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मीडिया का समाज पर गहरा असर होता है

जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि कोरोना वायरस की लड़ाई में शासन प्रशासन व आमजन की सहभागिता के साथ ही मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। जागरूकता पैदा करने मीडिया कर्तव्यों का अधिक से अधिक निर्वहन कर असत्य, अफवाह और भ्रामक खबरों से बचने के साथ ही गंगा, जमुनी तहजीब व राष्ट्रीय एकता अखण्डता को बनाये रखने में आगे रहे। उन्होंने कहा कि मीडिया का समाज पर गहरा असर होता है। यदि कोई सुझाव हो तो कन्ट्रोल रूम या सूचना कार्यालय के माध्यम से दे सकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया स्वयं अनुशासन और सामाजिक दूरी पर अमल में लाये और आमजन को भी सामाजिक दूरी के प्रति व लाकडाउन के प्रति सचेत करे। उन्होंने कहा कि मास्क के बारे में लोगों को जागरूक करे तथा काॅटन के कपड़े से तैयार मास्क भी अच्छा होता है। यदि मास्क उपलब्ध न हो तो आमजन साफ-कपड़ा साफ तौलिया व बड़े रूमाल का प्रयोग मास्क के रूप में कर सकता है। परन्तु तौलिया व रूमाल साफ-सुथरा हो। धर्मगुरू से कहा है कि आगामी पर्वो को देखते हुए पर्वो को घरों में रहकर ही सामाजिक दूरी बनाते हुए मनाये। शब-ए-बारात पर अपने पूवजों को याद किया जाता है इसे घरों में ही मनाये। उन्होंने कहा कि धर्मगुरू व पुलिस प्रशासन द्वारा भी अपील की जा रही है। कि शब-ए-बारात को लोग अपने घरों से बाहर न निकले और लाकडाउन का उल्लंघन न करें। प्रशासन द्वारा शान्ति व सुरक्षा बनाये रखने के उद्देश्य से पुख्ता इंतेजाम किये गये है।
 जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कहा है कि लाॅकडाउन के तहत अनावश्यक घुमने वालों पर कड़ी कार्यवाही करें जरूरतमंदों की हर स्तर पर मद्द की जाये शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक पूरी तरह से सर्तकता बरती जाये और जनसामान्य को घरों में रहने की हिदायत व समाजिक दूरी बनाये रखे। केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 महामारी से निपटने हेतु सभी आवश्यक कदम उठा रही है, तथा लाक डाउन का 12 दिन चल रहा है। जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि व सामाजिक दूरी बनाते हुए लाक डाउन को उद्देश्य सक्रमण को फैलने रोकने के साथ ही कोरोना वायरस की चैन को तोड़ना है। संक्रमण को रोकने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा पूरे सम्पूर्ण भारत में लाक डाउन किया गया है तथा कोरोना वायरस को रोकने के लिए सभी आमजन मानस को घरों से बाहर नही निकला है। उन्होंने समस्त एसडीएम को निर्देश दिये है कि जो लोग विभिन्न जनपदों में आयोजित जमातों में शामिल हुए है यदि कोई छुट गया है तो उसे खोज कर जनपद में है उन्हें तत्काल नगर में बने क्वारंटीन केन्द्र व आश्रय स्थलों में लाकर उन्हें मूलभूत आवश्यक सुविधाए देते हुए क्वाॅरंेटाइन करें। क्वारंटाइन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। उन्हा.ेंने कहा कि क्वारंटीन स्थलों पर विशेष निगरानी रखते हुए उन लोगों जागरूक करे कि व उनके व उनके प.िरवार, समाज व देश हित के लिए है क्वारंटीन के लिए अपना पूरा सहयोग करे। शहर व ग्रामीण क्षेत्रो तक जो आश्रय स्थल बने हुए है उनमें किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे। 
 जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि शहरी व ग्रामीण इलाको में 90 क्वारंटाइन केन्द्र स्थापित किये गये है जिसमें 16478 लोगों को रखा जा सकता है। अबतक 12283 रोके गये है। जांच रिपोर्ट प्राप्त न होने के कारण व चिकित्सय देख-रेख में रखे जाते है। क्वारंटाइन होम में रोके गये व्यक्तियों को भोजन बिस्तर, साबुन इत्यादि आवश्यक सुविधाए उपलब्ध कराई जा रही है। इन स्थानों की नियमित रूप से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। निराश्रित असाहाय दिव्यांग जन/भिक्षुकों एवं श्रमिको हेतु 68 सरकारी कम्युनिटी किचन जिसमें नगर में 9 ग्रामीण क्षेत्रों में 59 संचालित है। गैर सरकारी/स्वैच्छिक संस्थाओं द्वारा संचालित 20 किचन कुल 88 किचन संचालित है। जिसमें सरकारी कम्युनिटी किचन माध्यम से प्रतिदिन 12342 व्यक्तियों को भोजन/पैकेज व गैस सरकारी के माध्यम से प्रतिदिन 7360 व्यक्तियों को भोजन मुहैया कराया जा रहा है। 19702 लोगों भोजन/पैकेट मुहैया कराया जाता है। अबतक कुल लोगों को 126472 व्यक्तियों को भोजन एवं 1423 परिवारों को राशन सामग्री के पैकेट उपलब्ध कराये गये है। गौशाला एवं निराश्रित पशुओं के लिए जनपद में 42 गौशालाओं जिसमें 6443 पशु है जिन्हे हरा चारा, भूसा, चूनी रोटी आदि दिया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों पर घुमने वाले निराश्रित पशु कुत्ते, घोड़ा, गधा पशु चिकित्साधिकारी द्वारा भोजन मुहैया करवाया जा रहा है। जनपद में राशन कार्ड धारकों को युद्ध स्तर पर राशन मुहैया करवाया जा रहा है। जिसमें 548921 कार्ड धारको जिसमें आजतक लाभार्थी 411936 एवं अन्त्योदय कार्ड धारक 188138, अन्त्योदय मनरेगा में पंजीकृत, श्रम विभाग में पंजीकृत 185134 लाभार्थियों को राशन सामग्री प्राप्त कराई जा चुकी है। डायरेक्ट बेनीफिट ट्रासंफर हेतु लाकडाउन से प्रभावित श्रमिक आदि को उपलब्ध कराये जाने वाली अंकन 1000 की धनराशि उपलब्ध कराने हेतु सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कराकर लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है। जिसमें 6617 व्यक्तियों को 6617000 की धनराशि स्थानान्तरित की जा चुकी है। 
 जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिये कि लाॅकडाउन की स्थिति में कोटेदार की दुकानों को जनता बाजार में तबदील किया गया है। जहां पर आवश्यक सामाग्री उपलब्ध है जो आमजनमानस आवश्यक सामग्री की सूची जनता में चस्पा के निर्देश है लोगों आवश्यक सामग्री को उसी दर के अनुरूप खरीदारी करें यदि कोई सूची से अधिक या निर्धारित दरों से अधिक कोई कोटेदार दर से अधिक पैसे लेता है तो उसके शिकायत करें। कोई आमजन अनावश्यक रूप से बाहर न निकले उनको खाद्यान्न, दूध, सब्जी दैनिक उपभोग की वस्तुओं को नियमित आपूर्ति हेतु 242 प्राविजन स्टोर को पास निर्गत किये गये है जिसके माध्यम से डोर-टू-डोर उपभोक्ताओं को सामग्री पहुचाई जा रही है। सब्जियों एवं फलों की आपूर्ति हेतु 107 छोटे वाहन एवं 135 हत्थुठेलाओं कुल 242 पास निर्गत किये गये है जिसके माध्यम से सब्जियां व फल उपभोक्ताओं को निगत किये जा रहे है। इसी प्रकार दूध की आपूर्ति के लिए 59 पास व 25 दूधियों को भी पास जारी किये गये है। ताकि दूध आदि सामग्री को घर-घर पहुचा सके। अबतक लगभग 23000 लीटर दूध का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने निर्देश दिये है कि कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण से बचाव व रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जाये।  मेडिकल क्वारंटाइन में रखे गये व्यक्ति 48, अस्पताल/आइसोलेशन वार्ड में भर्ती व्यक्ति 15, डिस्चार्ज किये गये व्यक्ति 9, शेष व्यक्ति 54 अभी है। जिनको क्वारंटाइन किया जा रहा है।
 जनपद में दो व्यक्ति जांच रिपोर्ट में पाॅजिटिव आने के कारण उन्हं चिकित्सीय देख-रेख में रखा गया है। 5 व्यक्तियों के सैम्पल्स जांच हेतु भेजे गए है जो रिपोर्ट अप्राप्त है। जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से अपील की है कि लाॅकडाउन के दौरान कोरोना वायरस कोविड-19 के संक्रमण व बचाव हेतु रोकथाम की दृष्टिगत अपने-अपने घरों में अपने परिवार के साथ रहे तथा सोशल डिस्टेसिंग पर विशेष ध्यान रखे अति आवश्यक होने पर ही घरों से निकले अन्यथा अपने घरों में रहकर कोरोना वायरस की चैन तोड़ने में आगे आये। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा लाकडाउन के उल्लंघन करने वालों पर वाहनों को सीज करने के साथ ही कई कार्यवाहिया भी की गई है। इसके अलावा एक एनजीओं की शिकायत मिलने पर दुषित भोजन वितरण मिलने पर एनजीओं संचालन के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही भी की गई है। खाद्यान्न सामग्री की सम्बन्धित अधिकारी लोग जांच करके ही वितरित करें। उन्होंने कहा कि आमजन से कहा है कि कोरोना वायरस कोविड-19 एक गम्भीर महामारी है इस वायरस की न कोई जात, धर्म, मजहब लापरवाही के कारण किसी भी व्यक्तियों को संक्रमित कर सकता है। इस वायरस की गम्भीरता को समझे खुद की जान परिजनों व मित्रों की जान को खतरे में न डाले, घरों में रहे और सुरक्षित रहे। बच्चों और बुर्जुगों को घर से बाहर बिकुल न निकले दें बहुत जरूरी हो तो तभी निकले। बाहर-बाहर हाथो को सेनेटाइजर व साबुन से धोथे रहे बात करते समय एक मीटर का फासला बनाये रखे। 


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