अमरनाथ यात्रियों का जत्था रवाना हुआ

विगत वर्षो की भांति इस वर्ष भी अमरनाथ यात्रियों का जत्था जनपद रायबरेली से रवाना हुआ। यात्रियों के जत्थे का जगह-जगह पर स्वागत किया गया। इसी क्रम में मुकेश कम्प्यूटर्स पर व्यापार मण्डल के प्रान्तीय उपाध्यक्ष बसन्त सिंह बग्गा एवं प्रान्तीय संगठन मन्त्री मुकेश रस्तोगी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने पुष्प वर्षा करते हुए पानी की बोतल, बिस्कुट वितरित किया। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष भौमेश कुमार ने सभी यात्रियों को तिलक लगाकर उनकी रवानगी की। व्यापार मण्डल अध्यक्ष बसन्त सिंह बग्गा ने कहा कि तमाम कठिनाइयों, बाधाओं और खतरों के बावजूद मानसून के समय दो महीने चलने वाली यह पवित्र यात्रा एक सुखद एहसास तो होती ही है। यही वजह है कि दिनोंदिन इसे लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है।, स्थानीय सरकार की लगातार उपेक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। अब तो अमरनाथ जी की यात्रा धार्मिक यात्रा से बढ़कर राष्ट्रीयता का प्रतीक बन गई है। प्रान्तीय संगठन मन्त्री मुकेश रस्तोगी ने कहा कि हिमालय की गोदी में स्थित अमरनाथ हिंदुओं का सबसे ज्यादा आस्था वाला पवित्र तीर्थस्थल है। पवित्र गुफा श्रीनगर के उत्तर-पूर्व में 135 किमी0 दूर समुद्र तल से 13 हजार फिट ऊँचाई पर है। आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डा. शशांक द्विवेदी ने कहा कि अमरनाथ जी की खासियत पवित्र गुफा में बर्फ से नैसर्गिक शिवलिंग का बनना है। प्राकृतिक हिम से बनने के कारण ही इन्हें हिमानी शिवलिंग, बर्फानी बाबा भी कहा जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ता आफताब अहमद रज्जू खान ने कहा कि यह एक ऐसा तीर्थस्थल है, जहां फूल-माला बेंचने वाले मुसलमान होते हैं। बाबा अमरनाथ की गुफा की खोज एक मुसलमान चरवाहे द्वारा की गयी थी। अमरावती नदी पर आगे बढ़ते समय और कई छोटी-बढ़ी गुफाएं दिखती हैं सभी बर्फ से ढकी है। सन्त गाडगे सेवक कमलेश चैधरी ने बताया कि मूल अमरनाथ से दूर गणेश, भैरव और पार्वती जी के वैसे ही अलग-अलग हिमखंड है।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मनोज गुप्ता, कालिका सोनी, संजय पासी, गुड्डू बाजपेयी, श्याम किशोर रस्तोगी, मो0 शाकिब कुरैशी, मो0 फैसल खान, रामशरन यादव, दिनेश त्रिवेदी आदि लोग उपस्थित रहे।