योग स्वस्थ जीवन का आधार, इसे दिनचर्या मे करें शामिल

जिलाधिकारी रायबरेली, नेहा शर्मा ने बचत भवन के सभागार कक्ष में 5वां अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस एवं योग पखवारा में सराहनीय योगदान करने विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक सरकारी, चिकित्सक व स्कूली बच्चों द्वारा योगाभ्यास में निबन्ध, चित्र आदि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले छात्र/छात्राओं तथा समस्त 18 ब्लाकों में कार्य करने वाले योग शिक्षकों, अधिकारियों को प्रशस्त्रि पत्र देकर सम्मानित किया। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि जनपद में आयोजित जनपदस्तरीय, ब्लाक स्तरीय, तहसीलस्तरीय व ग्राम पंचायत स्तर तथा अन्य कार्यक्रमों को देश का मान एवं योग की प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले योगाभ्यास कार्यक्रमो की प्रंशसा करते हुए कहा कि योग भारत की सदियो पुरानी ऋषि परम्परा का प्रसाद है जिसे पूरा विश्व ग्रहण कर स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। सरकार द्वारा योग दिवस पर सामान्य योग अभ्यास क्रम के सामान्य योग अपनाने को सामुहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में करा गया है। जिसको नियमित रूप से करने से स्वयं, परिवार, समाज व राष्ट्र को स्वस्थ्य, समृद्ध व महान बनाने में योगदान कर सकते है। योग शरीर-मन को सुख पूर्वक स्थिर रखने का मार्ग है इसका मतलब आसन, व्यायाम या प्राणायाम भर नही है यह एक सम्पर्ण स्वस्थ रहने कि प्रक्रिया, विधा है इसमें आठ अंग-यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि होते है।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने कहा कि योग के लक्ष्य को पाने के लिए योगाभ्यासी को सभी अंगों का निष्ठा से पालन करना चाहिए। दूसरो से व्यवहार करते हुए जिन नैतिक मूल्यो का पालन करना होता है उसे यम कहा गया है, यम पांच होते है- सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रहा्रचर्य, यम वाणी का सत्य होना, वाणी कर्म और विचारो में अहिंसा, ईमानदार होना, चोरी न करना, गैर जरूरत की चीजे तथा जो अपनी न हो उसे संग्रह न करना आदि पालन करने पर जोर दिया गया है। योग में अनुशासन पर भी जोर दिया गया है। अनुशासित व्यक्ति आसानी से योगासन में भली भांति पारंगत हो सकते है। योग में निरंतर हो सकते है। योग में निरंतर अभ्यास से शरीर पर नियंत्रण पा उसे स्वस्थ्य पूर्ण बना सकते है योग स्वस्थ जीवन का आधार है इसे दिनचर्या मंे शामिल करें।
योग शिक्षक डा. रवि प्रताप सिंह ने कहा कि नियमित योग से डायबिटीज उच्च रक्तचाप, सरवाइकल स्पान्डलाइटिस, थाइरायड, आस्टियोरोसिस, पाइल्स आदि बीमारियों से मुक्त में इलाज किया जा सकता है। देश में करीब 21 करोड़ से अधिकजन उच्च रक्तचाप से पीड़ित है। नियमित रूप से 10-15 मिनट की अवधि से बद्धाकोणासन योगासन करने, 5 करोड़ से अधिक डायविटीज जिले मंडूकासन, थायराइड-सर्वागासन, आस्टियोपोरोसिस वृक्षासन करने से ठीक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी प्रकार अनमोल विलोम सहित दर्जनों आसान आसन जिससे रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसी दौरान योग शिक्षक डा. रवि प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि जिलाधिकारी को समृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर आचार्य महामण्डलेश्वर स्वामी देवेन्द्रा नन्दगिरी, नगर मजिस्टेªट जयचन्द्र पाण्डेय सहित समस्त ब्लाकों के योग शिक्षक एवं छात्र/छात्राएं, भारत विकास परिषद, सम्पूर्ण भारत विकास परिषद तथा व्यापारी वर्ग के लोग उपस्थित थे।