मण्डलायुक्त ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत औचक निरीक्षण किया

मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव हेतु कार्यालय में की गयी व्यवस्थाओं और साफ सफाई की स्थिति जानने के उद्देश्य से मण्डलीय विकास भवन, आजमगढ़ स्थिति कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकांश कार्यालयों में जहां साफ-सफाई की स्थिति अत्यन्त खराब मिली वहीं दो अधिकारियों के साथ ही कुल12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए अनुपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन रोकने के साथ ही उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय, अर्थ एवं संख्या, होमगार्ड्स, मत्स्य पालन, ग्रामीण अभियन्त्रण, सेवायोजन आदि कार्यालयों साथ ही गलियारे, सीढ़ी आदि स्थलों पर पर्याप्त गन्दगी पाई गयी, जिस पर मण्डलायुक्त ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा ऐसे नाजुक हालात में भी साफ-सफाई में कमी पाये जाने से स्पष्ट होता है कि अधिकारी एवं कर्मचारी कोरोना वायरस जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति पूरी तरह सजग नहीं है। उन्होंने साफ-सफाई के सम्बन्ध में संयुक्त विकास आयुक्त को निर्देश दिया कि मण्डलीय विकास भवन स्थित समस्त कार्यालयों के अन्दर तथा बाहर साफ-सफाई सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक कार्यालयों हेतु एरिया निर्धारित करते हुए सम्बन्धित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाय तथा अभियान चलाकर तत्काल सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने कार्यालय के अन्दर और बाहर फिनायल अथवा सोडियम क्लोराइड से दिन में तीन बार पोंछा भी अनिवार्य रूप से लगवायें। इसके अलावा नियमित रूप से कर्मचारियों की हाथ धुलाई हेतु प्रत्येक कार्यालय के बाहर हैण्डवाश एवं सेनेटाइजर की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। उन्होंने जेडीसी को निर्देश दिया कि इस बिडिंग में स्थापित समस्त कार्यालयों का नियमित रूप से निरीक्षण करें यदि किसी कार्यालय के अन्दर या बाहर सफाई में कमी पाई जाती तो सम्बन्धित अधिकारी को उसका जिम्मेदार मानते हुए उनसे जुर्माना वसूली की कार्यवाही के साथ ही उन्हें दण्डित भी किया जाय। निरीक्षण में पाया गया कि उप निदेशक समाज कल्याण के कार्यालय में कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से कार्यालय तथा आस पास काफी अच्छी सफाई की गयी है, जिसकी मण्डलायुक्त ने खुले मन प्रशंसा की।
मण्डलायुक्त द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियन्ता ग्रामीण अभियन्त्रण वी.के. सिंह गौर तथा उप आयुक्त/उप निबन्धक, सहकारिता राजेन्द्र कुमार अनुपस्थित थे। इन दोनों अधिकारियों को मण्डल मुख्यालय से बाहर होना बताया गया। मण्डलायुक्त ने इस पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यालय छोड़ने से पहले अनुमति अनिवार्य रूप से प्राप्त कर लिये जाने के सम्बन्ध में बार-बार निर्देश दिये जाने के बावजूद इन अधिकारियों द्वारा अनुमति नहीं ली गयी है। उन्होंने इनका वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु जेडीसी को निर्देशित किया। यह भी उल्लेखनीय है कि मण्डलायुक्त को निरीक्षण में सबसे अधिक गन्दगी ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग में मिली जिस पर वह अधीक्षण अभियन्ता पर खासा नाराज थीं। इसी प्रकारी संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय के सहायक लेखाधिकारी अनिल कुमार राय, मत्स्य पालन कार्यालय में उर्दू अनुवादक हुमा नोमानी व वरिष्ठ सहायक विपिन कुमार सिंह, अर्थ एवं संख्या कार्यालय में कनिष्ठ सहायक अर्चना सिंह, सेवायोजन कार्यालय के अनुदेशक अनुराग किशोर सिंह, आशा ओझा, लालजी व पीयूष कुमार पाण्डेय तथा होमगाडर््स कार्यालय के गोपाल सिंह, बीना श्रीवास्तव, सुमन राहुल व मुन्ना प्रसाद अनुपस्थित पाये गये। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने इन अनुपस्थित कर्मचारियों का भी वेतन रोकने तथा उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। निरीक्षण में सेवायोजन कार्यालय के कनिष्ठ सहायक रजनीकान्त प्रजापति, जो आयुक्त कार्यालय से सम्बद्ध हैं, के बारे में अपर आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि उक्त कर्मचारी बिना अवकाश लिये विगत 3-4 माह से अनुपस्थित हैं तथा इनके सम्बन्ध में कार्यवाही हेतु पूर्व में निर्देशित किया गया था परन्तु अभी तक इस सम्बन्ध में की गयी कार्यवाही के सम्बन्ध में अवगत नहीं कराया गया है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि उक्त कर्मचारी को तत्काल निलम्बित करते हुए सायं तक अवगत कराना सुनिश्चित किया जाये। निरीक्षण के समय अपर आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार मिश्र, संयुक्त विकास आयुक्त पीएन वर्मा, उप निदेशक पंचायत राम जियावन, उप निदेशक समाज कल्याण सुरेश चन्द, उप निदेशक महिला कल्याण आंेकारनाथ यादव आदि उपस्थित थे।