सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भाजपा किसान नेता मांग को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

भाजपा किसान नेता रमेश सिंह अपने ऊपर दर्ज की गई झूठी एफआईआर समाप्त करने व अपना मुकदमा लिखे जाने की मांग को लेकर तहसील पहुंचे और कोविड19 नियमों का पालन करते हुए उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी लालगंज को ज्ञापन सौंपा ज्ञापन में उन्होंने निम्नलिखित चीजे भी दर्शाई उन्होंने उसमे कहा कि मेरी एफ आई आर. अकित करने एवं प्रेम बाबू सचान लिपिक मण्डी समिति लालगंज द्वारा रिश्वत माँगने के दो वायरल आडियो की जाँच मण्डी के समस्त कर्मचारियों को लालगंज से हटाकर किये जाने से सम्बन्धित पत्रों पर अब तक कोई विचार न किया जाना लोकतंत्र में आम जनता के आक्रोश को आमंत्रित कर उच्चाधिकारियों ने सरकार की छवि को नष्ट करने का प्रयास किया है जो कि लोकतंत्र-जनहित में उचित नहीं है जिसके कुछ एक बिन्दु निम्नवत हैं - पहले अंक में यह दर्शाया की प्रेम बाबू सचान को मेरे द्वारा मण्डी की अवैध वसूली रोकने तथा रिश्वत के आडियो के कारण मुझ पर दबाव बनाने के लिए षड्यंत्र कर झूठी एफ.आई आर. लिखाना। 2 मेरे विरोधियों से मिलकर मेरी छवि नष्ट करने के लिए बिना पुलिस या विभागीय अधिकारियों को सूचित किये 21072020 को रात्रि 08ः45 पर प्रेम बाबू सचान ने झूठा गाली-गलौज का आडियो वायरल कर राजकीय सेवा नियमावली का खुला उल्लंघन किया है।


प्रेम बाबू सचान ने रंगदारी, सरकारी कार्य में बाधा जैसे संज्ञेय अपराधों की एफ आई आर. बिना मण्डी सचिव/अध्यक्ष के अनुमोदन के अंकित करवाया जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है। मेरी एफ.आई आर जो भ्रष्टाचार से सम्बन्धित थी, वीडियो क्लिप सहित न अंकित कर मुझे भयाक्रान्त कर मेरे मूल अधिकारों का हनन एवं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। अतः आपसे अनुरोध है कि झूठी एफ.आई.आर को समाप्त कर मेरी एफ आई आर. दिनांक 11.08.2020 तक नहीं अंकित की गयी तो मजबूरन मुझे अकेले ही दिनाक 12.08.2020 को स्थान वीरा पासी चैक पर आमरण अनशन पर प्रारम्भ करूंगा और यदि तीन घंटे तक मेरी बात को अनसुना किया गया तो मैं वहीं आत्मदाह करेगा। जिससे आक्रोशित जनमानस के द्वारा किसी भी प्रकार का महामारी एक्ट उल्लंघन या राजकीय क्षति अथवा मेरी शारीरिक क्षति या मृत्यु का उत्तरदायित्व स्वयं शासन-प्रशासन का होगा।



 


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति