सती माता द्वारा भविष्यवाणी

19वीं सदीं में मध्य प्रदेश के सागर जिले मे देवरी नामक एक मराठा रियासत थी उसके पड़ोस मे गढाकोटा रियासत थी जिसके राजा मर्दन सिंह थे उनका जालिम सिंह नाम का एक क्रूर नालायक भतीजा था जिसने पांच हजार सिपाहियों की एक निजी सेना बना रखी थी उसने फरवरी 1813 मे देवरी राज्य पर अचानक हमला कर दिया और देवरी के सभी द्वारों पर कब्जा कर लिया उस वक्त दुर्भाग्यवश कुछ लोगों के बागों मे अचानक आग लग गई। पिछलें छह माह से बारिश ना होने के कारण सारे पेड़, पौधे, झाड़ व झंकाड़ सूखे हुये थे आग भयानक रूप से चारों ओर फैल गइ्र्र। देवरी के राजकुमार श्रीमंत रामचन्द्र राव उन दिनों बच्चे थे आग तेजी से राजमहल व किले मे पहुँच गई और गोले बारूद के भंडार मे आग लग गई जिसकी आग मे राजा और सारा राजपरिवार जलकर मर गया रानी अपने पुत्र श्रीमंत को गोद मे लेकर भागी किन्तु ठोकर खा कर गिर पड़ीं और भीषण चोट लग जाने के कारण तत्काल उनकी मृत्यु हो गई, श्रीमंत की जान खतरे मे देखकर श्रीमंत की आया तुलसी कुर्मी उन्हें लेकर किले के बाहर बहने वाली सोनार नदी की दिशा मे भागीं। तभी उन्हें एक मारवाड़ी व्यापारी हरिराम मिल गये जिनके घोड़े पर बैठकर आया, श्रीमंत व हरिराम ने नदी पार की नदी पार कर तुलसी ने प्राण त्याग दिये हरिराम ने श्रीमंत को गौर झामर मे अपने एक मित्र के यहां सुरक्षित पहुँचा दिया देवरी के बचे लोगांे की एक टोली किले के नीचे सोनार नदी तट पर जमा हो गई थी वहां देवरी के एक मृत योद्धा की पत्नी सती हो रही थी लोगों ने देवी सती माता से पूछा कृपया बताइये देवरी का भविष्य क्या होगा उसने कहा भयानक। चार घंटे पूरे होने के पहले ही जान जाओगे। ऐसा ही हुआ चार घंटे से भी कम समय मे पूरी देवरी जल कर खाक हो गई। पच्चीस हजार लोग आग मे जल मरे।
(साभार- रेम्बलस एंड रिकलैक्शन आफ एन इंडियन आॅफिशयल, सन 1844, लेखक- मेजर जरनल विलियम हेनर स्लीमैन, 19 वीं सदी मे भारत मे नर्मदा क्षेत्र व मध्य भारत के नरसिंहपुर जिले के कलेक्टर व खुंखार हत्यारे ठगों के समूल उन्मूलन के नायक।