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सपेरों का परिवार जस का तस नहीं पहुंच पा रही सरकारी योजनाएं

रायबरेली। कहने को तो वीआईपी क्षेत्र है एक समय उद्योगों की भरमार हुआ करती थी फिर भी सोनिया गांधी के अथक प्रयासों से रायबरेली में कोच फैक्ट्री जैसी बेहतरीन फैक्ट्रियां मौजूद है लेकिन उनका नाता आम जनता से नहीं या यह कह दिया जाए रोजगार उस आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है जो स्थानीय निवासी है। रायबरेली में सपेरों का एक खास गांव है जो आज भी अपने रोजी रोजगार के लिए साँप पर निर्भर करते हैं उन्हीं के आश्रय उनकी जीवन का चक्र चलता है और अपने घर परिवार को 2 जून की रोटी दे पाते हैं उसके लिए वह जिले भर में सांपों का प्रदर्शन करते हैं। चिंता का विषय भी है साथ में उन तमाम सरकारी योजनाओं पर सवालिया निशान भी!
जैक्स विश ने की पहल कैसे इन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए!
जैक्स  विश के फाउंडर अर्पित यादव ने गणतंत्र दिवस के पावन मौके पर सपेरों के उस गांव में पहुंचकर उनके साथ गणतंत्र दिवस मनाया। उनको समझाया कि सरकार की तमाम योजनाएं हैं जिनके जरिए आप जीवन में बदलाव ला सकते हैं। सरकार पूरी मदद कर रही है इस पर वह लोग पूरी उम्मीद के साथ अर्पित यादव की टीम को देखने लगे। अर्पित यादव ने कहा चुकी सांप की जिंदगी जंगलों में होती है उन्हें मुक्त कर दें इसलिए उन्होंने कहां आप लोगों के लिए हमने प्रोजेक्ट मुक्ति शुरू किया है जिसके जरिए वह इन बेजुबान सर्पों को छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़े उसके लिए आप लोग जीवन यापन करने के लिए छोटे-छोटे बिजनेस से शुरुआत करें जिसमें ऐसी दुकान है जिसमें लागत भी कम हो और फायदा भी अच्छा हो वह करने की कोशिश करें। उसके लिए उनकी टीम और जनपद के जाने-माने लोग सामने आएंगे और मदद करेंगे ताकि आपके जीवन में सुधार आ सके और आपके बच्चे इस पेशे से हटकर समाज के लिए और देश के लिए कुछ नया कर सकें। इस पर सपेरों ने कहा अगर हमें मार्गदर्शन मिला तो वह अपने बच्चों को तालीम भी देना चाहेंगे और इस धंधे को बंद कर जिंदगी को नए सिरे से जीने की कोशिश करेंगे। मीडिया से बात करते हुए अर्पित यादव ने कहा जनपद से सहयोग की अपेक्षा है सामाजि दायित्व का निर्वहन करना भी हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है इसलिए इस 71 में गणतंत्र दिवस हम लोग कुछ नया कर सकें यही उन लोगों की प्राथमिकता है और समाज के लिए तथा देश के लिए फर्ज भी। सनद रहे जैक्स विश घायल जानवरों के उपचार और उनके रेस्क्यू के लिए जानी जाती है जो पूरे रायबरेली और उसके साथ अन्य जनपदों में विख्यात हो चली है। अर्पित यादव की बातें सुनकर वह लोग राजी तो हुए लेकिन उन्होंने कहा हमें सरकार की कोई योजनाओं की जानकारी नहीं है। सपेरों का कहना है वह अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देना चाहते हैं लेकिन जानकारी ना होने के अभाव में वह भी सपेरे बनकर जैसे तैसे जीवन यापन कर रहे हैं।
22 सौ घायल जानवरों का सफलतापूर्वक इलाज कर चुकी है जैक्स विश टीम
अर्पित यादव ने बहुत ही सूझबूझ के साथ अपनी टीम बनाई उसके जरिए वह घायल जानवरों का उपचार करते है जो आम जनमानस के भरोसे समाज में पल रहे हैं लेकिन जब समाज ही उनकी देखभाल ना करें तो फिर टीम को अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। खासकर घायल देसी कुत्ते, बैल, सांड, गधे, घोड़े, जिनको देखकर समाज मुंह मोड़ लेता है शायद उस सामाजिक ताने-बाने से कोई लेन-देन नहीं रह गया है जो इन बेजुबान जानवरों का इलाज कर सकें। अर्पित यादव के साथ जनपद का युवा इकट्ठा होकर अपने पैसों से अपनी मेहनत से उन असहाय जानवरों का इलाज करता है जो घायल पड़े रहते हैं। खासकर उन में युवा विद्यार्थी हैं डाक्टर हैं वकील है जाने-माने पत्रकारों के चेहरे हैं इंजीनियर हैं शिक्षक हैं। जो इंसानियत के सपने को साकार कर रहे हैं संदेश भी दे रहे हैं जीवन अकेले नहीं जिया जाता यदि आप दूसरों के काम ना सके आपका जीवन व्यर्थ है।
सोशल मीडिया के साथ उनके व्यक्तिगत नंबर पर भी दे सकते हैं घायलों की जानकारी
अर्पित यादव ने इस काम के लिए और अपनी टीम के लिए एक वेबसाइट बनवाई है जो जैक्स विश के नाम से है। साथ में फेसबुक इंस्टाग्राम पर अकाउंट है जो जैक्स विश के नाम से है उन्होंने बताया जब किसी को भी कोई घायल जानवर की जानकारी देना हो या उनके साथ जुड़कर सेवा भाव से मदद करना चाहते हो या फिर डोनेशन के रूप में आर्थिक मदद हो वह उनसे संपर्क करके ऐसा कर सकते हैं। उसके लिए अर्पित यादव का मोबाइल नंबर ़918577007325 है जिस जानकारी ली जा सकती है जो व्हाट्सएप पेटीएम पर भी उपलब्ध है।



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