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अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वार

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में ही उनके लापता होने के पोस्टर लगे हैं। आजमगढ़ में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और नागरिकता जनसंख्या रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में महिलाओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर अखिलेश यादव की चुप्पी पर पोस्टर के द्वारा निशाना साधा गया है। जिसको लेकर राजनीति गरमा गई है एक तरफ सपा में पुलिस की कार्रवाई पर सरकार को घेरा तो ही कांग्रेस ने सपा मुखिया व आजमगढ़ सांसद अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वार शुरू कर दिया है। 
आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज के जोहर पार्क में सीएए और एनआरसी के विरोध में मुस्लिम महिलाओं पर लाठीचार्ज को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने ही संसदीय क्षेत्र में लोगों के निशाने पर हैं। इस मामले में उनकी चुप्पी और आजमगढ़ से दूरी को लेकर पोस्टर वार शुरू कर दिया गया है। बता दें कि अखिलेश यादव के लापता होने को लेकर शहर के मुसाफिरखाना और कलेक्ट्रेट क्षेत्र में पोस्टर चिपकाए गये। सीएए और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन और उपद्रव के बाद राजनीति गरमा गई है एक तरफ सपा में पुलिस की कार्रवाई पर सरकार को घेरा तो ही कांग्रेस ने सपा मुखिया व आजमगढ़ सांसद अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर वार शुरू कर दिया है, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की ओर से शहर में पोस्टर लगाए गए हैं जिसमें कांग्रेस ने सवाल किया है कि सीएए और एनआरसी विरोधी प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम महिलाओं पर पुलिसिया बर्बरता पर अखिलेश यादव क्यों चुप हैं। अखिलेश यादव चुनाव के बाद से आजमगढ़ से लापता है पोस्टर अखिलेश यादव की फोटो लगाई गई है और फोटो के मुंह पर पट्टी लगाई गई है। वहीं काग्रेस के नेताओं का कहना है कि मुसलमानों की 80 परसेंट वोट लेने वाले अखिलेश यादव जबकि यहां के सांसद है तब भी वे महिलाओं पर हुए अत्याचार के खिलाफ केवल ट्यूट कर रहे हैं, जबकि इससे काम नहीं चलने वाला है। अखिलेश यादव के अपने संसदीय क्षेत्र से गायब रहने पर लोगों में आक्रोश है। वहीं सपा अखिलेश के फोटो के साथ लगाए गए इन पोस्टरों पर किसी की शरारत बता रहे हैं।


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