भारत को नजदीक से देखने के लिए मलेशिया से मोटरसाईकल चलाकर भारत पहुंचे

अपनी धरती बुलाती है जी हां भारतीय प्रवासी अब्दुल वहीद जिनके पिता जो आजमगढ़ के निवासी थे भारत छोड़ मलेशिया चले गए थे। वाहिद मोटर साईकल चला कर भारत पहुंचे अपने पूर्वजो की धरती पर, आज भी वाहिद के परिवार व रिस्तेदार यहां रहते है। आजमगढ़ के मूल निवासी अब्दुल वहीद जिनका पैतृक गांव चकिया हुसैनाबाद है जो फरिया कस्बे के आजमगढ़ सुल्तानपुर मार्ग से लगा हुआ है, अब्दुल वाहिद को अपने पूर्वजो का वतन बहुत भाता है और वो भारत 15 वर्ष पहले भारत हवाई जहाज से आये थे जिस कारण वो अपने पूर्वजो की धरती भारत पूरा नहीं घूम पाए थे इसलिए उन्होंने मोटर साईकल से भारत आने का फैसला किया और अपने मित्र ओस्मान के साथ 2 मोटर साईकल से भारत पहुंच गए। 9 नवम्बर को मलेशिया से चले अब्दुल वहीद 6000 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए थाईलैंड, म्यानमार होते हुए भारत पहुंचे। वाहिद मोटरसाइकिल से कई देशों की यात्रा कर चुके है और एक मोटरसाइकिल की कीमत 30000 अमेरिकन डॉलर है जिसकी भारतीय कीमत 21 लाख 60 हजार है ।
अब्दुल वहीद के साथ आये उनके मित्र ओस्मान का कहना है कि मोटर साईकल से आने का मतलब है भारत को नजदीक से देखना और समझना। इनको एक बात बहुत अच्छी लगी कि यहां सभी धर्मों के लोग एक साथ मजे से रहते है। वहीद अपने रिश्तेदार फैजान के यहां पहुंचे जो स्वयं मोटरसाइकिल विक्रेता है का कहना है कि इस तरह की मोटरसाइकिल यहां न के बराबर दिखती है जिसको देखने के लिए लोगो की भीड़ लग गयी है और अपने रिश्तेदार को अपने यहां पाकर बहुत ही खुश है। फैजान जब भी मलेशिया जाते है तो अपने इसी रिश्तेदार के यहां ही ठरते है