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सोशल डिस्टेंसी का कड़ाई से पालन करना होगा

झांसी। घर पर रहें सुरक्षित रहें। घर से निकलते समय फेस कवर (मास्क) अवश्य पहने अन्यथा एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं उत्तर प्रदेश एपिडेमिक डिजीज (कोविड-19) नियमावली 2020 का उल्लंघन मानते हुए संगत प्राविधानों के अंतर्गत विधिक कार्यवाही की जाएगी। यह बात जिलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों में लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेते हुए लोगों से कहीं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचना है तो सोशल डिस्टेंसी का कड़ाई से पालन करना होगा। जिलाधिकारी  आन्द्रा वामसी ने नगर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा लोगों को प्रॉपर सोशल डिस्टेंसी के पालन करने का सुझाव दिया। उन्होंने दो पहिया वाहनों पर भी 2 लोगों के बैठने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस एक दूसरे के मिलने से फैलता है, अतः दूरियां बना कर रहे। उन्होंने सुभाष गंज  में दुकानदारों को ताकीद करते हुए कहा कि सोशल डिस्टेंसी का पालन अवश्य किया जाए। उन्होंने सीपरी बाजार, बड़ा बाजार ओरछागेट तथा एवट मार्केट का भी निरीक्षण किया और लोगों को दूरियां बनाए रखने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि घर से निकलते समय बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा रहा जा सकता है या फिर किसी साफ कपड़े से स्वयं ही तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि फेस कवर उपलब्ध ना होने की स्थिति में गमछा, रुमाल, दुपट्टा से फेस कवर किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि उपयोग में लाया हुआ फेस कवर या मुंह, नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा, रूमाल, दुपट्टा आदि का पुनः प्रयोग साबुन से अच्छी तरह साफ किए बिना ना किया जाए।
जिलाधिकारी  आन्द्रा वामसी ने कहा कि एन-95 का प्रयोग केवल चिकित्सा कर्मियों द्वारा ही किया जाना संस्तुत है। आम नागरिक व अन्य जन साधारण ट्रिपल लेयर मास्क, या रूमाल,  गमछा व दुपट्टा  इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने पुनः ताकीद करते हुए कहा कि बिना फेस कवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थलो पर जाना एपिडेमिक ऐक्ट 1887 एवं उत्तर प्रदेश एपिडेमिक डिसिज कोविड-19 नियमावली 2020 का उल्लंघन माना जाएगा और तद्अनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।


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