छात्रों में आनलाइन शिक्षा का भारी उत्साह

कोरोना वायरस के कारण स्कूल बंद होने के दौरान सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ के सभी कैम्पस में छात्रों को आॅनलाइन शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे छात्र घर पर ही डेस्कटाॅप, लैपटाॅप, टैबलेट अथवा मोबाइल पर अपने शिक्षक से जुड़कर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। सी.एम.एस. की शैक्षिक मुहिम को अभिभावकों व छात्रों द्वारा बहुत ही पसन्द किया जा रहा है। छात्रों में आॅनलाइन शिक्षा के प्रति भारी उत्साह नजर आ रहा है जबकि अभिभावकों ने इस शैक्षिक मुहिम हेतु सी.एम.एस. का आभार व्यक्त किया है। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि 
सी.एम.एस. के सभी कैम्पस के प्री-प्राइमरी, प्राइमरी व जूनियर कक्षाओं के हजारों छात्र अब तक ई-लर्निंग से जुड़ चुके हैं और गणित, विज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी आदि विषयों के प्रतिदिन के असाइनमेन्ट को पूरा करके समय का सदुपयोग कर रहे हैं। छात्रों में ई-लर्निंग के माध्यम शिक्षा प्राप्त करने की गहन उत्सुकता व रूचि देखने को मिल रही है। 
 विदित हो कि कोरोना वायरस के खतरे के कारण स्कूल बंद होने के दौरान सिटी मोन्टेसरी स्कूल ने छात्रों की पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए ई-लर्निंग का रास्ता अपनाया है, जिसके माध्यम से छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। गूगल इन्कार्पोरेशन के सहयोग से सी.एम.एस. ‘गूगल क्लासरूम प्लेटफार्म’ का उपयोग कर रहा है, जहाँ सी.एम.एस. शिक्षक छात्रों के कोर्स से सम्बन्धित शैक्षिक सामग्री एवं असाइनमेन्ट पोस्ट कर रहे हैं। इसके माध्यम से छात्र अपनी शैक्षिक जिज्ञासाओं का समाधान कर सकते हैं और अपनी पढ़ाई को जारी रख सकते हैं। 
 श्री शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी ने सी.एम.एस. की सभी प्रधानाचार्याओं, शिक्षक-शिक्षिेकाओं व कार्यकर्ताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया है जो छात्रों को आनलाइन शिक्षा प्रदान करने हेतु लगातार कार्यरत हैं और ई-लर्निंग के माध्यम से शैक्षिक सामग्री एवं असाइनमेन्ट को तैयार करके ‘गूगल क्लासरूम प्लेटफार्म’ पोस्ट कर रहे हैं।
 श्री शर्मा ने बताया कि कोरोंना वायरस के दुष्प्रभावों को रोकने हेतु सामाजिक दूरी बनाये रखना ही सबसे सुरक्षित उपाय है। ऐसे में, छात्रों को आॅनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराना सर्वश्रेष्ठ विकल्प है, जिससे स्कूल बंद होने के बावजूद उनका नुकसान नहीं होगा। श्री शर्मा ने अभिभावकों व छात्रों से अपील की है कि जो छात्र अभी तक ई-लर्निंग से नहीं जुड़े हैं, वे अविलम्ब इससे जुड़कर अपनी पढ़ाई को जारी रखें।