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धर्मगुरूओं के साथ समीक्षा बैठक

जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने बचत भवन के सभागार में धर्मगुरूओं के साथ समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिये कि भारत सरकार के शासनादेश के अनुसार निहित व्यवस्था के अनुरूप कोविड-19 महामारी के रोकथाम के लिए धार्मिक/पूजा स्थलों के सम्बन्ध में निर्गत दिशा निर्देशानुसार कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष स्थानों/जोन में धार्मिक पूजा स्थल खोले जा सकते है। सभी धार्मिक स्थानो पर निम्नलिखित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह सुझाव दिया है कि प्रत्येक धर्म स्थल के अन्दर एक बार में एक स्थान पर 5 से अधिक श्रद्धालु न हों। सभी धर्म स्थलों में प्रवेश से पूर्व हाथो को एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से कीटाणु रहित किया जायेगा एवं इन्फ्रारेड-थर्मामीटर की भी व्यवस्था की जाये। जिन व्यक्तियों में कोई लक्षण प्रदर्शित नहीं होगा केवल उन्हें ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाये। फेस कवर/मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा। प्रत्येक व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों/धर्म स्थलों में यथा सम्भव एक दूसरे से कम से कम 6 फिट की दूरी रखेगें। कोविड-19 महामारी के सम्बन्ध में रोकथाम सम्बन्धी उपायों के रूप में जन जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु परिसर में पोस्टर स्टैन्डीज का प्रयोग प्रमुखता से करना होगा। जहां तक सम्भव हो आने वाले व्यक्तियों को विभिन्न समूहों में विभाजित करते हुए परिसर में प्रवेश करने की व्यवस्था की जाए जिससे कि अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो और संक्रमण का प्रसार न होने पाये। 
 जिलाधिकारी ने कहा कि प्रयास हो कि एक स्थान पर एक समय में 5 से अधिक व्यक्ति एकत्रित न हो। जहां तक सम्भव हो आने वाले व्यक्तियों को विभिन्न समूहों में विभाजित करते हुए परिसर में प्रवेश करने की व्यवस्था की जाए जिससे कि अनावश्यक भीड़-भाड़ न हो और संक्रमण का प्रसार न होने पाये। परिसरों के बाहर पार्किंग स्थलों पर भीड़ प्रबन्धन करते समय सोशल-डिस्टेंन्सिग का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराना होगा। पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम/माइक से सभी व्यक्तियों/आगन्तुकों को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के बारे में लगातार जागरुक किया जाये। परिसर के बाहर स्थित किसी भी प्रकार की दुकानों, स्टल, कैफेटेरिया इत्यादि पर भी पूरे समय सोशल डिस्टेंन्सिग के मानकों का कड़ाई से अनुपालन करना होगा। सोशल डिस्टेंन्सिग को सुनिश्चित करने हेतु परिसरों में व्यक्तियों के लाइन में खड़े होने के लिए स्पष्ट दृश्य निशानचिन्ह अंकित कर दिए जायें। प्रवेश एवं निकास की यथा सम्भव अलग-अलग व्यवस्था की जाये। लाइनों में सभी व्यक्ति एक-दूसरे से कम से कम 6 फिट की शारीरिक दूरी पर रहेंगे। बैठने के स्थानों को भी सोशल डिस्टेन्सिंग के अनुसार व्यवस्थित किया जाये।
 जिलाधिकारी ने कहा कि वेन्टिलेशन/एयर-कंडीशनरों आदि के साधनों के प्रयोग के समय तापमान 24-30 डिग्री के मध्य होना चाहिए आईता की सीमा 40 से 70 प्रतिशत के मध्य होनी चाहिए। क्रॉस-वैन्टिलेशन का प्रबन्धन इस प्रकार से होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा ताजी हवा अन्दर आ सके। प्रतिरूप/ मूर्तियों/पवित्र ग्रन्थों आदि को स्पर्श करने की अनुमति नहीं दी जायेगी। सभाएं/मण्डली पूर्णतया निषिद्ध  रहेंगी। संक्रमण फैलने के खतरे के दृष्टिगत रिकार्ड किए हुए भक्ति-संगीत/गाने बजाये जा सकते हैं किन्तु समूह में इकटठे होकर गायन की अनुमति नहीं होगी। प्रार्थना-सभाओं हेतु एक ही मैट/दरी के प्रयोग से बचा जाए। श्रद्धालुओं को अपने लिए अलग मैट/दरी/चादर आदि लानी होगी, जिसे वह अपने साथ वापस भी ले जा सकते हैं। धार्मिक स्थल के अन्दर किसी प्रकार के प्रसाद वितरण अथवा पवित्र-जल के छिड़काव आदि की अनुमति नहीं होगी। एक-दूसरे को बधाई देते समय शारीरिक सम्पर्क से बचना होगा। श्रद्धालू एवं पुजारी समेत कोई भी किसी को किसी रुप में स्पर्श नहीं करेंगें। लंगर/सामुदायिक-रसोई/अन्न दान आदि हेतु भोजन तैयार/वितरित करते समय शारिरिक-दूरी के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा। परिसर के भीतर शौचालयों, हाथ-पैर धोने के स्थानों पर स्वच्छता हेतु विशेष उपाय करने होंगे। प्रबन्धन द्वारा धार्मिक स्थलों की लगातार सफाई और कीटाणु-रहित करने के उपाय किये जायेगें। परिसर के फर्श को विशेष रूप से कई बार साफ करना होगा। आगन्तुक अपने फेस-कवर/मास्क/ग्लब्स आदि को सार्वजनिक स्थानों पर नहीं छोड़ेंगे, यदि कहीं कोई ऐसी सामग्री रहती है तो उनका उचित निपटान सुनिश्चित करना होगा। परिसर के अन्दर संदिग्ध/पुष्टि केस के मामले मे बीमार व्यक्ति को ऐसे स्थान पर रखा जाए जिससे कि वह अन्य व्यक्तियों से बिल्कुल अलग हो जाए। डॉक्टर द्वारा उसकी जांच/परीक्षण होने तक उसे मास्क/फेस कवर दिया जाए। निकटतम अस्पताल/क्लीनिक अथवा जिला स्वास्थ्य हेल्पलाइन नं0 18001805145 को सूचित किया जाए।  नामित स्वास्थ्य प्राधिकारी द्वारा मरीज और उसके सम्पर्कों आदि सम्बन्ध में संक्रमण के जोखिम का मूल्यांकन किया जाएगा, तदनुसार कार्यवाही की आएगी। व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाए तो परिसर को पूर्ण रूप से कीटाणु-रहित किया जाए। उपरोक्त दिशा-निर्देशों के साथ दिनांक 8 जून 2020 से धार्मिक स्थलों पर पूजा अर्चना की अनुमति प्रदान की जाती है। 


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