सर्वोदयी नेता कृष्ण चन्द्र सहाय का निधन

चम्बल घाटी शान्ति मिशन के वरिष्ठ गाँधीवादी कार्यकर्ता तथा गोवा मुक्ति आंदोलन के स्वतन्त्रता संनानी कृष्ण चन्द्र सहाय का अभी हाल ही में निधन हो गया। उनकी आयु 85 वर्ष थी। उनका जन्म कानपुर जिले अकबरपुर में एक निर्धन परिवार में हुआ था तथापि उनके जीवन में समाजवादी नेता डा. लोहिया, अनीश्वरवादी देव समाज के स्वामी निर्भयानन्द जी तथा गंाधीवादी नेता श्री करण भाई का विशेष प्रभाव था। स्वं सहाय जी सोशलिस्ट पार्टी में रहकर कई बार जेल गये। फिर राजनीति से मोह भंग हुआ और गाँधीवादी आन्दोलनों में लग गये। वर्ष 2014 में राजस्थान सरकार ने उन्हें गोवा मुक्ति आंदोलन का स्वतन्त्रता सेनानी घोषित किया था।
 स्वं सहाय जी की सन 1960, 1972 एवं 1976 में चम्बल घाटी के दस्युओं को आत्मसमर्पण कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही। चंदन तस्कर वीरप्पन का समर्पण कराने का प्रयास किया था। स्वं सहाय जी बचपन से ही अनीश्वरवादी हो गये थे, इसलिए मृत्युपूर्व लिख गये थे कि कर्मकाण्ड से मुक्त होकर मेरा मृत शरीर मेडिकल कालेज को दान कर दिया जाये, जिसके लिए वह क्रमशः आगरा तथा जयपुर में देहदान का संकल्प पत्र भर गये थे। उनकी इच्छानुसार उनका देहदान जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय में कर दिया गया है। स्वतन्त्रता सेनानी के नाते उनका राज्य सरकार राजस्थान की ओर से गार्ड आॅफ आॅनर किया गया, इस अवसर पर प्रदेश के अनेकों वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, नेतागण आदि शामिल हुए।