भगोड़ा तंत्र

अक्सर बच्चे या कभी बड़े व्यक्ति भी किसी कारणवष घर से भाग जाते है। इसे ही उच्चाटन कहा जाता मंत्र व तंत्र विद्या में भागे बच्चे को बुलाने के अनेकों उपायों का वर्णन मिलता है। कुछ उपाय प्रस्तुत है।
1. यदि कोई बच्चा या व्यक्ति खो जाय तो चैराहे की मट्टी लाये उसमें गंगाजल मिलाकर स्याही बनायें फिर किसी कागज पर चमेली या अनार की कलम से निम्न यंत्र को लिखें यंत्र के अंको को छोटी संख्या से प्रारंभ करके क्रम से बड़ी संख्या तक लियें। और कागज को खोये व्यक्ति के पहने हुये और बिना धुले कपड़े के नीचे पत्थर या ईंट से एकान्त मे दबाकर रख दें। और सुबह सायं 22 बार निम्न मंत्र का पाठ करते हुये 22 बार कोड़े या मुठ्ठी से मारें।
 ''ऊँ राम (व्यक्ति का नाम) वेगेन आर्कशय आर्कशय मणिभद्र स्वााहा।''।।
2. महाभारत का निम्न मंत्र भी काफी प्रभावषाली है।
ऊँ क्लीं अर्जुनः फाल्गुने जिश्णु किरीट ष्वेत वाहनः।
वीभत्सु विजयः कृश्णः सव्यसाची धनजंय।।।
 घर के ईषान कोण मे एक भारी पत्थर रखें। उस पर भागे व्यक्ति का बिना धुला कपड़ा रखें। फिर कपड़े पर हल्दी से उपरोक्त मंत्र और भागे व्यक्ति का उल्टा नाम लिखें। जैसे नाम मोहन हो तो नहमो लिखें। फिर कपड़े को पत्थर पर इस तरह रखें कि मंत्र उपर की ओर रहे। फिर कपड़े पर दूसरा पथर रखकर उस पर सेंदूर से स्वास्तिक बनायें और उस पर घी का अखंड दीपक व अगरबत्ती जलायें। और सुबह सायं उपरोक्त मंत्रों 41 बार पाठ करें।
3. दुर्गा सप्तषती के सिद्धकुजिंका स्त्रोत या राम चरित मानस के सुन्दरकांड के नित्य सुबह सायं पाठ से भी खोया व्यक्ति वापस आ जाता है।
    


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