बैंक आफ बड़ौदा ने शाखाओं का किया समीक्षा

बैंक आफ बड़ौदा, भारत का सार्वजनिक क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा बैंक है, जिसने एक अद्वितीय परामर्श/विचार विमर्श की शुरुआत की है। एक ओर जहां रायबरेली क्षेत्र की सभी 101 शाखाओं ने अपने सालाना प्रदर्शन की समीक्षा की, बैंकिंग क्षेत्र के समक्ष उठने वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श किया वहीं भविष्य की रणनीति पर भी विचार किया ।
परामर्श विचार विमर्श के दो दिनों की अवधि के लिए शहर के होटल गणेश में आयोजित किया गया था। सम्मेलन के पर्यवेक्षण के लिये बैंक के अंचल कार्यालय से सहायक महाप्रबंधक श्री मनोज शर्मा और बड़ौदा अकादमी के लर्निंग हेड संजय तिवारी दोनो दिन उपस्थित रहे। बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख अन्मय कुमार मिश्र ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। 
यह पहल बैंक द्वारा अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्घ्ध साधनों/संसाधनों जैसे वरिष्ठ नागरिक, किसान, छोटे उद्योगपति, उद्यमी, युवा, छात्र और महिलाएं, जिन्घ्हें अपनी आकांक्षाओं एवं जरूरतों को पूरा करने के लिये बैंक की आवश्यकता हो, की सहायता कर बैंक के अग्रिम को बढाने,प्रौद्योगिकी के नये रूप में उपयोग में वृद्धि और बड़े डेटा एनालिटिक्स को सक्षम बनाने और बैंकिंग को जन सामान्य केंद्रित बनाने के साथ-साथ उनकी जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने पर केंद्रिंत थी। 
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुधारों के सुझाव देने वाली डोमिन विशेषज्ञ कमेटी के द्वारा दिये गये बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। इस बैठक में बैंक के प्रदर्शन और आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे उद्योग, कृषि क्षेत्र और नीली अर्थव्यवस्था, जल शक्ति, एमएसएमई क्षेत्र और मुद्रा ऋण, शिक्षा ऋण, निर्यात ऋण, ग्रीन क्रेडिट समर्थन जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ इसकी संरेखण की समीक्षा की गई। अर्थव्यवस्था, स्वच्छ भारत, वित्तीय समावेशन और महिला सशक्तिकरण, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, कम नकदी डिजिटल अर्थव्यवस्था,जीवनयापन में आसानी, स्थानीय प्राथमिकताओं के साथ संरेखण और कार्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी जैसे बिंदु भी विचार विमर्श में शामिल थे। 
इस पहल के परिणामस्वरूप, कई कार्यान्वयन योग्य अभिनव एवं नये सुझाव सामने आए हैं। जिसमें सामान्य रूप से पीएसबी और विशेष रूप से हमारा बैंक कैसे अपने प्रदर्शन में सुधार ला सकता है। विचारों के आदान-प्रदान के लिये परामर्श एक बॉटम-अप प्रक्रिया में आयोजित किया गया था,जिसके आधार पर भविष्य में  द्वारा राज्य स्तर पर चर्चा की जाएगी और अंतिम परामर्श राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा, अंत में दोनों की तुलना इंट्रा और अंतर-बैंक प्रदर्शन के आधार पर करते हुए में भविष्घ्य में पीएसबी में इसे कार्यान्वित किया जायेगा।
 परामर्श प्रक्रिया में शाखा स्तर की भागीदारी को करते हुए बैंक के भविष्घ्य का रोडमैप तैयार किया गया है। परामर्श बैठक के द्वारा अपने प्रदर्शन में सुधार करने और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के लिए खुद को तैयार करने के लिये कदम उठाया गया है। ताकि हम भारत के विकास की कहानी लिखने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।



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