कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नही है जरूरत सिर्फ चिकित्सकों की निर्देशों का पालन करना

जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने कोरोना वायरस कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत कलेक्ट्रेट स्थित बचत भवन के सभागार में 10 सेक्टर मजिस्टेªट/सेक्टर अधिकारियों की अनुपस्थित पर गम्भीर दिखी। उन्होंने एडीएम प्रशासन को निर्देश दिये कि जो सेक्टर अधिकारी अनुपस्थित है उनके माह जून का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण प्राप्त कर अन्य विभागीय कार्यवाही करें। उन्होंने सेक्टर अधिकारी/सेक्टर मजिस्टेªट को निर्देश दिये कि वर्तमान समय कोरोना को गम्भीरता के प्रति सचेत हो अन्यथा अप्रिय कोरोना की घटना होते हुए देर नही लगेगी लापरवाही के कारण सभी में से कोई भी कोरोना वायरस से संक्रमण से ग्रसित होने व उचित इलाज न होने के कारण असमय मृत्यु होने से बचा नही जा सकता है। उन्होंने कहा कि सेक्टर आधिकारी व निगरानी समितियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई है। वह अपने-अपने क्षेत्रों में वल्नेरिबुल व्यक्ति जिसमें 65 साल से अधिक आयु, 10 वर्ष के छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाए, जुखाम, बुखार, खांसी, गले में खराश, सास लेने में दिक्कत आने वाले व्यक्तियों पर विशेष ध्यान रखे तथा ऐसे लोगों को चिन्हित किया जाये तथा उनकी कुशलता व जागरूकता की रिपोर्ट प्रतिदिन उपलब्ध कराये तथा उनका इलाज व इम्युनिटी बढ़ाने के लिए समुचित कार्यवाही की जाये। उन्होंने अधिकारी से कड़े लफजो में चेताया कि यह समय अनावश्यक छुट्टी लेने, घूमने फिरने व हनीमून मनाने का नही है बल्कि समय की गम्भीरता व जिम्मेदारियों को समझे।
 जिलाधिकारी शुभ्रा सक्सेना इस बात पर गम्भीर दिखी ऊँचाहार के एक दमपत्ति को अचानक तबियत बिगड़ने पर वह लखनऊ एक निजी अस्पताल में गया जहां उससे कहा गया कि कोरोना की जांच करवाये उसका बाद वह पीजीआई गया जहां पति की मृत्यु हो गई। जांच में पाया गया कि वह कोरोना पाजिटिव था। यदि गांव की निगरानी कमेटी व सेक्टर अधिकारी/सेक्टर मजिस्टेªट एवं ग्राम प्रधान आदि इसी रिपोर्ट भ्रमण करने के दौरान दे दी जाती तो उसका कोरोना की जांच जनपद के माध्यम से करवा दी जाती तथा उचित इलाज कराया जाता तो शायद व आज जीवित होता। उन्होंने निगरानी कमेटी तथा सेक्टर मजिस्टेªट का स्पष्टीकरण मागा जाये कि उनकी नजर से इस प्रकार की चूक कैसे हुई ? उन्होंने आमजनमानस से अपील करे कि यदि किसी भी व्यक्ति को जुखाम, बुखार, खासी, सास लेने में दिक्कत हो तो वह जनपद के कलेक्ट्रेट में स्थित कोरोना इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है कंट्रोल रूम नम्बर आदि नोट कर लें। कंट्रोल रूम नंबर 0535-2203214, 2203320 मो0नं0- 9532748340, 9532511074, 9532856705, 9532647079 पर संपर्क कर जानकारी दी जा सकती है ताकि किसी सभी व्यक्ति का इलाज व इम्युनिटी को बढ़ाया जा सके तथा कोरोना के संक्रमण से बचाया जा सके।
 जिलाधिकारी ने सेक्टर अधिकारी व निगरानी समितियों के सदस्य को यह भी निर्देश दिये कि शहर व ग्रामीण अपने क्षेत्रों मे जाकर कोरोना से सम्बन्धित लाॅकडाउन व सोशल डिस्टेसिंग का अनुपालन की व्यवस्थाओं को देखे तथा मधुमेह, उक्तरक्तचाप, कैसर, एचआईवी, टीवी आदि के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाये। हमे प्रत्येक दशा में कोरोना वायरस की चैन तोड़ने के साथ ही लोगों को बीमारियों से भी बचाना के साथ ही असमय मृत्यु को रोकना है। संवेदनशील होकर व पूरी तरह सतर्कता बरते हुए क्षेत्रों में जाये गठित निगरानी समितियों से सम्पर्क कर व्यवस्थाओं को तत्काल दुरूस्त कराये। लोगों को मास्क लगाने की जानकारी दे इसे नाक और मुंह को पूरी तरह से ढके तथा कई पर भी न थुके और न ही कचरा फैके अन्यथा ऐसा करने वाले लोगों के विरूद्ध जुर्माना व सजा का प्रविधान है। क्षेत्र में निगरानी कमेटी के माध्यम से यह मालूम करे कि किसी को वल्नेरेबुल, बुखार, सुखी खासी, सांस फुलने की समस्या आदि हो तो उसकी सूचना कंट्रोल रूम में दी जाये। लोगों को बताया जाये कि कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नही है जरूरत सिर्फ चिकित्सकों की निर्देशों का पालन करना तथा सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करना है। किसी प्रकार की आवश्यकता व शिकायत को तत्काल नियमानुसार निस्तारण किया जा रहा है। आप तक हर संभव मद्द पहुचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कोरेाना से सम्बन्धि अन्य जानकारियों व उचित दिशा निर्देश दिये।
 इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक गोयल, एडीएम प्रशासन राम अभिलाष, एडीएम वि0रा0 प्रेम प्रकाश उपाध्याय, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 संजय कुमार शर्मा, एडी सूचना प्रमोद कुमार आदि बड़ी संख्या में सेक्टर मजिस्टेªट अधिकारी उपस्थित थे।