जिलाधिकारी झांसी ने कहा तालाबों को कैसे भरा जाएगा, उसका एक्शन प्लान बना लें

 


झांसी। कोविड 19 के साथ-साथ जनपद को पेयजल संकट से भी बचाना प्राथमिकता है। जनपद में पेयजल समस्या ना हो, युद्ध स्तर पर तैयारियां कर ली जाए। हैंडपंप की मरम्मत के साथ रीबोर कार्य प्राथमिकता से कराए जाएं। टैंकर से पेयजल आपूर्ति के स्थलों को चिन्हित करते हुए रोडमैप तैयार कर लिया जाए। जनपद के समस्त तालाबों को नहर के माध्यम से भरा जाना है। उसका एक्शन प्लान तैयार कर लें यदि जनपद में पेयजल आपूर्ति की शिकायत प्राप्त होती है तो उसे गंभीरता लेते लेते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह निर्देश जिलाधिकारी, झांसी आन्द्रा वामसी ने विकास भवन सभागार में जनपद में ग्रीष्म काल में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के संबंध में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करते हुए पेयजल आपूर्ति समस्या की जानकारी प्राप्त करें। जनपद में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी  आन्द्रा वामसी ने कहा कि खराब हैंडपंपों को जल्द सुधारा जाए। यदि हैण्डपम्प रीबोर किया जाना है तो जल्द रीबोर कराए जाने की कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू हो। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र 520 हैंड पंप रीबोर हेतु अवशेष है, उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए कि सभी हैंडपंप जल्द सुधार लिए जाएं। उन्होंने शहरी क्षेत्र में भी लगभग 241 हैंडपंप रीबोर किए जाने हैं,जल संस्थान इन्हें जल्द रीबोर कराएं। उन्होंने कहा कि कार्य कराते समज सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो तथा मास्क,ग्लब्स का इस्तेमाल सुनिश्चित हो।
पेयजल समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने टैंकर द्वारा पेयजल आपूर्ति हेतु पॉइंट की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता जल संस्थान ने बताया कि नगर निगम में 362 स्थानों पर टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार मऊरानीपुर में 73, गरौठा में 30, गुरसराय में 80 तथा रानीपुर में 33 स्थानों पर टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों से संवाद स्थापित करते हुए टैंकर से आपूर्ति की जानकारी दें उन्होंने कहा कि जलापूर्ति की शिकायतों का निस्तारण त्वरित गति से किया जाए ।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में लगभग 447 तालाब-जलाशय है। सभी को नहरों के माध्यम से भरा जाना है। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई बेतवा प्रखण्ड को निर्देश देते हुए कहा कि तालाबों को कैसे भरा जाएगा, उसका एक्शन प्लान बना लें ताकि समय से तालाब भराई का कार्य पूर्ण हो सके। उन्होंने डैम में भी उपलब्ध जल की जानकारी ली। उन्होंने पाइप पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि योजनाएं आंशिक रूप से बंद है, उन्हें ठीक कराते हुए संचालित किया जाए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे, एडीएम राम अक्षयवर चैहान, अधिशासी अभियंता बेतवा उमेश कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान कुलदीप सिंह, डीपीआरओ जगदीश राम गौतम, मंडलीय अभियंता यूपी एग्रो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।