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मन की बात स्मृति ईरानी ने आमजनमानस के साथ बैठकर सुना

 रायबरेली। भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास तथा टेक्सटाइल मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ब्लाक डीह की ग्राम हाजीपुर में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उद्बोधन मन की बात कार्यक्रम में आमजनमानस के साथ शामिल होकर सुना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र ने मन की बात के तहत कहा कि कोरोना के समय कोरोना योद्धाओं ने जो बढ़-चढ़ कर आमजनमानस की सेवा की उसकी पूरा विश्व प्रशंसा कर रहा है। देश ने स्वदेशी चीजे बनाकर सामर्थ पैदा कर जिसका नया नाम आत्मनिर्भरता है। भारत में रहने वाले आमजनमानस भी स्वदेशी निर्मित वस्तुओं की मांग कर रहा है। निर्मता उत्पादन की गुणवत्ता कोई समझौता न करें। उन्होंने गुरू गोविन्द सिंह के साहिबजादों के साथ-साथ उनके कार्यो को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भारत में 2014 से निरन्तर वन सम्पदा वन जीव जन्तुओं की भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि तेदुआ अब भारत में 60 प्रतिशत बढने के साथ ही शेरो व अन्य वन्य जीव-जन्तुओं की संख्या बढ़ी है उन्होंने आमजनमानस के सत्कारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सत्कार्य समाज की संवेदनाओं को सशक्त करते है। कोरोना काल में पठन-पाठन का भी एक नया तरीका विकसित हुआ है। कश्

गांव में आने वाले सभी रास्तों पर लिखें अम्बानी और अडानी के एजेंटों का प्रवेश वर्जित

  लखनऊ।  नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश  रामगोविंद चौधरी ने अन्न जल ग्रहण करने वाले सभी नागरिकों से अपील की है कि वे खेती बारी और किसानी को निगलने वाले कानूनों के समर्थन में खड़े नेताओं से राम राम, प्रणाम,  आदाब सलाम तथा हुक्का पानी बन्द करें और गांव में आने वाले सभी रास्तों पर यह नोटिस चिपका दें कि अम्बानी अडानी के एजेंटों का हमारे गांव में प्रवेश वर्जित है। रविवार को बाँसडीह विधानसभा क्षेत्र के रेवती ब्लाक के विसौली ग्राम में आयोजित किसान घेरा चौपाल को सम्बोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा कि अडानी अम्बानी के एजेंट और उनके पेरोल पर जी रहे   नेता हम किसानों में फूट डालने के लिए शासन प्रशासन की मदद से जगह जगह सम्मेलन कर रहे हैं और लोगों को समझा रहे हैं कि खेती बारी और किसानी को अम्बानी अडानी को देना लाभ का सौदा है। इन एजेंटों से सावधान रहने की जरूरत है। इस सावधानी का सबसे आसान रास्ता है कि इनसे दूरी बनाकर रहें और इनका बहिष्कार करें। नेता प्रतिपक्ष, उत्तर प्रदेश रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि यह सरकार सभी सार्वजनिक उपक्रमों,  दूर संचार, हवाई जहाज और रेल की तरह

विश्व शांति के हम साधक हैं

  - डा . जगदीश गांधी , संस्थापक                 ‘ विश्व शांति के हम साधक हैं जंग न होने देंगे , युद्धविहीन विश्व का सपना भंग न होने देंगे। हम जंग न होने देंगे ..’ इस युगानुकूल गीत द्वारा महान युग तथा भविष्य दृष्टा कवि अटल जी ने सारी मानव जाति को सन्देश दिया था कि विश्व को युद्धों से नहीं वरन् विश्व शांति के विचारों से चलाने में ही मानवता की भलाई है। इस विश्वात्मा के लिए हृदय से बरबस यह वाक्य निकलता है - जहाँ न पहुँचे रवि , वहाँ पहुँचे कवि। विश्व शान्ति के महान विचार के अनुरूप अपना सारा जीवन विश्व मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करने वाले वह अत्यन्त ही सरल , विनोदप्रिय एवं मिलनसार व्यक्ति थे। सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ - साथ एक अच्छे वक्ता भी थे।                 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जन्में अटल जी ने राजनीति में अपना पहला कदम 1942 में रखा था जब ‘