रेप ज्योतिष के आयने में

रेप एक आदिम मानसिक विकृति है। जिसमे कोई व्यक्ति अनियंत्रित कामवासना के आधीन होकर बिना सोचे-विचारे किसी भी जाति, धर्म, उम्र ,मर्यादा या संबधों की परवाह किये किसी महिला के साथ जबरन सहवास करता है। हाँलाकि ज्योतिष मे इस विषय पर साहित्य ना के बराबर है। कुछ पाश्चात्य विद्वानों ने इस विषय पर अवश्य कुछ शोध किया है। लेख मे आगे रेप के कुछ ज्योतिष सूत्रों के साथ कुछ रेपिस्टों और रेप के षिकार महिलाओं के जमांक भी दिये जा रहे है। जो लाभकारी सिद्ध होंगें।
 रेप के ग्रह योग-मंगल पुरूष का प्रतीक है। जो बुघ की राषि मे क्रूर, बलात्कारी व हत्यारा तक बनाता है। बुध मंगल का कटट्र दुश्मन है। बुघ बलात्कार की शिकार महिला का प्रतीक है। और रेपिस्ट की कुण्डली मे बुघ की राशि मे गया ग्रह बलात्कार की शिकार महिला को बताता है। रेप मे मंगल, शुक्र, नेप्चून व प्लूटो, राहू व केतु ग्रहों, मिथुन, कन्या, तुला, वृश्चिक व कुंभ राशियों, बली अष्ठमेश तथा निर्बल व पापग्रस्त गुरू व बुध की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिला की कुण्डली मे मंगलगत राशि से बलात्कारी का ज्ञान होता है।
1. स्त्री जातक मे आठवें भाव मे मिथुन राशि मे वक्री मंगल रेप कराता है।
2. स्त्री जातक मे नीच का बुध मंगल राहू से युत हो तो महिला से बलात्कार होता है।
3. मंगल मिथुन या कन्या राशि मे पापयुत या पाप दृष्ट हो तो महिला से बलात्कार होता है।
4. बुध, अस्त, शत्रु राषिगत हो कर राहू से युत व दृष्ट हो तो महिला बलात्कार की शिकार होगी।
5. बुघ मंगल की मेष या वृश्चिक राशि मे हो। या बुघ और मंगल मे राशि परिवर्तन हो।
रेपिस्ट के योग-
1. शुक्र अति निर्बल व पापग्रस्त होकर शनि से युत या दृष्ट हो।
2. शुक्र हिंसक राशि मे (मेष, मकर) मे हो और उस पर मंगल या यूरेनस की दृष्टि हो और इन पर शनि की दृष्टि हो तथा वृश्चिक राशि मे प्लूटो हो जिस पर शनि की दृष्टि हो तो जातक रेपिस्ट हो। 
3. यदि 8 वें भाव मे राहू, मंगल की युति हो तो। 
जातक अप्राकृतिक मैथुन, रेप व कोल्ड ब्लडड मर्डर करे।
रेप की शिकार महिलाओं के जमांक:-
1. 9 अक्टूबर 1961 समय- 2.12 (रात्रि) लखनऊ।
वृश्चिक लग्न मे नीच का चन्द्र, मकर मे सूर्य, शनि, गुरू, कुंभ मे बुध, मीन मे षुक्र, मिथुन मे मंगल वक्री, सिंह मे राहू, कुंभ मे केतु। 14 वर्ष की आयु मे 1974 उसके टयूटर ने इस महिला के साथ रेप किया।
2. फूलन देवी- मीन मे शुक्र, बुध, मंगल, मेष मे सूर्य, राहू, वृष मे गुरू व शनि, तुला मे केतु और वृश्चिक मे चन्द्र। बुध लग्न मे नीच का होकर मंगल है। तथा राहू उससे द्वितीय है।
3. बालक स्काट- 4 सितम्बर 1958। शाम- 5 बजे, न्यूयार्क। एक पडौसी सैक्स मैनिएक ने 9 जून 1965 को इस बालक का अपहरण करके इसके साथ दुष्कर्म किया। समय पर चिकित्सा मिलने के कारण स्काट की जान बच गई। तुला लग्न मे गुरू, वृश्चिक मे शनि, मीन मे केतु, वृष मे मंगल, चन्द्र, सिंह मे सूर्य, शुक्र, बुध, कन्या मे राहू।
4. महिला- 24 फरवरी 1974, रात्रि- 10 बजे स्थान-गलोरिया, ब्राजील। तुला लग्न धनु मे राहू, मकर मे शुक्र, कुंभ मे सूर्य, गुरू, मीन मे चन्द्र, बुध वृष मे मंगल, मिथुन मे केतु व शनि।
5.महिला- 
6. महिला- 29 जून 1945। शाम- 4ः 30, नार्थ कैरोलिना, यू. एस. ए.। वृष लग्न कुंभ नवांश, मिथुन मे सूर्य, राहू, बुध, शनि सिंह मे गुरू, तुला मे चन्द्र, धनु मे केतु, मेष मे मंगल व शु़क्र।
7. महिला- 8 अक्टूबर 1974। दिन मे 12ः 30, साओ पोलो, ब्राजील। मकर लग्न, कंुभ मे वक्री गुरू, वृश मे केतु, मिथुन मे चन्द्र व षनि, कन्या मे  षुक्र, मंगल, सूर्य, तुला मे बुध व वृष्चिक मे राहू।
9. महिला- 29 दिसम्बर 1945। सांय- 5ः 16, साओ टोम। धनु लग्न मे सूर्य, केतु, षु़क्र, मिथुन मे षनि व राहू, कर्क मे मंगल, तुला मे चन्द्र व गुरू, वृष्चिक मे बुध।
10. महिला- 1 सितम्बर 1964। 11ः 20 रात्रि। ब्राजील, वृश लग्न मे गुरू, मिथुन मे चन्द्र, मंगल, राहू, कर्क मे षुक्र, सिंह मे सूर्य व बुध, धनु मे केतु, कुंभ मे षनि।
रेपिस्ट के जमांक-
1. चाल्र्स शोभराज- 6 अप्रैल 1944। समय- 1ः 20 दोपहर, नई दिल्ली, मिथुन लग्न मंगल, कर्क मे गुरू व राहू, कन्या मे चन्द्र धनु मे केतु मीन मे सूर्य, षुक्र मेश मे बुघ वृश मे षनि।
2. बलात्कारी तथाकथित सन्त आसाराम बापू- 17 अप्रैल 1941। समय-12ः 41 दिन मे। स्थान- सिंध पाकिस्तान। कर्क लग्न मे प्लूटो, कन्या मे राहू, नेपचून धनु मे चन्द्र, मकर मे मंगल मीन मे बुघ, केतु, मेश मे सूर्य, षनि, षुक्र व गुरू।
3. रिचर्ड स्पीक- 6 दिसम्बर 1943। समय- 12. 41, दोपहर, षिकागो। 13 जुलाई 1966 की रात 10ः 30 बजे जातक नर्सांें के हाॅस्टल मे घुस गया उसने चाकू से 8 नर्सों की हत्या की। और एक के साथ रेप किया। कुंभ लग्न मे केतु, मीन मे मंगल, वृश मे  वक्री गुरू व वक्री षनि, मिथुन मे चन्द्र, सिंह मे राहू, वृष्चिक मे सूर्य व बुध, मकर मे षुक्र।