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विश्व एकता सत्संग तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया


शहीद नयाब सुबेदार शिव कुमार पाल, शहीद वासुदेव शर्मा, प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. डी.पी. पाल, वैज्ञानिक तथा कैरियर सलाहकार स्व. श्री टी.एन. पाल जी, स्व. सुश्री उर्मिला पाल, एडवोकेट, शिक्षाविद् स्व. श्री राम सुमेर पाल, युवा चिन्तक स्व. श्री सागर पाल एवं स्व. श्रीमती शान्ति पाल 'प्रीति' की पावन स्मृति में विश्व एकता सत्संग, मेधावी छात्र सम्मान तथा संयुक्त श्रद्धांजलि-पुष्पांजलि सभा का बड़े ही आध्यात्मिक एवं शैक्षिक वातावरण में सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (विशाल खण्ड-2) के आॅडिटोरियम लखनऊ में विभिन्न संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता आर.डी. पाल, पूर्व लोकपाल, विद्युत विभाग, उत्तर प्रदेश ने की। 
 समारोह का शुभारम्भ शहीद शिव कुमार पाल के पिता केप्टन टी.आर. पाल द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। सत्संग की संयोजिका श्रीमती वन्दना गौड़ ने दिवंगत आत्माओं की प्रगति के लिए सभी को दो मिनट का मौन धारण कराया। समारोह का संयोजन-संचालन प्रदीप जी, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक, समर्थक विश्व परिवर्तन मिशन द्वारा किया गया। सभी ने शहीदों तथा दिवंगत के चित्रों के समक्ष अपनी भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की। विश्व एकता सत्संग से समारोह का प्रारम्भ हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे प्रसिद्ध केब सिंगर विनोद जी शर्मा तथा संगीत शिक्षकों की संगीत मण्डली ने प्रेरणादायी भजनों तथा देश भक्ति-विश्व भक्ति गीतों को सुनाकर सभी को भक्ति भाव तथा जोश से भर दिया। कर्णप्रिय भजनों में 'सुख के सब साथी, दुख में न कोय', 'इतना शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कम न हो', हे राम हे राम, जग में सचा तेरो नाम आदि विनोद जी द्वारा विशेष रूप से गाये गये। 
 मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए डा. भारती गांधी ने विशेषकर माता-पिता को अपने बच्चों के लिए अपने घरों में वैज्ञानिक तथा विश्वव्यापी दृष्टिकोण विकसित करने का वातावरण बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज जय जगत के नारे तथा विश्व एकता की शिक्षा बहुत जरूरी है। 21वीं सदी में पृथ्वी एक देश है तथा हम सभी उसके विश्व नागरिक है, यह संदेश सारी दुनिया में फैलाने की आवश्यता है। डा. गांधी ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होलकर अपने समय की एक महान शासिका थी। उन्होंने अपने जीवन के द्वारा 'सबका भला - अपना भला' के सिद्धान्त की सीख दी थी। विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे प्रसिद्ध शिक्षाविद् डा. जगदीश गांधी ने कहा कि आज की उद्देश्यविहीन शिक्षा ने बालक का कनेक्शन ईश्वर से काट दिया है, बालक ऐसी स्थिति में अज्ञानता में चला जाता है और उसकी सबसे बड़ी सम्पत्ति अंतरिक संघर्ष बन जाता है। शिक्षा को गुणात्मक बनाकर बालक को अज्ञानता के अंधेरे से निकाला जा सकता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को ईश्वर एक है, धर्म एक है तथा मानवता एक है कि शिक्षा देने की परम आवश्यकता है। 
 विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. परशुराम पाल ने इस अवसर पर कहा कि प्राइमरी शिक्षा की व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी को नूतन वर्ष 2020 की हार्दिक बधाइयाँ देते हुए कहा कि हमें नूतन वर्ष 2020 में जय जगत का नारा बुलन्द करने का संकल्प लेना चाहिए। संयोजक प्रदीप जी ने इस अवसर पर कहा कि युद्ध के विचार मनुष्य में सबसे पहले उसके मस्तिष्क में पैदा होते हैं इसलिए एकता तथा शान्ति के विचार उसके मस्तिष्क में ही रोपने होंगे। शान्ति के विचार मनुष्य को देने के लिए सबसे श्रेष्ठ अवस्था बचपन है। उन्होंने कहा कि हमें दुनिया से युद्धों, आतंकवाद तथा गरीबी को सदैव के लिए खत्म करने के लिए वैश्विक लोकतांत्रिक व्यवस्था (विश्व संसद) का गठन शीघ्र करना चाहिए। दुनिया को परमाणु बमों से नहीं वरन् प्रभावशाली अन्तर्राष्ट्रीय कानूनों से चलाया जाना चाहिए। वोटरशिप, विश्व सरकार, विश्व नागरिकता तथा विश्व न्यायालय का गठन करना युग की सबसे बड़ी मांग है।  
 इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि के रूप में पधारी प्रसिद्ध शिक्षाविद् डा. भारती गांधी, संस्थापिका-संचालिका सिटी मोन्टेसरी स्कूल, आर.डी. पाल, पूर्व लोकपाल, विद्युत विभाग, उत्तर प्रदेश, प्रो. परशुराम पाल, वैज्ञानिक सी.एल. पाल, श्रीमती शची पाल, एडवोकेट, श्रीमती किरन पाल, प्रधानाचार्या, सरकारी जूनियर हाई स्कूल आदि ने प्रसिद्ध शिक्षाविद् डा. जगदीश गांधी द्वारा लिखित प्रेरणादायी पुस्तक देकर तथा मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के पुरस्कृृत छात्र-छात्राओं में प्रियंका सिंह, आराधना पाल, आकांक्षा पाल, समृद्धि बघेल, कोमल, मान्या मिश्र, शिफा अहमद, अनुष्का पाल, तुषार रावत, प्रीती गौतम, प्रीती राव, अक्षय रावत, सचिन पाल, प्रिया राव, मंजू यादव, शिल्पी, नैन्सी, सुमित कुमार, प्रियासी तिवारी, आकांक्षा सिंह, जीतेन्द्र, रूपेन्द्र साहू, शिवम पाल, सुमित अवस्थी, शुभम, विक्की वर्मा, वीरेन्द्र कुमार , अमर प्रसाद, सोनू तिवारी, संजय सिन्हा, इमरान, अनुज सविता, तुषार, आंचल सिंह तथा सत्यम मोदी शामिल हैं। मीडिया क्षेत्र से वरिष्ठ पत्रकार संजीव कुमार शुक्ला, डी. एन. वर्मा, पृथ्वी पाल, राम सागर पाल तथा अशोक कुमार पाल को सम्मानित किया गया। 
 समारोह में इं. लल्लू पाल, श्रीमती फूलमति पाल, ललिता पाल, श्रीमती उमा सिंह, इं. हरेन्द्र पाल, श्रीमती लक्ष्मी पाल, श्रीमती रमा गांधी, रामराज गांधी, जगजीवन प्रसाद पाल, विक्रम पाल, राष्ट्रीय उदय पार्टी, अमर सिंह, विश्व एकता सत्संग, विजय कुमार पाल, अध्यक्ष, अखिल भारतीय पाल महासभा, सुरेश पाल एवं महेश पाल, संस्थापक-प्रबन्धक, महारानी अहिल्या बाई होलकर विद्यालय, गोमती नगर, एकता पाल, विश्व पाल, संदीप पाल, एस.के. पाल आदि ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर समारोह को सफल बनाया।
 प्रसिद्ध समाजसेवी आर.डी. पाल ने अपने अध्यक्षकीय भाषण में सभी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि पारिवारिक एकता ही विश्व एकता की आधारशिला है। पारिवारिक एकता एक मजबूत ईट के समान है जिसकी एक-एक ईट से मजबूत भवन रूपी समाज का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसके उपयोग के द्वारा विश्व को बदला जा सकता है। 
 समारोह के आयोजक इस प्रकार हैं - विश्व परिवर्तन मिशन, लखनऊ (भारत), पाल-बघेल महिला महासभा, उ.प्र., महारानी अहिल्याबाई होलकर विद्यालय, गोमती नगर, लखनऊ, रानी अहिल्या बाई होलकर पब्लिक स्कूल, लौंगाखेड़ा, तेलीबाग, अखिल भारतीय पाल महासभा एवं पाल-बघेल-धनगर पब्लिक चेरिटीएबल ट्रस्ट सहित सोशल मीडिया, न्यूज पोर्टल, फेसबुक, वाट्सअप, टयूटर ग्रुपों के बन्धुगण द्वारा किया गया। 



 


 


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