गैस की समस्या

वर्तमान दौर में गैस की समस्या आम तौर पर 90 प्रतिशत लोगों को है कारण आज का खान पान, रहन सहन और तनावपूर्ण जिंदगी है। सबसे पहले यह जान लेना जरूरी है की गैस की समस्या के लक्षण क्या होते हैं या पेट में गैस की बीमारी हो जाती है तो कौन कौन से लक्षण देखने को मिलते हैं पेट में एसिडिटी और जलन य सर दर्द के लक्षण बेचेनी होना, जी मचलाना, पेट में कब्ज बना रहना, पेट दर्द करना, तोंद बड़ी हुई होना, किसी भी काम में ठीक से मन न लगना इसके अलावा याददाश्त या दिमागी तौर पर कमजोर हो जाना इस तरह की बीमारियां आपको हो सकती है अगर आपके पेट में लंबे समय से गैस बन रही है तो हमारी संस्था द्वारा बताए गए निर्देश के अनुसार 3 से 6 माह का कोर्स करने से इस समस्या से तुरन्त लाभ मिलता है।
अत्यधिक गैस, गैस की समस्या पैदा कर देती है और इसे कई तरह से वर्णित किया जाता है जैसे डकार आना, उबकाई आना, पादना या पेट फूलना। उदाहरण के लिए, आपके मुँह से निकलने वाले गैस को डकार और उबकाई कहते हैं, जबकि पेट फूलने पे, या कई बार प्रेशर में गैस मलाशय से निकलती है। जब आपके पेट में अतिरिक्त गैस जमा हो जाए और उसके कारण पेट में सनसनी महसूस हो तो उसे पेट फूलना कहते हैं। कुछ गैस खाने के बाद बनते हैं और उनका उबकाई और गैस के माध्यम से निकलना आम बात हैं। हालांकि, यदि आप दर्दनाक गैस का सामना करते हैं और बदबूदार गैस की शरमिन्दगी से बचना चाहते हैं, तो आप उसे खतम करने के लिए उसका कारण ढूँढना शुरू कर दें।
पेट में अतिरिक्त गैस कई कारणों से हो सकती है, जैसे अत्यधिक पीने, हवा को निगलने, अच्छी तरह से अपने भोजन को न चबाने, मसालेदार और गैस बनाने वाले भोजन, बहुत अधिक तनाव, किसी प्रकार के जीवाणु संक्रमण, या पाचन विकार (आईबीएस या कब्ज) के कारण। जब जीवाणु काबोर्हाइड्रेट का खमीर उठता है और उसे आपकी छोटी आंत पचा नहीं पाती तो भी आपके पेट में गैस बन सकता है।
इन खाद्य पदार्थ गैस बनती है:-
सब्जियां- गोभी, मूली, प्याज, ब्रोकोली, आलू, फूल गोभी, खीरे।
फल - सूखा आलू बुखारा, खुबानी, सेब, किशमिश, केले।
फैटी खाद्य पदार्थ - कड़ाही में तले हुए या गहरे तले हुए खाद्य पदार्थ, फैटी मांस, रिच क्रीम, सौस और शोरबा, पेस्ट्री (जबकि फैटी खाद्य पदार्थ काबोर्हाइड्रेट नहीं होता, फिर भी वो आंत्र गैस का कारण बन सकते हैं।)
तरल पदार्थ- कार्बनेटिड पेय पदार्थ।
अपनी जीवनशैली में बदलाव करें, अपने खान पान पर विशेष ध्यान दें, स्वस्थ रहे मस्त रहें।