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अगस्त, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

श्रेष्ठ बनाने के लिए ईश्वर का चिंतन और मनन आवश्यक है

जैसे ही अन्तरूकरण में ब्रह्म जिज्ञासा की तीव्रता जागृत होती है मन-बुद्धि सहज होने लगते हैं एवं संपूर्ण सृष्टि में माधुर्य-सौंदर्य, एकत्व और परिपूर्णता जैसे दिव्य अनुभव स्थिर होने लगते हैं ! ईश्वर का विचार शान्ति, आनन्द एवं सरसता प्रदाता है ..!  ईश्वर को जानना, उसके स्वरूप व गुणों का चिन्तन मनन तथा ध्यान तथा सदाचरण ही उपासना है। गुरु कृपा या ईश्वर की कृपा से हम जीवन में और आध्यात्मिक पथ पर प्रगति कर सकते हैं। ब्रह्म जिज्ञासा गुरुकृपा या ईश्वर की कृपा से अति शीघ्र जागृत होती है। जब तक ईश्वर का अनुग्रह नही होता, तब तक सदगुरू और सत्शास्त्र नहीं मिलते। जगत का बोध करा दें संसार मे ऐसे कई लोग मिलेंगे, लेकिन जगदीश्वर तत्त्व का बोध करा दें, ऐसे सदगुरू की प्राप्ति दुर्लभ है। लोक-लोकान्तर, स्वर्ग या वैकुण्ठ की प्राप्ति नहीं, लेकिन अपने आपका बोध करा दें ऐसे आत्मवेत्ता सदगुरू की प्राप्ति दुर्लभ है। जो स्वयं ब्रह्मानन्दस्वरूप हैं, परम सुख देने वाले हैं, ज्ञान की मूर्ति हैं, हर्ष-शोकादि द्वन्द्वों से रहित हैं, आकाश के समान निर्लेप है। महा वाक्यों से जाने जा सकें ऐसे गूढ़ हैं, नित्य हैं, विमल हैं, अचल

रिफलेक्शन-2019 का भव्य उद्घाटन

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस, लखनऊ द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय इतिहास एवं नागरिक शास्त्र महोत्सव 'रिफलेक्शन-2019' का भव्य उद्घाटन प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में किया। इस अवसर पर सी.एम.एस. छात्रों ने देश-विदेश के प्रतिभागी छात्र टीमों एवं उनके शिक्षकों के सम्मान में भारतीय लोक गीतों का आलोक बिखरते एवं विश्व एकता व शान्ति का सन्देश देते अनेक शिक्षात्मक एवं प्रेरणादायी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना व विश्व शान्ति प्रार्थना से हुई। छात्रों ने इस अवसर पर एक शानदार विश्व संसद का आयोजन भी किया। विभिन्न देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए छात्रों ने विश्व की समस्याओं की गहन चर्चा की और वैज्ञानिक व शान्ति पूर्ण ढंग से समाधान भी सुझाए। समारोह में श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश एवं देश के विभिन्न राज्यों से पधारी छात्र टीमों ने एक अलग अंदान में अपना परिचय देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।  विदित हो कि 'रिफलेक्शन-2019' का आयोजन 31 अगस्त से 3 सितम्बर

भ्रामक असत्य अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध नियामानुसार कार्यवाही करे

जिलाधिकारी रायबरेली नेहा शर्मा ने सोसल मीडिया/व्हास्टएप-एप के माध्यम से विभिन्न प्रकार की अफवाह भरी, मिथ्या, भ्रामक खबरे प्रसारित न करने के समस्त पत्रकार/मीडिया बन्धु को निर्देश दिये है कि किसी प्रकार की भी खबर को बिना पुष्टी के प्रसारित न करें। जिससें जन सामान्य अकारण भ्रम की उत्पन्न होने से शान्ति एवं कानून व्यवस्था की स्थिति प्रभावित होने की प्रबल संभावना उत्पन्न होती है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियो/जिला सूचना अधिकारी/जिला विज्ञान अधिकारी को निर्देश दिये है कि ऐसी स्थिति में इस प्रकार की कार्यवाही प्रभावी नियंत्रण/निगरानी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने डिजीटल प्लेटफार्म पर ऐसे लोगों को चिन्हित कर डिजीटल वालेटियर्स के माध्यम से गलत, भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही त्वरित ढंग से की जाये। सम्बन्धित विभाग इसका खण्डन तत्काल सुनिश्चित कराये। उन्होंने पुलिस अधीक्षक समस्त थानाध्यक्षों से भी कहा है कि अपने स्तर से भ्रामक असत्य अफवाह फैलाने वालों के विरूद्ध नियामानुसार कार्यवाही करे। 

कड़ी पत्ता में औषधीय गुण है

रसोई को भी औषधि का एक स्थान माना जाता है, जिस घर की गृहणी अपने परिवार को संतुलित आहार परोसती उस घर के लोगों को वैद्य अथवा डाक्टर के चक्कर नही लगाना पड़ता है। सभी घरों में दैनिक प्रयोग में आने वाले कड़ी पत्ता है, कड़ी पत्ता या मीठी नीम भी कहा जाता है। इसे मीठी नीम इसलिए कहते हैं क्योंकि इसके पत्ते नीम की तुलना में थोड़े कम कड़वे, कशैले होते हैं। कड़ी पत्ता के पेड़ पूरे भारत में पाए जाते हैं। कड़ी पत्ता का सबसे ज्यादा उपयोग खानों में खास कर महक पैदा करने के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में बताया गया है कि कड़ी पत्ता में बहुत से औषधीय गुण होते हैं और कड़ी पत्ता से कई बीमारियों का इलाज और रोगों से बचाव भी किया जा सकता है। 1. करी पत्ती बालों में लगाना बहुत ही फायदेमंद है जैसे बालों का झड़ना, बाल सफेद होना, बाल कमजोर होना, डैंड्रफ जैसी सभी समस्याओं के लिए कड़ी पत्ता बहुत ही उपयोगी है और इसे प्रयोग करने के 4 आसान तरीके हैं। - कड़ी पत्ता खायें, भोजन में प्रयोग करें। - कड़ी पत्ता पीस कर बालों की जड़ों में लगायें। - कड़ी पत्ते तेल में गर्मकर बना तेल बालों में लगायें। - कड़ी पत्ते को पानी में उबालकर उस पानी को बालो

ज्ञान जाग पड़ा

राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनातें हुए जब शुकदेव जी महाराज को छह दिन बीत गए और तक्षक ( सर्प ) के काटने से मृत्यु होने का एक दिन शेष रह गया, तब भी राजा परीक्षित का शोक और मृत्यु का भय दूर नहीं हुआ। अपने मरने की घड़ी निकट आती देखकर राजा का मन क्षुब्ध हो रहा था। तब शुकदेव जी महाराज ने परीक्षित को एक कथा सुनानी आरंभ की। राजन ! बहुत समय पहले की बात है, एक राजा किसी जंगल में शिकार खेलने गया। संयोगवश वह रास्ता भूलकर बड़े घने जंगल में जा पहुँचा। उसे रास्ता ढूंढते-ढूंढते रात्रि पड़ गई और भारी वर्षा पड़ने लगी। जंगल में सिंह व्याघ्र आदि बोलने लगे। वह राजा बहुत डर गया और किसी प्रकार उस भयानक जंगल में रात्रि बिताने के लिए विश्राम का स्थान ढूंढने लगा। रात के समय में अंधेरा होने की वजह से उसे एक दीपक दिखाई दिया। वहाँ पहुँचकर उसने एक गंदे बहेलिये की झोंपड़ी देखी। वह बहेलिया ज्यादा चल-फिर नहीं सकता था, इसलिए झोंपड़ी में ही एक ओर उसने मल-मूत्र त्यागने का स्थान बना रखा था। अपने खाने के लिए जानवरों का मांस उसने झोंपड़ी की छत पर लटका रखा था। बड़ी गंदी, छोटी, अंधेरी और दुर्गंधयुक्त वह झोंपड़ी थी। उस झोंपड़ी

रिफलेक्शन-2019’ का आयोजन 31 अगस्त से 3 सितम्बर तक

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, महानगर कैम्पस, लखनऊ के तत्वावधान में चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय इतिहास एवं नागरिक शास्त्र महोत्सव 'रिफलेक्शन-2019' का उद्घाटन समारोह कल, 31 अगस्त, शनिवार को सायं 5.00 बजे सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। उद्घाटन समारोह में विद्यालय के छात्र देश-विदेश से पधारे छात्रों व शिक्षकों के सम्मान में रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। यह जानकारी सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने दी है।  श्री शर्मा ने बताया कि 'रिफलेक्शन-2019' में प्रतिभाग हेतु देश-विदेश की छात्र टीमों का लखनऊ आगमन लगातार जारी है। आज श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश व देश के विभिन्न राज्यों से पधारी छात्र टीमों का विद्यालय के छात्रों व शिक्षकों ने लखनऊ की सरजमीं पर भव्य स्वागत किया। आज पधारी छात्र टीमों में सेंट ग्रेगरी हाई स्कूल, ढ़ाका, बांग्लादेश, रिचमण्ड कालेज, श्रीलंका, मीपावाला अमरसूर्या कालेज, श्रीलंका, अन्नपूर्णा रेजीडेन्शियल स्कूल, नेपाल,

किसानों को जागरूक किया गया

प्रमोशन आॅफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू मैनेजमेन्ट आॅफ क्राप रेज्ड्यू योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय गोष्ठी एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन केन्द्रीय बीज भण्डार के प्रांगण में आयोजित किया गया। गोष्ठी/मेले का शुभारम्भ डी.सी. मनरेगा पवन कुमार द्वारा दीप प्रज्जवलन करते हुए किया गया। डी.सी. मनरेगा द्वारा वाटर रिचारजिग एवं वाटर हार्वेस्टिग के साथ ही साथ वृक्षारोपण के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक एच0एन0 सिंह द्वारा विभाग में चल रही समस्त योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की गई। उप कृषि निदेशक द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एवं प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के बारे में भी किसानों को जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि पराली जलाने से प्रदूषण बढ रहा है एवं एन0जी0टी0 द्वारा इसका उल्लंघन करने पर दण्ड का भी प्रावधान रखा गया है। 30 अगस्त एवं 31 अगस्त 2019 को जिलाधिकारी नेहा शर्मा के निर्देश पर समस्त विकास खण्ड में प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना हेतु गोष्ठी एवं मेला के रूप में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में डा0 आर0के0 कनौजिया कृषि व

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

रायबरेली कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। उन्होंने आरटीओं, एनएचआई एवं पीडब्लूडी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़को पर बने अवैध कटों को हर हाल में बंद कराये। बैठक में त्रिपुला चैराहा पर लगे स्पीड रडार को संचालित करने के लिए जिस पर डीएम ने कहा कि जल्द से जल्द कैमरे ठीक कराकर प्रभावी तरीके से कार्यवाही करें। किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत हो तो टीओं आदि से वार्ता कर समस्या का निस्तारण करायें। यातायात नियमों का कडाई से पालन कराया जाये। स्कूलों में छात्र-छात्राओं, तथा वाहन चालको को समय समय पर यातायात नियमों के प्रशिक्षण कराते रहे साथ ही वाहन चालको का मेडिकल कैम्प लगाकर उनकी दृष्टिवीजन, शुगर, बीपी आदि का चेकअप कराते रहें। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक दुर्घटना को रोकने के लिए डिवाइडरों को अवैध रूप से काटे गये कहीं कट हो तो उसको तत्काल बंद करे साथ ही यदि किसी को उस कट से यदि होटल या पेट्रोल पंप या दुकान को फायदा हो रहा हो तो उसकी जांच कर उसे नोटिस दे नियमानुसार कार्यवाही करें। राजमार्गो के किनारे अनाधिकृ

29,000 अमेरिकी डालर की स्काॅलरशिप

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस), लखनऊ की मेधावी छात्रा आस्था राघवेन्द्रम को जापान की प्रतिष्ठित एशिया पैसिफिक युनिवर्सिटी में 29,000 अमेरिकी डालर की स्काॅलरशिप के साथ प्रवेश हेतु चयनित किया गया है। आस्था को यह स्काॅलरशिप उसकी शिक्षा अवधि के दौरान प्रदान की जायेगी। इस प्रकार सी.एम.एस. की एक और प्रतिभाशाली छात्रा ने अपने मेधात्व का परचम लहराते हुए विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है। एशिया पैसिफिक युनिवर्सिटी विश्व के टाॅप विश्वविद्यालयों में से एक है जिसमें लगभग 80 देशों के छात्र उच्चस्तरीय शिक्षा प्राप्त करते हैं। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने इस प्रतिभाशाली छात्रा की उपलब्धि पर हार्दिक बधाईयां प्रेषित करते हुए कहा है कि विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में सी.एम.एस. छात्र विदेशों में उच्चस्तरीय शिक्षा हेतु चयनित हो रहे हैं। ये मेधावी छात्र सारी दुनिया में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना को प्रवाहित करेंगे।  सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि इस वर्ष अभी तक सी.एम.एस. के 80 छात्र अमेरिका, इंग्लैण्ड, कैनडा

4521.89 करोड़ लागत की सड़क एवं पालिटेक्निक की स्थापना का शिलान्यास व लोकापर्ण

भारत सरकार की वस्त्र एवं महिला, बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी एवं उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने सलोन क्षेत्र के ब्लाक छतोह में ग्राम्य विकास एवं समग्र विकास मंत्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह मोती, राज्यमंत्री गन्ना संस्थान सुरेश पासी एवं सलोन विधायक दल बहादुर कोरी की उपस्थिति में विधान सभा सलोन में 4521.89 करोड़ लागत की सड़क एवं पालिटेक्निक की स्थापना का शिल.ान्यास व लोकापर्ण किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने अपने सम्बोधन में कहा कि जनपद रायबरेली में 140 सड़कों का निर्माण मुखमार्ग से जोड़ने के लिये किया गया है। जिनकी लागत लगभग 91 करोड़ है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि गरीब से गरीब व्यक्तियों तक शासन की लाभकारी योजनाओं का लाभ पहुचाया जा सके। केन्द्र/ प्रदेश सरकार द्वारा किसान सम्मान निधि योजना के तहत  गरीब किसान के खातों में 06 हजार रूपये प्रति वर्ष बिना किसी भेदभाव के खातों में भेज रही है। गांधी नगर से छतोह 17 किलो मीटर पक्की सड़क का स्टीमेट बनाकर विभाग द्वारा भेजा जाये जिसको पास करके सड़क का तत्काल निर्माण कराया जा सके। उन्होंने कहा कि पार्ट

चैतन्य जंगा द्वारा सेलिब्रिटी हब की शुरुवात

दक्षिण भारत की 1० वर्षों से ज्यादा पुरानी और फेमस सेलिब्रिटी हब कंपनी अब मुंबई के अँधेरी (वेस्ट), में स्थित लोखंडवाला में चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर चैतन्य जंगा द्वारा अपना ऑफिस ओपनिंग किया। इस अवसर पर आरएमजी के एक्सिकेटिव डायरेक्टर पीवीएस वर्मा, आरएमजी के सीईओ हरि लीला प्रसाद, मराठी अभिनेत्री प्राजक्ता शिंदे  इत्यादि उपस्थित थे। सेलिब्रिटी हब सभी प्रकार के इवेंट के लिए आपको सेलिब्रिटी मुहैया कराएगा, चाहे कोई पार्टी हो, कोई ब्रांड के ऑफिस या दुकान का ओपनिंग हो या किसी विज्ञापन कंपनी को मॉडल, फिल्म या टीवी स्टार, क्रिकेटर या कोई स्पोर्ट खिलाडी चाहिए व सब यह कंपनी उपलब्ध कराएगी। अब सभी प्रकार के सेलिब्रिटी के लिए जगह जगह जाने को जरुरत नहीं पड़ेगी, सभी सेलिब्रिटी के लिए एक है जगह यानि सेलिब्रिटी हब। यह कपनी रिसर्च मीडिया ग्रुप का हिस्सा है। सेलिब्रिटी हब' सबसे अधिक मान्यता प्राप्त और सम्मानित कंपनी है,जिसका ब्रांड प्रचार, कार्यक्रम के प्रचार के लिए मॉडल प्रदान करने और पूरे आयोजन को बुलंदियों पर पहुंचाने का एक प्रभावशाली ट्रैक रिकॉर्ड है। यह ब्रांडिंग और विज्ञापन उद्योग में दक्षिण भारत का स

ए गुड सेमेरिटनश्अवॉर्ड से सम्मानित

चार्ली चैपलिन-2 के नाम से दुनिया भर में मशहूर बहुमुखी प्रतिभाशाली अभिनेता  राजन कुमार चार्ली ने फिल्मी पर्दे के अलावा उन्होंने रियल लाइफ में हीरो का काम किया और 45 वर्षीय महिला एक्सीडेंट में घायल अंजना कुमारी की जान बचाई। जिसके लिए 26 अगस्त 2019 को मुंगेर के पंचायती राज कार्यालय सभागृह में  ए गुड सेमेरिटन पुरस्कार वितरण समारोह का कार्यक्रम रक्खा गया था।बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् के ए गुड सेमेरिटन अवॉर्ड पत्र, मोमेंटो, शाल देकर डी एम राजेश मीणा द्वारा एक्टर राजन कुमार चार्ली को ए गुड सेमेरिटनश्अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी रमाशंकर ने भी राजन की काफी तारीफ की। वैसे, चार्ली चैपलिन- 2 के नाम से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके राजन कुमार उर्फ चार्ली को लोगों की जान बचाने की वजह से उन्हें शूरवीर अवॉर्ड जैसे पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है। एक सड़क दुर्घटना में मुंगेर बिहार में रहने वाली एक 45 वर्षीय महिला अंजना कुमारी घायल हो गईं और उनके सर में गहरी चोट आई। उनके सर से खून बह रहा था। ऐसे में हीरो राजन कुमार वहां किसी फरिश्ते की तरह हाजिर ह

फ्यूचर 50 लीडर्स शेपिंग सक्सेस’ अवार्ड से सम्मानित

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, अलीगंज (प्रथम कैम्पस), लखनऊ की वरिष्ठ प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति कश्यप एवं सी.एम.एस. गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) की प्रधानाचार्या श्रीमती आभा अनन्त को 'फ्यूचर 50 लीडर्स शेपिंग सक्सेस' अवार्ड से सम्मानित किया गया है। अभी हाल ही में जयपुर में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में सी.एम.एस. की इन दोनों प्रधानाचार्याओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश भर के अनेकों प्रख्यात शिक्षाविद्, विशेषज्ञ एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने श्रीमती ज्योति कश्यप एवं श्रीमती आभा अनन्त को इस उपलब्धि हेतु हार्दिक बधाई देते हुए कहा है कि सी.एम.एस. प्रधानाचार्याओं एवं शिक्षकों की लगन व कर्तव्यनिष्ठा के बलबूते ही विद्यालय के छात्र दिन प्रतिदिन नये कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।   सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. प्रधानाचार्याओं को यह अवार्ड शिक्षा पद्धति एवं पाठ्यक्रम में नवीनता अपनाने, छात्रों को शान्तिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने, आधुनिकतम तकनीकों की सहायता से

राना बेनी माधव बख्श सिंह भारत माता के महान सपूत तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे

राना बेनी माधव बख्श सिंह भारत माता के महान सपूत तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे उनका जीवन देश की आजादी एवं स्वाधीन भारत की एकता, अखण्डता एवं सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए समर्पित था। राना बेनी माधव बख्श सिंह जनपद, देश प्रदेश की संतान है जिसने देश व समाज के लिए, स्वाधीनता के लिए अपना सबकुछ न्योछावर किया था। किसी परिवार की गुलामी के लिए नही थे। जब उन्होंने जनपद को 1857 में स्वाधीन घोषित किया तथा तब उनकी उम्र 52-53 वर्ष की थी जिन्होंने अंग्रेजों को जनपद में घुसने नही दिया तथा स्वाधीनता की लड़ाई में अपनी अलग पहचान बनाई सरकार स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक राना बेनी माधव बख्श सिंह सहित अन्य स्वतंत्रता संग्राम ज्ञात व अज्ञात सैनानियों की स्मृतियों को संजोने व उनके सपनों के अनुरूप देश व समाज को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। जिससे पूरे देश को आनन्द की अनुभूति महसूस कर रहा है। केन्द्र सरकार मोदी जी के नेतृत्व में एतिहासिक निर्णय लेकर कार्य कर रही है जम्मू कश्मीर में 370 धारा को समाप्त कर एक भारत श्रेष्ठ भारत विकासशील भारत की कल्पना को स्वीकार कर रहा है। वही दुसरी तरफ एक परिवार विरोध पर विर

परमात्मा की कृपा

मुझे दाल खानी ही नही है..मुझे बिरयानी खानी है. अभी बनायो. माँ शायद गुस्से में कुछ बोलने वाली थी उससे पहले दीदी बोल पड़ी, 14 साल के हो गए हो,थोड़े जिम्मेदार बनो. देख रहे हो माँ अभी टॉयफोइड से उठी हैं. खाना बन रहा है शुक्र समझो. कम से कम उनकी तबियत का लिहाज करो. आप तो मुझसे भी बड़ी हो. तो खुद भी तो जिम्मेदारी समझो. मम्मी को क्यों बनाने दे रही हो खाना. तुम बनायो. सुबह का नाश्ता मैं ही बना कर गयी थी. रात का खाना भी बनाउंगी. मेरी जगह एग्जाम देने कॉलेज तू जाएगा? अरे यार, इतने लेक्चर सुनकर तो भूख ही मर गयी. रखो अपनी दाल रोटी, मैं चाउमीन खाने जा रहा हूँ। मम्मी को शायद कमजोरी थी, वो बिना कुछ कहे चुपचाप कमरे में लेट गयीं. बहन बड़बड़ा रही थी जिसे अनसुना कर अपना जैकेट, कैप लगाकर मैं साईकल लेकर निकल गया. गली से मुड़ा ही था कि कोहरे में किसी चीज से टकरा कर गिर गया. पूरा गर्म कपड़ों में पैक था तो ज्यादा चोट नही लगी, पर उस लड़के पर बड़ा गुस्सा आया जो गली के कोने पर पेड़ की टूटी हुई लकड़ियाँ चुन रहा था. एक तो घर से मूड खराब उस पर ये अबे कुछ पागल है क्या? नहीं भईया...वो..वो...लकड़ियाँ इकट्ठी कर रहा था. बहुत ठंड है

आज का युग एक ऐसी भाषा चाहता है जो विश्व के सभी लोग आसानी से सीख लें

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम (प्रथम कैम्पस), लखनऊ द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय अंग्रेजी साहित्य महोत्सव 'ओडिसी इण्टरनेशनल-2019' का भव्य समापन सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में हुआ। इस अवसर पर रंगारंग शिक्षात्मक साँस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच देश-विदेश के प्रतिभागी विजयी छात्रों को शील्ड, मैडल व सार्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्प्रिंगडेल सीनियर स्कूल, अमृतसर, पंजाब की छात्र टीम ने 'ओडिसी इण्टरनेशनल-2019' की ओवरआॅल चैम्पियनशिप ट्राफी जीतकर अपने ज्ञान-विज्ञान का परचम लहराया जबकि मेजबान सी.एम.एस. राजाजीपुरम (प्रथम कैम्पस) के छात्रों ने रनरअप ट्राफी पर कब्जा जमाया। इससे पहले, मुख्य अतिथि राजशेखर, आई.ए.एस., प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन कार्पोरेशन, ने दीप प्रज्वलित कर समापन समारोह का उद्घाटन किया और विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री राजशेखर ने कहा, आज का युग एक ऐसी भाषा चाहता है जो विश्व के सभी लोग आसानी से सीख लें व जिसमें वे अपने विचारों का आदान-प्रदान आसानी से कर सकें। उन्होंने आगे कह

जिला परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक

रायबरेली के स्कूलों मंे संचालित स्कूली वाहनों को जिनका फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो जाने पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन रायबरेली द्वारा डाक द्वारा स्कूलों को नोटिस प्रेषित किया गया किन्तु स्कूलों द्वारा नोटिस को संज्ञान में नही लिया गया। जिससे स्पष्ट होता है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे है। ऐसे अभी 83 वाहन को चिन्हित की गई है जिनका केन्द्रीय मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा, 53 के अन्तर्गत कार्यवाही करते हुए उनका पंजीयन एक माह के लिए निलम्बित किया गया है तथा सभी को डाक द्वारा सूचित भी कर दिया गया है। इस अवधि में सभी ऐसे स्कूली वाहनों का संचालन भी वैध नही होगा और यह निलम्बन अवधि लगातार छः माह तक यदि बनी रहती है तो इनके पंजीयन निरस्तीकरण की कार्यवाही नियमानुसार अधिनियम की धारा 54 के अन्तर्गत की जायेगी। इसके अतिरिक्त ऐसी शेष अन्य स्कूली वाहनों की भी सूची तैयार कर नोटिस प्रेषित करने की कार्यवाही की जा रही है। जिनका अभी तक फिटनेस नही कराया गया है। माह जुलाई में इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी रायबरेली नेहा शर्मा की अध्यक्षता में जिला परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक कर सभी स्कूलों को निर

दहेज की बल बेदी पर चढ़ी एक और बेटी’

एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का अभियान लेकर चल रही है, वही दूसरी तरफ प्रदेश के अराजक तत्वों पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है, ताजा मामला महाराजगंज जनपद के घुघली थाना क्षेत्र का है। जिसमें एक बेटी को दहेज के लोभीयो ने एक बार फिर जिंदा जला दिया, महाराजगंज जनपद के घुघली वार्ड नंबर 6 रामचंद्र जायसवाल की लड़के राकेश जायसवाल की शादी लगभग साढे 3 साल पहले जनपद कुशीनगर कसया थाने के शामपुर हथवा निवासी मुखदेव जायसवाल की बेटी पुनीता जायसवाल से 19 अप्रैल, 2017 को हुई थी पुनीता के पिता मुखदेव जायसवाल के अनुसार शादी के बाद से ही ससुराल वालों द्वारा शुरू से ही दहेज का एक लाख रूपये देने के लिए दबाव बना रहे थे तथा उसी के लिए विवाहिता को प्रताड़ित कर रहे थे विवाहिता के पति राकेश विदेश रहता है तथा वहीं से टेलीफोन द्वारा अक्सर अपनी पत्नी को दहेज की पैसे के लिए प्रताड़ित करता था तथा उसी के उकसावे पर 22 अगस्त 2019 को उसको जलाकर मार डाले जिसकी सूचना पर स्थानीय पुलिस ने आईपीसी की धारा 498ं 304 बी दहेज प्रतिरोध अधिनियम 1961 धारा 3 तथा धारा 4 में मामला दर्ज कर लिया है जिसमें पति राकेश सास माया देवी ससुर राम

अमीर होने का इंतजार

दुनिया के सबसे धनवान व्यक्ति बिल गेट्स से किसी ने पूछा, क्या इस धरती पर आपसे भी अमीर कोई है? बिल गेट्स ने जवाब दिया, हां, एक व्यक्ति इस दुनिया में मुझसे भी अमीर है। कौन, बिल गेट्स ने बताया एक समय मे जब मेरी प्रसिद्धि और अमीरी के दिन नहीं थे, मैं न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर था.. वहां सुबह सुबह अखबार देखकर, मैंने एक अखबार खरीदना चाहा, पर मेरे पास खुदरा पैसे नहीं थे.. सो, मैंने अखबार लेने का विचार त्याग कर उसे वापस रख दिया.. अखबार बेचने वाले लड़के ने मुझे देखा, तो मैंने खुदरा पैसे सिक्के न होने की बात कही.. लड़के ने अखबार देते हुए कहा, यह मैं आपको मुफ्त में देता हूँ.. बात आई-गई हो गई.. कोई तीन माह बाद संयोगवश उसी एयरपोर्ट पर मैं फिर उतरा और अखबार के लिए फिर मेरे पास सिक्के नहीं थे। उस लड़के ने मुझे फिर से अखबार दिया, तो मैंने मना कर दिया। मैं ये नहीं ले सकता.. उस लड़के ने कहा, आप इसे ले सकते हैं, मैं इसे अपने प्रॉफिट के हिस्से से दे रहा हूँ.. मुझे नुकसान नहीं होगा। मैंने अखबार ले लिया...... 19 साल बाद अपने प्रसिद्ध हो जाने के बाद एक दिन मुझे उस लड़के की याद आयी और मैंने उसे ढूंढना शुरू किया। कोई डेढ़

ज्योतिष मे गृह कलह के ग्रह योग

वैदिक ज्योतिष एवं प्राच्य विद्या शोध संस्थान अलीगंज, लखनऊ के तत्वाधान मे 128 वीं मासिक सेमिनार का आयोजन वाराह वाणी ज्योतिष पत्रिका कार्यालय मे किया गया सेमिनार का विषय ज्योतिष मे गृह कलह के ग्रह योग था। जिसमे डा. डी एस परिहार के अलावा श्री अनिल कुमार बाजपेई एडवोकेट, जज श्री एल बी उपाध्याय, श्री उदयराज कनौजिया डा. प्रदीप निगम, प. के के तिवारी, प. प्रभाकर पाण्डे प. शिव शंकर त्रिवेदी, प. जे पी शर्मा, प. विनय मिश्रा, एडवोकेट, तथा प. आनंद त्रिवेदी आदि ज्योतिषियोें एवं श्रोताओं ने भाग लिया गोष्ठी मे डी एस परिहार, जज श्री एल बी उपाध्याय, श्री उदयराज कनौजिया डा. प्रदीप निगम तथा प. आनंद त्रिवेदी ने अपने अनुभव और व्यक्तव्य प्रस्तुत किये। श्री एल बी उपाध्याय जी ने कहा कि ग्रह कलह का विचार चन्द्रमा से करना चाहिये चन्द्रमा पर यदि सप्तमेश पाप दृष्टि डाले तो पत्नी से भयानक कलह होगी जज साहब ने सिंह लग्न के जातक की एक कुंडली के माध्यम से बताया कि राशियों के तत्वों के आधार पर भी कहल योगों की व्याख्या करनी चाहिये जैसे वृशिचक राशि मे जल का भाग केवल 1/2 भाग ही रहता है। बाकी आधे भाग मे 8 अंय तत्व भी रहते है

झांसी में मनाया गया श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव

झांसी मैं विश्वविद्यालय चैकी प्रभारी व समस्त स्टाफ के द्वारा चैकी विश्वविद्यालय मैं श्री कृष्ण  जन्माष्टमी बड़े धूमधाम से मनाया गया चैकी प्रभारी व समस्त स्टाफ के द्वारा चैकी परिसर में भजन कीर्तन का आयोजन करवाया गया व चैकी परिसर में आए हुए समस्त नागरिकों को व पुलिस के आला अधिकारियों को भंडारा मैं भोजन व प्रसाद वितरण किया गया।

आजीवन सेवा का संकल्प

मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त 1910 को मेसेडोनिया गणराज्य के स्काप्जे में सुन्दर बेटी अगनेस गोंझा बोयाजिजू के रूप में हुआ था। अलबेनियन भाषा में गोंझा का अर्थ फूल की कली होता है। जब वह मात्र आठ साल की थीं तभी इनके पिता का निधन हो गया, जिसके बाद इनके लालन-पालन की सारी जिम्मेदारी इनकी माता द्राना बोयाजिजू के ऊपर आ गयी। यह भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। इनके जन्म के समय इनकी बड़ी बहन की उम्र 7 साल और भाई की उम्र 2 साल थी।  वह एक सुन्दर, अध्ययनशील एवं परिश्रमी लड़की थीं। पढ़ाई के साथ-साथ, गाना इन्हें बेहद पसंद था। यह और इनकी बहन पास के गिरजाघर में मुख्य गायिकाएँ थीं। अगनेस उर्फ मदर टेरेसा ने 12 साल की कम उम्र में अपने जीवन को समाज सेवा के कार्यों में समर्पित करने का फैसला कर लिया था। टेरेसा ने 18 साल की उम्र में ही स्काप्जे (अपने माता-पिता का घर) को छोड़ दिया था। वह आयरिश समुदाय में नन के रूप में शामिल हो गईं थी। यह समुदाय सिस्टर्स आफ लारेटो के नाम से पूरे भारत में शिक्षा का कार्य करता था। लारेटो की सिस्टर्स अंग्रेजी माध्यम से बच्चों को भारत में पढ़ाती थी इसलिए सिस्टर टेरेसा ने अंग्रेजी सीखी। टेरेसा

प्रकृति ईश्वर का दिया हुआ वरदान है

प्रत्येक प्राणी के हित में प्रकृति का परिचारिका रूप वस्तुतः ईश्वर की करुणा-अनुग्रह का ही रूप है ! प्रतिपल सौन्दर्य-माधुर्य युक्त प्रकृति सर्वथा निर्दोष एवं ईश्वरीय विधान की  साकारता है ! अतः प्रकृति के प्रति एकात्मता और आदरभाव रखें ..! इस धरती पर जीवन प्रकृति के कारण ही संभव है। ब्रह्माण्ड में पृथ्वी के अलावा और भी कई ग्रह हैं लेकिन इस प्रकृति के बिना वहां जीवन संभव नहीं है। पृथ्वी पर सुखी जीवन व्यतीत करने के लिए भगवान ने हमें सबसे अनमोल और कीमती उपहार प्रकृति के रूप में हमें प्रदान किया है। प्रकृति क्या है? हम अपने आस-पास जितने भी बाग-बगीचे, जीव-जंतु, पशु-पक्षी, नदी-समुद्र, जो कुछ भी दृश्यमान है विशाल पेड़ों के हरे भरे वन, रेतीले रेगिस्तान, कहीं पर बहती हुई चंचल नदियाँ, तो कहीं पर समुद्र की लहरें हैं, धरती पर हिमालय पर्वत जैसी विशाल और लम्बी-लम्बी पर्वत मालायें भी है जो प्रकृति का विशाल स्वरुप दिखाती है, यही हमारी प्रकृति है। जिसका दृश्य देखने मात्र से ही मनुष्य के दिन भर की सारी थकानें दूर हो जाती है। हम सभी के लिए प्रकृति ईश्वर का दिया हुआ वरदान है। हम ब्रह्माण्ड के सबसे सुंदरतम ग्रह

आध्यात्मिक सभ्यता

अब समय आ गया है जबकि सभी धर्मों के लोगों को एक ही स्थान पर एकत्रित होकर एक ही परमपिता परमात्मा की प्रार्थना करनी चाहिए। अर्थात एक ही छत के नीचे हो-अब सब धर्मों की प्रार्थना' हो। अज्ञानता के कारण आज एक ही परमपिता परमात्मा की ओर से युग-युग में आये अवतारों को अलग-अलग मानने के कारण ही धर्म के नाम पर चारों ओर जमकर दूरियां बढ़ रही है, जबकि सभी अवतार एक ही परमपिता परमात्मा की ओर से युग-युग में आये हैं। इस प्रकार हम सब एक ही परमात्मा की संतानें हैं। लैटिन भाषा में रिलीजन के मायने जोड़ना होता है। अर्थात जो जोड़े वह धर्म है तथा जो तोड़े वह अधर्म है।  रामायण में तुलसीदास जी ने ठीक ही लिखा है कि 'जब जब होई धर्म की हानि, बाढ़हि असुर, अधम अभिमानी। तब तब प्रभु धरि विविध शरीरा, हरहिं कृपानिधि सज्जन पीरा।। अर्थात जब-जब धर्म की हानि होती है और संसार में असुर, अधर्म एवं अन्यायी प्रवृत्तियों के लोगों की संख्या सज्जनों की तुलना में बढ़ जाने के कारण धरती का संतुलन बिगड़ जाता है, तब-तब परम पिता परमात्मा कृपा करके धरती पर अपने प्रतिनिधियों (अवतारों) कृष्ण, बुद्ध, अब्राहीम, मुसा, महावीर, जरस्थु, ईसा, मोहम्मद,

प्रकृति रक्षण के प्रति हम संवदेनशील रहें

प्रकृति-पर्यावरण का रक्षण व संवर्धन दैव आराधना का ही एक रूप है, क्योंकि नदियां, झील, जलाशय एवं समग्र पर्यावरण में परमात्मा की विभूति, ओज, ऊर्जा और अस्तित्व समाहित हैं। ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि प्रकृति रक्षण के प्रति हम संवदेनशील रहें। परमार्थ प्रकृति का मूल स्वर है जो नदी, झील, जलाशय, वृक्ष आदि विविध रूपों में है। वह परमात्मा परमार्थ के लिए ही अभिव्यक्ति है। ईश्वर ने सब कुछ इतनी खूबसूरती से बनाया है जिसे देख कर हमारी आँखें कभी नहीं थकती और ना ही कभी हमारा मन उनसे भरता है। लेकिन हम भूल जाते हैं कि केवल प्रकृति का हमारे तरफ ही नहीं, बल्कि हमारी भी प्रकृति की तरफ उतनी ही जिम्मेदारी बनती हैं कि हम उसकी रक्षा करें। दुरूख की बात ये है कि हम मानव स्वार्थी हो गये हैं। हम 'प्रकृति' द्वारा हम पर किये गये उपकारों को भूल जाते हैं। प्रकृति जितना हमें देती है बदले में हम उसका उतना ध्यान नही रखते। हम प्रकृति के संसाधनों का पूरी तरह से दोहन तो कर लेते हैं, पर ये इस बात की चिंता नही करते कि ये संसाधन सीमित मात्रा में हैं और इनका इस तरह से उपयोग करें कि ये संसाधन सदैव उपलब्ध रहें। हम प्रक

रैम्प वाॅक के प्रर्दशन में दर्शकों का दिल जीता

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम कैम्पस, लखनऊ द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय अंग्रेजी साहित्य महोत्सव 'ओडिसी इण्टरनेशनल-2019' का दूसरा दिन खासा दिलचस्प रहा। कोरियोग्राफी, वाद-विवाद, कार्टून मेकिंग, पेन्टिंग, टैलेन्ट शो आदि विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं में दक्षिण अफ्रीका, नेपाल एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे प्रतिभागी छात्रों का प्रदर्शन देखने लायक था। छात्रों में प्रत्येक प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करने की होड़ लगी थी एवं सभी प्रतिभा प्रदर्शन में एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में थे। इससे पहले, प्रतियोगिताओं के शुभारम्भ से पूर्व सी.एम.एस. छात्रों ने सर्व-धर्म व विश्व शान्ति प्रार्थना द्वारा पूरे आॅडिटोरियम में ईश्वरीय आभा का प्रकाश बिखेर कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।  ओडिसी इण्टरनेशनल-2019 के दूसरे दिन प्रातःकालीन सत्र की शुरुआत 'ओपेन माइक सेशन' से हुई। जिसके अन्तर्गत प्रतिभागी छात्र टीमों के टीम लीडर्स ने वीडियो प्रजेन्टेशन के माध्यम से अपने विचार रखे एवं अंग्रेजी साहित्य को छात्रों के लिए और अधिक उपयोगी एवं

विघ्नहर्ता-सुखकर्ता श्री गणेश

श्री गुरूचरण सरोज, मस्तक लीन्ही चढ़ाय। 'लाल' हस्गति लेखनी, सुमिरत शारदा माय।। जै जै जै सिन्धुर्बदन गौरी पुत्र गणेश।  मूषक वाहन गणसदन, काटौ सकल कलेश।।  भारत के पर्व यहाँ सभ्यता और संस्कृति के प्रतीक हैं। रिद्धी-सिद्धी दाता शिव-पार्वती पुत्र श्री गणेश का हिन्दू समाज में विशेष महत्व है, किसी भी कार्य का शुभारम्भ श्री गणेश वन्दना से होता है। विघ्नहर्ता-सुखकर्ता श्री गणेश भाद्रपद मास की चतुर्थी को सिद्धिविनायक श्री गणेश प्रकट हुए थे। इस दिन को सिद्धिविनायक गणेश चतुर्थी भी का जाता है। देश भर में इसी दिन से गणेशोत्सव का शुभारम्भ होता है। गणेश चतुर्थी हमकों उत्सव के साथ-साथ कई संन्देश दे जाता है। क्योंकि यह एक ऐसा अवसर रहता है, जब भेदभाव रहित गणेशोत्सव बहुत धूमधाम से मनाते है। गणपति बप्पा मोरया यानि की श्री गणेश जी की विशेषता है कि उनके स्मरण से ही समस्त कार्य सुचाररूप से सम्पन्न हो जाते है और सभी विघ्न-बाधायें दूर हो जाती है।  प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी देशभर में गणेशोत्सव की तैयारियाँ जोरों से चल रही है। विशेष रूप से महाराष्ट्र में कड़ी सुरक्षा में 11 दिनों तक चलने वाला गणेशोत्स

चैपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना

जिलाधिकारी रायबरेली, नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2019 (स्वच्छ ग्राम स्वच्छ जिला) सर्वेक्षण अभियान विगत 14 अगस्त से शुरू है। जो 25 सितम्बर के मध्य किया जाना है। इसमें 2019 का एप डाउनलोड करके मांगी गई सूचना को भेजे तथा जिनके पास एन्ड्राइड मोबाइल नही है वह लोग टोल फ्री नम्बर 18005720112 पर काॅल करें। स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 से जुड़ कर अपनी एन्ट्री कर पूछे गये सवालो का जवाब देकर स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 को जनपद को गे्रडिंग दिलाने मंे आगे आये। इसके अलावा जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण व विकास कार्यो को त्वरित गति प्रदान करने के लिए विकास खण्ड अमावां की ग्राम पंचायत सिधौना, अमावां, घूराडीह, पहरावा, बूढनपुर, रूकुनपुर में चैपाल लगाकर विकास कार्यो का स्थलीय सत्यापन व निरीक्षण/भ्रमण आदि किया गया। जिलाधिकारी ने आयोजित चैपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुना तथा उसके निराकरण के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने ग्रामीणों को प्रदेश व केन्द्र सरकार की लाभ परक कल्याणकारी योजनाओं

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन त्यौहार

पवित्र ''गीता'' हमें कर्तव्य एवं न्याय के मार्ग पर चलने की सीख देती है:- श्रीकृष्ण अष्टमी पर जन्माष्टमी का पावन त्यौहार बड़ी ही श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। आज से पाँच हजार वर्ष पूर्व इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा की जेल में हुआ था। कर्षति आकर्षति इति कृष्णः। अर्थात श्रीकृष्ण वह है जो अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। श्रीकृष्ण सबको अपनी ओर आकर्षित कर सबके मन, बुद्धि व अहंकार का नाश करते हैं। भारतवर्ष में इस महान पर्व का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दोनों तरह का विशिष्ट महत्व है। यह त्योहार हमें आध्यात्मिक एवं लौकिक संदेश देता है। आस्थावान लोग इस दिन घर तथा पूजा स्थलों की साफ-सफाई, बाल कृष्ण की मनमोहक झांकियों का प्रदर्शन तथा सजावट करके बड़े ही प्रेम व श्रद्धा से आधी रात के समय तक व्रत रखते हैं। श्रीकृष्ण के आधी रात्रि में जन्म के समय पवित्र गीता का गुणगान तथा स्तुति करके अपना व्रत खोलते हैं तथा पवित्र गीता की शिक्षाआंे पर चलने का संकल्प करते हैं। साथ ही यह पर्व हर वर्ष नई प्रेरणा, नए उत्साह और नए-नए संकल्पों के लिए हमारा मार्ग प्रशस्त करता है। हमारा कर्तव्य है कि हम जन्म

अखिलेश सिंह को श्रद्धांजलि दी

रायबरेली जनपद के महान हस्ती पांच बार के सदर विधायक रहे अखिलेश सिंह को यू0पी0 जर्नलिस्ट  एसोसिएशन (उपजा) के पदाधिकारियों, सदस्यों द्वारा सृष्टि जागरण कार्यालय में श्रद्धासुमन अर्पित करके शोक सभा की गयी। उपजा के प्रदेश उपाध्यक्ष/जिलाध्यक्ष राधेश्याम कर्ण ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि सदर विधायक रहे अखिलेश सिंह ने गरीबों, पीड़ितों, मजदूरों सहित सभी वर्गो के हित में हमेशा कार्य किया उसकी झलक लालूपुर से डलमऊ तक उनकी अन्तिम यात्रा की भीड़ ने प्रमाणित कर दिया। जन संदेश अखबार के ब्यूरो चीफ राजपाल सिंह ने कहा कि अखिलेश सिंह जिले के संरक्षक थे। पूरे-पूरे दिन दीनो पीड़ितों की सेवा में लगे रहते थे। जाति-पाति से ऊपर उठकर उन्होने मानवता की, सेवा की इस लिए सदर विधायकी से उन्हें कोई शक्ति नहीं हटा पायी। उपजा के महामंत्री संजय सिंह ने कहा कि अखिलेश सिंह तमाम लोगों के लिए भगवान थे जब पुलिस प्रशासन, दीवानी से लोग निराश हो जाते तो विधायक जी के मौखिक कहने पर लोग राहत पाते थे। भारत सेवक समाज के जिलाध्यक्ष शिव नारायण सोनी ने कहा कि विधायक रहे अखिलेश सिंह इतिहास, राजनीति, धर्मशास्त्र, मानव शास्त्र के ज्ञाता थे

भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य पर प्रकृति का उल्लासपूर्ण स्वागत

भगवान श्रीकृष्ण का अवतार अपने भक्तों को आनन्द देने के लिए है इसलिए उनके आविर्भाव के पूर्व ही प्रकृति में सर्वत्र आनन्द छा गया। जैसे अंतरूकरण शुद्ध होने पर उसमें भगवान का आविर्भाव होता है, श्रीकृष्णावतार के अवसर पर ठीक उसी प्रकार समष्टि (प्रकृति) की शुद्धि का वर्णन किया गया है। पुराणों में भगवान की दो पत्नियों का वर्णन मिलता है। एक श्रीदेवी और दूसरी भूदेवी। जिस समय श्रीदेवी के निवास स्थान बैकुण्ठ से उतरकर भगवान भूदेवी के निवास स्थान पृथ्वी पर आने लगे, तब जैसे परदेश से पति के आगमन का समाचार सुनकर पत्नी सज-धजकर आगवानी करने के लिए निकलती है, वैसे ही पृथ्वी (भूदेवी) का मंगल चिन्हों को धारण करना स्वाभाविक है। भगवान के चरण मेरे वक्षरूस्थल पर पड़ेंगे, अपने ऐसे सौभाग्य को देखकर पृथ्वी आनन्दित हो गयी। आज भी इस मंगलदिन पृथ्वी के वक्षरूस्थल पर एक विलक्षण आनन्द का महानृत्य होता है। इसी महा आनन्द का श्रृंगार-रस परिपूरित वर्णन श्री शुकदेवजी ने श्रीमद्भागवत में किया है। वे कहते हैं। अथ सर्वगुणोपेतरू कालरू परमशोभनरू। अर्थात् 'काल समस्त शुभ गुणों से युक्त और परम शोभन हो गया।' काल नित्य ही जगत के

स्वाध्याय से विचार शक्ति बढ़ती है

साधना को आगे बढ़ाने के लिए स्वाध्याय महत्वपूर्ण सोपान है। स्वाध्याय के समान कोई तप नहीं है, लेकिन अध्ययन के बाद उसकी गहराई में जाना भी आवश्यक है। स्वाध्याय का अर्थ लोग किताब पढ़ना समझते हैं। पुस्तक पढ़ना तो स्वाध्याय का आरम्भिक स्तर मात्र है। स्वयं का अध्ययन करना ही विशुद्ध रूप से स्वाध्याय है। जो व्यक्ति स्वयं का अध्ययन करता है तो उसे कई कमियाँ अपने अंदर दिखाई देती है। स्वयं के अध्ययन करने से क्या लाभ होता है? जो व्यक्ति स्वयं का अध््ययन करते हैं उन्हें स्वरूप की उपलब्धि होती है। आत्मा की सबसे बड़ी खुराक स्वाध्याय ही है। मनुष्य का जन्म लाखों योनियों में पीड़ा भोगने के बाद हुए किसी पुण्य के प्रताप से होता है। स्वाध्याय बहुत ही मूल्यवान है। सदग्रन्थ हमें सत्संग का लाभ प्रदान करते हैं। जहाँ लाभ है वहाँ ही लाभ का उल्टा 'भला' है। इसलिए स्वाध्याय का प्रारम्भ सदग्रन्थों के अध्ययन से ही करना चाहिए। ये सदग्रन्थ अपनी संगति से ही हमें निखार कर सोने से कुन्दन बना डालते हैं। हम सदग्रन्थों में यदि उच्च विचारों के महापुरुषों के जीवन चरित्र, उनके कार्य और व्यक्तित्व का अवलोकन करते हैं, उनके विचारो