिकारी धर्मेंद्र कुमार जी से बात करते हुए इस मामले में बात करते हुए जानकारी कि पीआरडी जवान की मृत्यु के बाद उनको क्या विभाग द्वारा कोई लाभ मिलता है तो इस पर पीआरडी अधिकारी ने बतलाया है कि पीआरडी जवान की मृत्यु के उपरांत उसके परिवारजनों को सहायता अनुदान राशि मिलती है, लेकिन बदले में नौकरी नहीं मिलती। महिला जन सुनवाई में घरेलू हिंसा के मामले में पीड़ित महिला ने जान से मारने की धमकी और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत भी की गई और उसके पति द्वारा दूसरी महिला से अवैध संबंध भी रखे जाने की शिकायत भी की। इस पर सदस्य डां कंचन जायसवाल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि इस मामले मैं उसके ससुराल जनों को बुलाकर काउंसलिंग कराई जाए और वह उचित जांच करा कर मुझे भी अवगत कराएं। महिला जन सुनवाई के उपरांत सदस्य डा. कंचन जायसवाल ने सुमंगला योजना की भी समीक्षा की। महिला जन सुनवाई आभार जिला प्रमुख प्रोबेशन अधिकारी के द्वारा व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर सीओ सिटी संग्राम सिंह, एसीएम वान्या सिंह सहित अन्य अधिकारीगण एवं प्रियंका गुप्ता, रजनी के साथ अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे। 


 


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