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जून, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

प्रेतनी दुल्हन

सन् 1938 की बात है महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के बालकी गांव में शिवाजी राव नामक एक सम्पन्न किसान रहते थे, वे तीन बेटियों और एक बेटे के पिता थे। बेटियों की शादी हो चुकी थी गर्मी के दिन थें, घर में इकलौते 17 वर्षीय बेटे दामोदर की शादी की खुशियाँ मनाई जा रही थी। पूरे गांव में चर्चा थी कि दुल्हन बहू बड़ी सुन्दर है। बिलकुल अप्सरा जैसी बात सोलह आने सच थी। वैसी सुन्दर बहू आज तक गांव मे नही आई थी। जेठ के महीने की तपती दुपहरी मे घर की औरतें ढोलक की थाप पर विवाह के मंगल गीत गा रही थी। मर्द बैठक में बैठे इधर-उधर की बातें कर रहे थे। शिवाजी राव का मन नही लग रहा था उन्हें रह-रह कर अज्ञात अनिष्ट की आशंका सता रही थी। उनकी शंका निराधार नही थी। दरअसल बात यह थी विवाह के वक्त से ही घर में कुछ अजीब सी मनहूस घटनायें घट रही थी। जिनका कोई जवाब नही था शादी के कुछ दिन पहले शिवाजी चढावे के लिये जेवर और साड़ियां खरीद कर लाये थे शाम के वक्त जब वह उन्हें पत्नी बेटियों को दिखा रहे थे। तो ना जाने कैसे ताक मे रखा दिया लुढक गया और एक साड़ी मे आग लग गई साड़ी बदल दी गई। बात आई गई हो गयी। विवाह वाले दिन दोपहर मे बारात नौ बैलग

चन्द्रिका देवी तीर्थ

लखनऊ से 20 किमी उत्तर मे पौराणिक कालीन तीर्थ स्थित है। स्कंद पुराण मे इस तीर्थ का मही सागर के रूप मे विशद वर्णन पाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार एक बार ब्रह्मा जी की सभा मे यह विचार हो रहा था तीर्थों का राजा कौन है। तो मही सागर ने स्वयं अपनी बड़ाई करते हुये कहा कि तीर्थों मे सर्वश्रेष्ठ मैं ही हूँ ब्रह्मा जी ने कहा नि'संदेह सर्वश्रेष्ठ तुम ही हो किन्तु महापुरूष कभी स्वयं अपनी प्रशंसा नही करते है। अतः इस अपराध के कारण तुमसे यह पद छीन लिया जाता है। और तुम अपना महात्म भूल जाओगे कलयुग मे केवल अमावस्या को ही तुम्हें पूर्ण शक्तियां प्राप्त होंगी। यहाँ महर्षि नारद द्वारा अपनी स्थापित चार दिशाओं में चार मुख्य देवियां और विभिन्न दिशाओं मे नौ दुर्गाओं की स्थापना की गई थी। जिनका विषद वर्णन स्कंद पुराण के में किया गया है। जो इस प्रकार है। महामुनि नारद ने अर्जुन से कहा इस तीर्थ की रक्षा के लिये चार दिशाओं मे मैंने जिन देवियों की स्थापना की है वह सुनो पूर्व दिशा मे स्कंद स्वामी द्वारा स्थापित सिद्धाम्बिका की स्थापना हुयी है। सिद्धों द्वारा पूजित हांेने के कारण वे सिद्धाम्बिका कहलाई। दक्षिण दिश

गायन और रोजगार

गायन और संगीत की परम्परा आदिकालीन है। शायद मनुष्य ने पशु पक्षियों को बोलते गाते देखकर गायन की शुरूआत की होगी संसाार की सभी पुरातन सभ्यतओं मे गायन की परंपरा रही है, ज्योतिष के अनुसार गायन या उसमे रूचि का कारक ग्रह शुक्र व बुध व उनकी राशियां वृष मिथुन, कन्या व तुला है। इन दो ग्रहों का किसी तरह का संबध गायन मे पारंगत बनाता हें इसके साथ ही लग्न, चन्द्र लग्न व बुध से द्वितीय भाव तथ इनके द्वितीयेश भी कम महत्वपूर्ण नही है। इनका बुध शुक्र से संबध या इनकी राशियों से संबध गायक बनाता है। इसके साथ ही लोकप्रिय गायक बनने के लिये अंय भावों और ग्रहों का भी इनसे संबध होना अनिवार्य है। जो निम्न है। 1. लग्न, द्वितीय भाव, तृतीय, पंचम, नवम, दशम व 11 वां भाव तथा गुरू शनि का बली होना अनिवार्य है। 1. यदि द्वितीय भाव या द्वितीयेश का बुघ षुक्र से संबध हो तो जातक गायक हो 2. यदि जाॅब कारक गुरू व शनि का तृतीय भाव या तृतीयेश से संबध को जातक पाॅप या लोक गायक हो 3. यदि पंचम प्ले बैक सिंगर का भाव है। पंचम का नवम,दषम, लाभ भाव से संबध गायक बनाये। 4. यदि कोई ग्रह जो द्वितीयेश, तृतीयेश, पचंमेश नवमेश ,दशमेश, लाभेश भाव हो ब

लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों एवं सांस्कृतिक विरासत देख गद्गद् हुए विदेशी छात्र

सिटी मोन्टेसरी स्कूल की मेजबानी में चल रहे 8-दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सी.आई.एस.वी. यूथ मीटिंग के प्रतिभागी ब्राजील, चेक रिपब्लिक, इण्डोनेशिया, स्पेन एवं भारत के मेहमान छात्रों ने आज लखनऊ भ्रमण का आनन्द उठाया और लखनऊ की ऐतिहासिक इमारतों, सांस्कृतिक विरासत व गंगा-जमुनी तहजीब से रूबरू हुए। विभिन्न देशों से पधारे इन नन्हें मेहमानों ने लखनऊ भ्रमण के दौरान बड़ा इमामबाड़ा, छोटा इमामबाड़ा एवं अन्य दर्शनीय स्थलों की सैर की, साथ ही लखनऊ के लजीज जायके का आनन्द उठाया। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि सी.एम.एस. की मेजबानी में अन्तर्राष्ट्रीय सी.आई.एस.वी. यूथ मीटिंग 'लेट्स वर्क इट आउट' का आयोजन 24 जून से 1 जुलाई तक किया जा रहा है। यह अन्तर्राष्ट्रीय युवा मीटिंग 'कान्फ्लिक्ट एण्ड रिजोल्यूशन' विषय पर आयोजित की जा रही है जिसमें ब्राजील, चेक रिपब्लिक, इण्डोनेशिया, स्पेन एवं भारत के 12 से 13 वर्ष उम्र के छः सदस्यीय बाल दल अपने टीम लीडर के नेतृत्व में प्रतिभाग करने लखनऊ पधारे हैं। प्रत्येक छात्र दल में तीन बालक व तीन बालिकाएं सम्मिलित हैं। इस अन्तर्राष्ट्रीय य

इम्तियाज गाजी को अलीगढ़ में मिला एवार्ड

प्रयागराज की साहित्यिक संस्था 'गुफ्तगू' के अध्यक्ष और युवा शायर इम्तियाज अहमद गाजी को अलीगढ़ की संस्था 'शिखर' ने अभिनव प्रयास सम्मान प्रदान किया। इस मौके पर कवि सम्मेलन और मुशायरे का भी आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार वेद प्रकाश अमिताभ ने किया। अशोक अंजुम और डाॅ. दौलतराम शर्मा ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का संचालन किया। इस मौके पर नितिन नायाब, हरीश बेताब, नाजिया गाजी, भारती शर्मा, प्रेम शर्मा प्रेम, डाॅ. मुजीब शहजर, श्याम सुंदर श्याम, पूनम शर्मा पूर्णिमा, सुधांशु गोस्वामी, डाॅ. दिनेश कुमार शर्मा, गुलफाम आदि मौजूद रहे। श्री गाजी को इससे पहले विभिन्न संस्थाओं ने 'जुगल किशोर शुक्ल सम्मान' 'कुलदीप नैयर सम्मान', 'फिराक गोरखपुरी रजत स्मृति सम्मान' और 'राष्ट्र गौरव सम्मान' से नवाजा है। इनकी अब तक छह किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।

मुक्केबाजी में बच्चों ने जीता गोल्ड

10वी सब जूनियर महिला राष्ट्रिय मुक्केबाजी प्रतियोगिता रूड़की उत्तराखंड मे हुई। ए गोल्डस्मिथ स्पोर्ट्स अकादमी, रायबरेली के बच्चो ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कोच तबिश के प्रशीकचद मे गोल्ड और ब्रोंज मैडल जीता। बाक्सर प्रिया ने जीता गोल्ड और बाक्सर रूबी ने जीता ब्रोंज। बाक्सर महम को सार्वधिक प्रतिभा शाली बाक्सर घोषित किया गया। बच्चों की कामयाबी पर अध्यक्ष संजय वर्मा ने कोच और बच्चों को बधाई दी। अकादमी के बच्चो ने जिले व प्रदेश का गौरव बढ़ाया ।

पोषण मिशन से जुड़ी गतिविधियों युद्ध स्तर पर करें पूरा

जिलाधिकारी रायबरेली, नेहा शर्मा ने पोषण मिशन बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन अधिकारियों ने गांव को गोद लिये है वे गांव में नियमित भ्रमण करें तथा पोषण मिशन की गतिविधियों की कमियों को दूर करके तेजी लाये। जो बच्चें कुपोषित चिन्हित हैं उन्हें पोषित बनाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार के पोषण मिशन के कार्यक्रम गोद भराई, अन्नप्ररासन, सुपोषण स्वास्थ्य मेला, बचपन दिवस, ममता दिवस, लाडली दिवस आदि को समय-समय पर मनाकर पोषण मिशन के प्रति लोगों में पोषण के लिए जागरूक करें। बीएचएनडी शत-प्रतिशत हो। पोषण मिशन सुपोषित ग्राम पोषण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये कि मिशन की गतिविधियों को आकड़ो से न आका जाये बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई देनी चाहिए। पोषण मिशन बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये। उन्होंने कहा कि अधिकारी विस्तार से समन्वयक कार्य योजना बनाकर उसको मूर्त रूप दें। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार, एडी सूचना प्रमोद कुमार, जिला कार्यक्रम अधिक

दहेज दानव

अम्मी जल्दी से नाश्ता लगवाइये मुझे काॅलेज जाने की देर हो रही हैनाज ने कहा! अच्छा मेरी प्यारी बेटी तू बस जल्दी से तैयार होजा, अम्मी ने कहा। नाज एक अच्छे इज्जतदार और पैसे वाले खानदान की बेटी है। वह बहुत नाज-नखरे और लाड़-प्यार से पली है। लेकिन धमण्ड क्या है वह जानती तक नहीं है। वह अमीर-गरीब, छोटे-बड़े हर इन्सान से प्यार करती है यानि वह वह खूबसूरती और अच्छे इखलाक की जिन्दा तस्वीर है। नाज का एक प्यारा बड़ा भाई युसुफ है जो नाज का ही हम ख्याल है और भाई-बहन में बेहद प्यार है। नाज जानती है मैं कितनी देर से तेरा इन्तजार कर रही हूं। जानती हूं बाबा कि तू मेरा कितना बेसब्री से इन्तजार करती है, मैं वह भी जानती हूं कि मैं जब तक काॅलेज नहीं आ जाती तेरा दिल हलक में अटका रहता है कि मेरी नाज अब तक काॅलेज क्यों नहीं आ पाई। मैं खुदा की बेहद शुक्रगुजार हूं कि उसने मुझे तुझ जैसी प्यारी सहेली दी है। सच तू मुझसे मेरी जान से ज्यादा अजीज है। मेरी प्यारी शबी तू नहीं जानती कि मैं तुझे कितना प्यार करती हूं नाज ने बड़े अपनेपन से कहा। शबी एक गरीब लेकिन इज्जतदार घराने की लड़की है। शबी कभी-कभी सोचती है कि मैने नाज से दोस्ती

भटकती आत्मा

कालपी के नवाब हसीमुददीन खाँ की बेटी मलिका किश्वर जहाँ लखनऊ के बादशाह मुहम्मद अली शाह के शहजादे अमजद अली शाह की बेगम बन कर आई थीं। गोमती नदी के तट पर बना बेहद खूबसूरत महल छतर मंजिल उनका रिहाइशी महल था। छतर मंजिल बड़ी खुशगवार जगह थी। चारों ओर फैली हरियाली, नदी के मनमोहक नजारे, आस पास बनी जन्नत जैसी बेइन्तहा खूबसूरत इमारतें और महल मनमोह लेते थे। पूरब में करीब ही गोमती के किनारे बसा मोती महल, उससे कुछ दूर आगे खुर्शीद मंजिल (वर्तमान लामाटीनियर गर्लस कालेज) था उससे आगे एक घना जंगल था जिसे बीच से एक कच्चा गलियारा पूरब को जाता था दांये हाथ पर नवाब सआदत अली का मकबरा था और पश्च्छिम मे कुछ दूर पर एक उंचे टीले पर विालायती ढंग की खूबसूरत रेजीडेंसी बनी हुयी थी। उत्तर में नदी के उस पार बादशाह बाग (वर्तमान विष्वविद्यालय) जिसमे नवाब साहब के आराम के लिये कुछ इमारतें बनी हुयी थी। छतर मंजिल के सामने दायीं ओर कोठी दर्शन विलास थी। छतर मंजिल के पूर्वी छोर पर नवाब साहब और पश्छिमी छोर पर उपरी मंजिल पर बेगम साहिबा और निचली मंजिल पर नवाब साहब की मां बेगम जनाबे आलिया रहती थीं। महल मे कुल मिला कर साठ बड़े और हवादार

मालिस के लाभ अनेक

हृदय रोगियों के लिए एक ही तरीका, जो सहायक सिद्ध होता है और वह है मालिश। मालिश के कारण रक्त के मार्ग की रुकावट अपना स्थान छोड़ने के लिए बाध्य हो जाती है जिससे रक्त संचार सुचारू रूप से होता है और हृदय अपना कार्य सुविधापूर्वक कर सकता है। मालिश त्वचा को सक्रियता प्रदान करती है। जिससे रोमकूप खुलते है। जो न केवल अपशिष्ट जल के शरीर से निष्कासन में सहायक हैं ऐसा करने में रोगी के आमाशय को आराम मिलता है। नाड़ी संस्थान को शांत व सशक्त करने में भी मालिश सहायक होती है जिससे सारे शरीर का नियंत्रण ठीक प्रकार से हो सकता है। दूसरी और मालिश से मोटापा भी नियंत्रित किया जा सकता है। मसलना, दबाना, घर्षण, कटोरी थपकी, थकझोरना, सहलाना, कंपन, मुक्का मारना आदि विधियों का प्रयोग हृदय रोगी की मालिश करते समय किया जा सकता है। मालिश की विभिन्न विधियाँ हैंः- मर्दन :- मर्दन करने के लिए तेल हाथों में लेकर पूरे शरीर पर मलते हैं जिससे शरीर पूरे तेल को जज्ब कर लें। बीच-बीच में हाथों के गोलाई में घुमाते हुए भी मांसपेशियों को रगड़ना चाहिए। मसलना:- मसलने के लिए मुख्यतः अंगुलियों तथा अंगूठे का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए पेशियो

योगिनी मंदिर या वेधशाल

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले मे पडौली कस्बे में मितवाली गांव के पास एक करीब 100 फुट उंची पहाड़ी पर एक चक्राकार 64 योगिनियों का मंदिर बना हुआ है, इसे इकत्तिरसो महादेव मंदिर भी कहा जाता है। जो समुद्र तल से 300 की फुट उंचाई पर है। जिसे विक्रम संवत 1383 (सन 1323) में कच्छपघाट के प्रतिहार राजा देवपाल ने बनवाया था। विद्वानों का कहना है कि प्राचीन काल मे इस मंदिर में ज्योतिष और गणित शिक्षा दी जाती थी कहा जाता है कि सन 1920 मे बना भारत का संसद भवन इसी मंदिर की डिजाइन के आघार पर बनाया गया है। मंदिर तक जाने के लिये 200 सीढ़िया चढनी पड़ती हैं। जिसकी वाहृय घेरे की वाहृय दीवार पर हिंदू देवी देवताओं के चित्र बने है। वाहृय घेरे के बाहर पूरब दिशा ओर एक उँचे चबूतरे पर मंदिर का प्रवेश द्वार है। जिसमे प्रवेश करने के लिये पांच सीढियां चढने पर एक और बड़ा चबूतरा आता है। इस चबूतरे के अंत में चार और सीढियां चढने पर मंदिर में प्रवेश होता हैं मंदिर से निकलने पर प्रवेश द्वार की सीढियों के दांये कोने मे पत्थर का एक हवनकुंड बना है। वाहृय घेरे के दांयी ओर एक विचित्र गोलाकार आकृति है। जिसमे पत्थर का एक गोलकार चबूतरा बना ह

देवगढ़ की वो रात

यह घटना सन् 1961 में मेरे ही साथ घटी थी मैं राजवीर सिंह भदौरिया, उन दिनों मैं ललितपुर जिले के देवगढ़ थाने में स्टेशन अफसर के रूप में पोस्टेड था, मुझे काम संभाले हुये करीब साल भर हुआ था यह कम आबादी वाला जंगलों से घिरा ईलाका था यहाँ दूर-दूर तक पुराने महलों व मंदिरों केग्नावेश फैले हुये थे जंमाष्टमी का दिन था सबेरे से रह-रहकर बारिस हो रही थी हमें खबर मिली थी, कि आज रात एक पुराना फरार मुजरिम मलखान चँदौली गांव में अपनी किसी रिश्तेदारी में आने वाला है। खबर पक्की थी, हमने पुलिस टीम के साथ गांव मे दबिश दी लेकिन ना जाने उसे कैसे हमारे आने की खबर मिल गई और हमारे वहाँ पहुंचने से पहले ही वह चंपत हो गया लौटते समय तेज बारिस शुरू हो गई थाने तक आते हुये हम लोग पूरी तरह भीग चुके थे, जब हम थाना पहुंचे तो रात के साढे बारह बज रहे थे बाकी स्टाफ घर चला गया मेरी और एक संतरी राजाराम की नाईट डयूटी थी लालटेन के रोशनी मे मैं कुछ जरूरी कागज देख रहा था मैने शाम को ही पत्नी सुमन को बता दिया था आज रात शायद मैं घर ना आ सकूँ वह खाने पर मेरा इंतजार ना करे काम खत्म करने के बाद मैंने संतरी को चाय बना लाने का आदेश दिया चाय

डीएम-एसपी ने बालगृह केन्द्र का किया औचक निरीक्षण बालक, बालिकाओं से संवेदनशील व मानवीय व्यवहार में न आये कोई कमी

जिलाधिकारी रायबरेली नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने मील ऐरिया थाने के क्षेत्र के बालगृह केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बालक/बालिका के गृह को देखने पर बालक/बालिका भोजन ग्रहण कर रहे थे। जिलाधिकारी ने भोजन की व्यवस्था एवं गुणवत्ता आदि को परखा दाल की बालटी को चम्मच से ऊपर नीचे करके उसकी गुणवत्ता को परखा तो ठीक मिली। मौजूद बच्चों से भोजन, पढ़ाई-लिखाई एवं स्वास्थ्य के बारें में भी जानकारी प्राप्त की। एनजीओं द्वारा संचालित बालगृह की अधीक्षका पुनम सिंह व प्रभात शर्मा से बालगृह की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा निर्देश दिये कि बच्चों की कुछ किताबे फटी हुई है उन्हें दुरूस्त करें। बच्चों के बिस्तर, कपड़ें आदि को साफ-सुथरा रखा जाये। कम्प्यूटर आदि की शिक्षा ग्रहण कराये। जिलाधिकारी ने वहां मौजूद बालक/बालिकाओं से उनके बारे में एवं वहां की व्यवस्था के बारें में जानकारी लेने पर वहां मौजूद दो बालिकाओं ने कहा कि अधीक्षिका बहुत ज्यादा डाटती है। इसपर अधीक्षका द्वारा अवगत कराया कि इन बच्चियों के 18 साल पूर्ण हो चुके है जो कि लखनऊ मे स्थानान्तरण किया जाना है जिसकी

ज्योतिष और बेरोजगारी

संसार में सभ्यता और संस्कृति के विकास के साथ हजारों लाखों प्रकार के जाॅब विकसित हुये है। परन्तु समस्त जाॅबों को तीन प्रमुख भागों में बांटा जा सकता है। 1. खेती कारक मंगल व चन्द्र 2. व्यापार कारक बुध, चन्द्र व शुक्र 3. नौकरी सूर्य मंगल, केतु राहू, 4. स्वतंत्र या सलाहाकारी कार्य। भारतीय ज्योतिष में दशम भाव से जातक के जाॅब को देखा जाता है। काल चक्र की दशम राशि मकर का स्वामी शनि कर्म कारक माना जाता है। शनि आर्थिक कर्मो सहित अंय सभी प्रकार के कर्मों का कारक है। पाराशर पद्धति मे दशम भाव के चार ग्रह कारक बताये गये हैं। जो वैदिक समाज के चार प्रमुख वर्गों का प्रतिनधित्व करते थे। सूर्य क्षत्रिय व शासक वर्ग, गुरू ग्रह ब्राह्मण धार्मिक व शिक्षा व बौद्धिक वर्ग, बुध वैश्य व्यापारी वर्ग और शनि नौकरी पेशा या श्रमिक वर्ग। इसमें शनिगत राशि, उससे 1, 2, 5, 7, 9, 12 भावो के ग्रह मिल कर जातक के जाॅब का निर्धारण करते है। शुक्र धन कारक है। शु़क्र से 11 वें भाव और शनि से 10 वें भाव से जाॅब देखा जाता है। इन भावों के ग्रह योग अपने क्षेत्र मे जाॅब दिलाते है। षनि से 10 वें व 11 वें भाव भी महत्वपूर्ण है। इस विषय पर

प्लान्टेशन एस्ट्रोलाॅजी

प्लान्टेशन एस्ट्रोलाॅजी कोई नई विधा नही है। बल्कि संसार की अन्य प्राचीन सभ्यताओं और संस्कृतियों में ज्योतिष के आधार पर वृक्षारोपण और उनके ग्रहों के उपचारात्मक व तांत्रिक उपयोगों का वर्णन मिलता है। प्रस्तुत लेख मे विभिन्न लग्नों राषियों और कुछ विषेष ग्रह योगों में जंमे जातक के अनुकूल वृक्षों के वृक्षारोपण उनकी सेवा, उनके विभिन्न उपयोगों द्वारा जीवन की कुछ जटिल समस्याओं से मुक्ति पाने के उपायों का वर्णन किया गया है। वृहत्संहिता, वृहत्जातक, होरासार, नारद संहिता, भविश्ष्य पुराण, गरूड़, स्कंद पुराण, जैमिनी गनन माला, जैमिनी गनन प्रदीपिका आदि ज्योतिष व धार्मिक ग्रन्थ में ग्रहों और वृक्षो के मध्य निम्न संबध दिखाया गया है। सूर्य:-सेब, गाजर, अनार,़ बेल, बादाम चैलाई, ,लौंग, अदरक, खजूर, जौ, गेहू, संतरे, मदार। चन्द्रमा:- अंगूर, खरबूजा, लौकी, गन्ना, खीरा, ककड़ी, खिरनी, मंगल, बेर, झर बेरी, चावल मूली, नारियल, कद्दू, लौकी, टिण्डा, दूधदार वृक्ष, अंगूर, सलाद, खरबूजा, बंदगोभी खीरा, अलसी, पलाष, चंदन, हरसिंगार, बेला। मंगल:- गेंहू, टमाटर, सेब, लाल मिर्च, मसूर, चैलाई, अजवाइन, चना, शलजम, एरंड, खैर, लाल चंदन, अजम

दिमागी बुखार से जंग की दस्तक जन-जन से जोड़ों अभियान को

एक्यूटइन्सेफलाइटिस सिंड्रोम या दिमागी बुखार एक गम्भीर बीमारी है जिसके कारण मृत्यु या अपगता भी हो सकती है। कोई भी बुखार दिमागी बुखार हो सकता है इसलिए बुखार को नजरदाज नही करना चाहिए। एक जुलाई से प्रदेश के सभी जनपदों जिसमे रायबरेली जनपद भी शामिल है। विशेष संचारी रोग नियंत्रण तथा 18 जनपदों में दिमागी बुखार से लड़ने के लिए दस्तक अभियान शुरू किया जा रहा है। द्वितीय विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान संचारी रोगों पर सरकार का सीधावार सुरक्षित होगा परिवार पर राजधानी में आयोजित मीडिया कार्यशाला/विचार गोष्ठी में विषय विशेषज्ञों द्वारा महत्वपूर्ण जानकरिया दी। जागरूकता को बढ़ाना चाहिए तथा अभियान को जन-जन से जोड़ने का आहवान किया गया तथा बचाव बीमारियों में महत्वपूर्ण तरीका है जिसे जानना चाहिए। मीडिया सकारात्मक स्टोरी संदेशों को जन-जन में पहुचायें जिसे आम जन पाठक महत्वपूर्ण जानकारियों को जाने और अमल में लाये। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मिशन निदेशक राष्टीय स्वास्थ्य मिशन पंकज कुमार संचारी रोग निदेशक डा0 मिथलेश चतुर्वेदी व संयुक्त निदेशक डा0 विकास सेंदू अग्रवाल यूनिसेफ के डा0 निर्मल

मूर्तिकला के अनुपम उदाहरण है खजुराहो

कलाकृतियाँ भी किसी स्थल की सांस्कृतिक विशेषता हो सकती हैं- इसका सबसे अच्छा उदाहरण खजुराहो के रूप में लिया जा सकता है। खजुराहो मंदिरों का निर्माण दसवीं-ग्यारवहीं शताब्दी के बीच में चंदेल नरेशों ने किया था। एक सौ वर्ष की इस अवधि के दौरान उन्होंने कलापूर्ण, भव्य और मनोहारी पिच्चासी मंदिरों का निर्माण करवाया। इनमें से पच्चीस अभी भी मौजूद हैं। ये मंदिर भारतीय वास्तुशिल्प और मूर्तिकला के अनुपम उदाहरण के रूप में जाने जाते हैं। यद्यपि अधिकांश विदेशी पर्यटकों के लिए खजुराहो का मुख्य आकर्षण मिथुन मूर्तियां हैं पर देखा जाए तो खजुराहो में देखने के लिए और भी बहुत कुछ है। इतिहास बताता है कि श्रीर्ष के निधन के बाद भारत के राजनीतिक क्षितिज पर राजपूतों का वर्चस्व रहा। मध्य युग को तो एक तरह से राजपूतों का ही युग कहा जा सकता है। राजपूत स्वयं को अग्रिकुल का सदस्य मानते हैं। वैसे वैदिक साहित्य में राजपूत शब्द नहीं मिलता लेकिन यह सत्य है कि हिन्दू धर्म और संस्कृति की रक्षा में राजपूत सदैव आगे रहे। उन्होंने वीरता और शौर्य के नये मानक स्थापित किए। भारतीय संस्कृति में राजपूतों का सबसे महत्वपूर्ण योगदान विशाल,

डाक बंगला

1829 के शुरूआती दिनों में मुझे गर्वनर जनरल लाॅर्ड विलियम बैटिंग का आदेश पत्र मिला कि मुझे नर्मदा सागर टेरटिरी के जबलपुर जिले का सिविल व कार्यकारी प्रभारी नियुक्त किया जाता है, यह टेरिटरी 1817 में मराठा अंग्रेज युद्ध के बाद पराजित मराठों से छीनकर कंपनी शासन में जोड़ी गई थी, मार्च 1829 की शुरूआत में मैने वहाँ का चार्ज संभाला मुझसे पूर्व यहां के प्रशासक मि. फ्रेजर लिंडसे की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी, घने जंगलों से घिरा यहाँ का बंगला बड़ा शानदार था, उन्हीं दिनों गर्वनर जनरल लाॅर्ड विलियम ने सारे देश मे नई डाक और तार व्यवस्था लागू की जिससे पूरे देश मे एक शीघ्रगामी आधुनिक डाक व्यवस्था स्थापित हो सके इसके अन्र्तगत सभी प्रमुख राजमार्गो हर पांच पड़ाव (एक पड़ाव बराबर 20 मील) पर सरकारी डाक बंगलों का निर्माण होना था जिनमें आने वाली डाक के रखने के साथ ही डाक कर्मचारियों के अलावा सरकारी दौरे पर जाने वाले अधिकारियों के आवास भोजन की व्यवस्था होती थी ऐसा ही एक डाक बंगला सागर जबलपुर राजमार्ग पर भी बनाने का आदेश मिला मैंने उस इलाके का दौरा किया मुझे राजमार्ग के बांयी ओर की घने बागों से घिरी एक

लैस्बियन या होमोसैक्सुअल

1. शुक्र मंगल से युत हो या दृष्ट हो। या शुक्र मंगल की राशि या नवंाश मे हो तो स्त्री या पुरूष मुख मैथुन व अप्राकृतिक सैक्स करे। 2. शुक्र शनि से युत हो या दृष्ट हो। या शुक्र शनि की राशि या नवंाश मे हो तो स्त्री या पुरूष मुख मैथुन व अप्राकृतिक सैक्स करे। 1. शुक्र सूर्य से 7.30 अंश दूर दग्धावस्था मे हो। जो जातक या जातिका ठंडी हो। शुक्र सूर्य से 7.30 अंश दूर दग्धावस्था मे हो। जो जातक या जातिका ठंडी हो व अप्राकृतिक सैक्स करे। 3. 8 मे भाव में शुक्र, बुध और सूर्य की युति हो तो जातिका ठंडी हो व अप्राकृतिक सैक्स करे। 4. लग्न या सप्तम भाव पर शनि व बुध दोनों की युति व दृष्टि या एक ग्रह की युति व दूसरे ग्रह की दृष्टि नपुंसकता देती है और जातक या जातिका अप्राकृतिक सैक्स कराये। 5. यदि लग्न या चन्द्रमा शुक्र की राशि मे हो तथा मंगल के नवंाश मे हो तो जातक अप्राकृतिक सैक्स करे। 6. यदि लग्न या चन्द्रमा बुध की राशि में हो तथा शनि के त्रिशंाश में हो तो जातक नपुंसक हो और जातक या जातिका अप्राकृतिक सैक्स कराये। 7. यदि लग्न या चन्द्रमा शनि की राशि मे हो तथा बुध के त्रिशंाश मे हो तो जातक नपुंसक हो और जातक या जाति

एकता व शान्ति का संदेश सारी दुनिया में पहुंचायेंगे हम

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ की मेजबानी में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय सी.आई.एस.वी. यूथ मीटिंग के प्रतिभागी ब्राजील, चेक रिपब्लिक, इण्डोनेशिया, स्पेन एवं भारत के छात्रों ने सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में एक स्वर से कहा कि हम चाहते हैं कि पूरी दुनिया में शान्ति व अमन हो, कहीं युद्ध न हो, कहीं आपसी वैमनस्य न हो और कहीं मानवाधिकारों का हनन न हो। इन्हीं विषयों पर बातचीत करने को हम बच्चे यहां एकत्रित हुए हैं और हमारा इरादा है कि हम सारी दुनिया में एकता का पैगाम पहुंचायें। अन्तर्राष्ट्रीय यूथ मीटिंग के प्रतिभागी छात्र आज प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से मिले और दिल खोलकर बातचीत की। विदित हो कि सी.एम.एस. की मेजबानी में अन्तर्राष्ट्रीय सी.आई.एस.वी. यूथ मीटिंग 'लेट्स वर्क इट आउट' का आयोजन 24 जून से 1 जुलाई तक किया जा रहा है। यह अन्तर्राष्ट्रीय युवा मीटिंग 'कान्फ्लिक्ट एण्ड रिजोल्यूशन' विषय पर आयोजित की जा रही है जिसमें पांच देशों के 12 से 13 वर्ष उम्र के छात्र अपने टीम लीडर के नेतृत्व में प्रतिभाग कर रहे हैं। प्रत्येक छात्र दल में तीन बालक व तीन बालिकाएं सम्मिलित हैं। इस अन्तर्

गुप्त प्रेम विवाह

इश्क वो आग है आतिश गालिब, जो लगाये ना लगे ओर बुझाये ना बुझे। फिर भी कुछ लोग काफी खूबसूरती से अपनी मोहब्बत और शादी को छिपा ले जाते हैं कई महीनों बाद समाज को उनकी षादी या मोहब्ब्त के बारे मे पता चलता है। आखिर में समाज उनकी शादी को मान्यता दे ही देता है। ऐसा अक्सर उन प्रेमी जोड़ों के साथ होता है। जो परस्पर राजी-खुशी से आपस मे षादी तो करना चाहते है। लेकिन उनके परिजन जाति-धर्म, समाजिक अथवा आर्थिक हैसियत का हवाला देते हुये शादी मे इजाजत से ही इंकार नही करते बल्कि रोड़ा बन जाते है। वे अक्सर आत्महत्या कर लेने या वर-वधु को जायदाद से बेदखल करने या सारे संबध तोड़ने की धमकी तक देते है। ज्योतिष मे प्रेम विवाह के ग्रह योगों का विषद वर्णन है। जो जातीय, अन्र्तजातीय या अन्र्तधर्मी कई प्रकार होता है। प्रस्तुत लेख मे गुप्त प्रेम विवाह के ज्योतिषीय सूत्रों को स्पष्ठ करने कर प्रयास किया गया है। 1. महिला एक कायस्थ दंत चिकित्सक है। उसने अपने मेडिकल कालेज के ब्राह्मण ब्वायफ्रेन्ड के साथ के साथ प्रेम किया और 2014 मे गुप्त विवाह किया बाद मे दोनों परिजनों की सहमति से धार्मिक रीति से विवाह किया। जमांक मे सप्तमेश गुर

नार्वे में आयोजित ‘अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर’ में प्रतिभाग करेंगे सी.एम.एस. छात्र

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) के तीन छात्र अपनी शिक्षिका के नेतृत्व में  एक माह के अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर में प्रतिभाग करेंगे। यह अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर 5 जूलाई से 1 अगस्त तक नार्वे के होर्डेलैण्ड शहर में आयोजित किया जा रहा है। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी श्री हरि ओम शर्मा ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर में प्रतिभाग करने वाले छात्रों में अद्वितीय सचान, उर्वी सचान एवं किशा यादव शामिल हैं जबकि इनका नेतृत्व विद्यालय की शिक्षिका सुश्री प्राची दुबे करेंगी। श्री शर्मा ने बताया कि इंग्लैण्ड की चिल्ड्रेन्स इण्टरनेशनल समर विलेज संस्था (सी.आई.एस.वी.) के तत्वावधान में आयोजित इस अन्तर्राष्ट्रीय बाल शिविर में प्रतिभाग हेतु विभिन्न देशों से 11 से 12 वर्ष की उम्र के बाल दल अपने शिक्षकों के नेतृत्व में नार्वे पहुँच रहे हैं। इसके अलावा 15 से 17 वर्ष की उम्र के जूनियर काउन्सलर भी इस अन्तर्राष्ट्रीय शिविर में अपनी भागीदारी दर्ज करायेंगे जो कि वयस्क प्रतिभागियों व बाल प्रतिभागियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभायेंगे एवं शिविर की सुव्यवस्था बनाये रखने में योगदान देंग

सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 191 जोडों परिणय सूत्र में बन्धें, मुस्लिम जोडों का निकाह उनके रीति रिवाजों से से हुआ सम्पन्न

प्रदेश के स्टाम्प न्यायालय शुल्क पंजीयन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा प्रभारी मंत्री जनपद नन्द गोपाल गुप्ता ''नन्दी'' ने आई.टी.आई. कैम्पस, सुरक्षा बैरक, रायबरेली मंे विभिन्न क्षेत्रों से विवाह हेतु पंजीकृत 191 जोड़ों का विवाह जनपद के विधायक राम नेरश रावत नेहा शर्मा, जिलाधिकारी रायबरेली, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार जनपद के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सम्भ्रान्त व्यक्तियों की उपस्थिति में विवाह के पवित्र बन्धन में गायत्री परिवार, मौलवी द्वारा विधि-विधान से विवाह और निकाह सम्मान कराया गया। जनपद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 191 जोडों का सामूहिक विवाह आयोजित कराकर वर-वधु को आशीर्वाद देते हुए हार्दिक बधाई दी व उनके मंगलमय भविष्य की कामना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस प्रकार के आयोजन को प्रत्येक जनपद में कराकर जहां गरीबों परिवारों के विवाह सम्पन्न करा समाजिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है वहीं ऐसे इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बढ़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बदकिस्मत टाइटैनिक

  वो परी कथाओं व स्वप्नलोक सा खूबसूरत, मजबूत अतिविशाल और कभी ना डूबने वाला जहाज था, लेकिन 14 अप्रैल सन् 1912 की रात 11ः40 पर उसके साथ कुछ ऐसा घटा कि वह समुद्री यात्रा का सबसे दर्दनाक हादसा और एक रहस्यमय गुत्थी बनकर रह गया और वह अभिशप्त, इलफेटेड और घोस्ट शिप के रूप मे जाना जाने लगा दरअसल इस धारणा को बनने के पीछे टाइटैनिक हादसे के पहले और बाद में घटी कुछ ऐसी अजीबो-गरीब और रहस्यमय घटनायें थी जिनको नकार पाना आसान नही था घटनाओं की शुरूआत टाइटैनिक हादसे से कई साल पहले हुयी जब इंगलैण्ड के प्रख्यात लेखक और रिव्यू आॅफ रिव्यू के संपादक विलियम थामस स्टीड ने 22 मार्च, 1886 को एक लेख 'हाउ द मेल स्टीमर वेंट डाउन इन मिड अटलांटिक बाई सरवाइवर' लिखा 'उस लेख और टाइटैनिक हादसे काफी कुछ समानतायें थी जिसमे एक स्टीमर एक अन्य जहाज से टकरा कर डूब जाता है। जिसमे यात्रियों की संख्या के मुकाबले लाइफबोट की कमी के कारण सैकड़ों लोग डूब जाते है। 1892 में उन्होने एक छोटी कहानी फ्राम ओल्ड वल्ड टू द न्यू लिखी थी जिसमे मैजेस्टिक नामक जहाज आइसबर्ग से टकरा कर डूबे एक अन्य जहाज की सहायता करता है स्टीड को यकीन था