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मस्तिष्क में आत्मविश्वास

अंचभित करती स्मार्टनेस की आस्था युवा मन को आत्मसौन्दर्य के प्राकृतिक स्वरूप को निखरने का मौका नही देती है। सौन्दर्य के दो बोध होते है एक आन्तरिक सौन्दर्य और बाहरी सौन्दर्य। इनमें जब तक तालमेल नही होता है तब तक सौन्दर्य का पूर्ण हो पाना कठिन है। स्मार्टलुक सुंदरता को नया आयाम देती है। सुंदरता के रूप और रंग में स्मार्ट ढंग के बिना आकर्षण पैदा नही हो सकता है। इसीलिए सौन्दर्य के नये पैमाने में गोरा रंग और तीखे नैन-नख्ष ही काफी नही हैं स्मार्टनेस को भी शत-प्रतिशत अंक मिलते है। हर युवती की यह ख्वाहिश होती है कि वह स्मार्ट दिखे। विवाह के बाद भी यह ख्वाहिश कम नहीं होती। लेकिन माँ बनने और आलस्य के कारण विवाह के कुछ वर्षो के अंदर ही स्मार्टनेस लुप्त हो जाती है। जब दोबारा फ्रेशनेस आती है तो जिम, स्लिमिंग सेंटर और ब्यूटी पार्लर के चक्कर शुरू हो जाते है। मेटेन करना आसान नहीं होता और यदि सफलता न मिले तो मन हताश हो जाता है स्मार्टनेस की पहचान गोरा रंग और छरहरा शरीर नहीं है। बेशक ये आवश्यक है, लेकिन अंकों के हिसाब से इन्हें पचास प्रतिशत नंबर ही मिल सकते है। स्मार्टनेस के लिए बाकी के पचास अंक हाव-भाव, बौद्धिक स्तर और व्यहार के कारण मिलते है।   
स्मार्टनेस क्या है, छरहरी काया और ब्राहरी सौंदर्य को स्मार्टनेस की निशानी मानना अधूरा है। स्मार्टनेस के लिए यह सब होना भी जरूरी तो है लेकिन असलियत में स्मार्टनेस का पता तभी चलता है जब लोगों से सामना होता है। आपका व्यक्तित्व भीड़ में कैसा है, घबराहट महसूस करत है, नर्वस होती है या बिना हिचक किसी भी ग्रुप की शान बन सकती है, यह स्मार्टनेस को परखने का अच्छा तरीका है। स्मार्ट महिलाओं को पुरुषों से बात करने मंे परहेज नही होता। पुरुषों के सामने वे नर्वस नही होती। पुरुषों कें प्रति उनके मन में कोई कड़वाहट या बुरी भावना नहीं होती। पुरुष उनके लिए पार्टी में हौआ नहीं होते।  स्मार्टनेस प्राप्त करने की कुंजी: स्मार्टनेस के लिए जरूरी है कि प्रकृति ने आपको जो कुछ दिया है, रंग-रूप, चेहरा-मोहरा, कद-काठी उसके लिए मन में कोई हीन भावना या ग्लनि न हो। आप मोटी है या पतली, काली है या गोरी, लंबी है या नाटी इसको लेकर कोई कप्लेक्स मन में न आने दें। कोई शर्मिदगी न महसूस करें। आपके मन में छिपी हीन भावना आपको वैसा ही बना देती है जैसा आप महसूस करती है। जब तक हीन भावना आपके मन में रहेगी आत्मविश्वास आ ही नही सकता। आप में काई शाारीरिक कमी है तो उसकी सही हल ढूंढिए। यदि यह आपके बस में न हो तो भी हीन भावना से ग्रस्त न हो। बस आप स्वयं को अपडेट रखिए ताकि समाज में किसी भी जगह आप पीछे ने रहें।    
दूसरों की तारीफ कीजिए, पुरुष हो या स्त्री, अपनी तारीफ सुनना सबको अच्छा लगता है। यदि आप स्मार्ट लेडी बनना चाहती है तो दूसरों की तारीफ करना आना चाहिए। किसी की तारफी करके आप उसे अपनी मुट्ठी में कर सकती है। उदाहरण के लिए यदि आप पार्टी में किसी अजनबी युवती से मिले और उसे कहें कि तुम्हारा बात करने का स्टाइल कितना आकर्षक है, हर चीज का ज्ञान है। तुम्हंें पढ़ने-लिखने का काफी षौक है, तुम बोलती हो तो लगता है कि सुनते ही रहें। आपके इतना कहते ही देखिए किस प्रकार वह महिला आपके इर्द-गिर्द फिरती रहेगी। असल में जो दूसरों को यह महसूस कराए कि वह स्पेशल है, तो वह खुद ही अपना खास स्थान बना लेता है और यह तारीफ करना भी एक कला है। इसमें मक्खनबाजी की गंध न आए। बातचीत में हंसी-मजाक का पुट होना भी जरूरी है। किसी भी बात को हल्के-फुल्के तरीके से कहें। चाहे बत अच्छी हो या बुरी, मुस्कुराहट उसकी हर कमी को ढंक लेती है। आपके बोलने के लहजे में समय के अनुसार गंभीरता आए तो ठीक रहेगा। किसी भी कार्य को करनें में हिचक न हो। हर कार्य के लिए खुद को योग्य महसूस करना स्मार्टनेस के लिए जरूरी है। संघर्श करके सफलता पाने से आत्मविश्वास आता है, जो स्मार्ट व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण अंग है। अतः संघर्ष में घबराना नही चाहिए। दृढ़ आत्मविश्वास और मोहक मुस्कान से पूर्ण व्यक्तित्व चुंबकीय आकर्षण के लिए जरूरी है और यही स्मार्टनेस की पहचान है।     
कुछ खास बातें:- मस्तिष्क में आत्मविश्वास भरा हो। बातचीत के लहजे में आत्मविश्वास झलकना चाहिए। स्मार्ट विचार व्यक्तित्व में स्मार्टनेस लाते हैं। सोच में आत्मविश्वास होना जरूरी है। विचारों को अपडेट रखिए। इसके लिए टीवी देखना या पत्रिकाएं पढ़ना जरूरी है।    
आत्मसंतुष्टि का भाव व्यक्तित्व लाता है, जो स्त्री यह मानती है कि वह स्मार्ट है, वह वैसा ही व्यवहार भी करेगी। स्मार्ट होने के लिए जरूरी है कि अपने व्यक्तित्व के प्रति कोई हीन भावना या ग्लानि न हो। अपनी प्राकृतिक कमियों को अनदेखा करें। जिसे जैसी भी सहायता की जरूरत हो, मदद के लिए तैयार रहंे ताकि आपको स्मार्ट मानकर लोग आपके पास मदद के लिए आएं। उन्हंे विश्वास हो कि आप कैसी भी गुत्थी सुलझा सकती है। सफलता तो स्वयं ही स्मार्टनेस का आधार है। जो भी कार्य करें सफलतापूर्वक करें। जब किसी को विजय प्राप्त होती है तो वह उसके व्यवहार से झलकती है जो उसे और भी स्मार्ट बना देती है।


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