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अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश के साथ ही जालौन के जिला पूर्ति अधिकारी को निलंबित करने के आदेश

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आयुक्त सभागार में झांसी में मण्डलीय समीक्षा की। उन्होने मण्डलीय समीक्षा में कहा कि कि बुन्देलखण्ड में अपार सम्भावनाये है। अधिकारी जनप्रतिनिधियो के साथ संवाद स्थापित कर करते हुये योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाया जाये ताकि पात्र लोगो को योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होने कहा कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को समय से मिले, इसके लिये संवेदनशील होकर कार्यवाही की जाये।
आयुष्मान भारत योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास के पत्रो के वितरण मे देरी होने पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड कैम्प आयोजित करते हुये बनाये जाये ताकि गरीब को इलाज में मदद मिल सके। प्रदेश में आर्थिक गणना प्रारम्भ हो रही है, यह अवश्य सुनिश्चित कर ले जो टीम जाये उसे प्रापर प्रशिक्षण दिया जाये। टीम मौके पर जायेगी और सत्यापन करेगी। सभी सूचनाये मौके पर जाकर ही भरी जाये, यह अवश्य सुनिश्चित कर ले। प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत यदि पुराना जर-जर मकान, आय 3 लाख से कम है तो उसे पात्र मानते हुये आवास दिया जायेगा। पाइप पेयजल योजना की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परियोजना जो संचालित नही है उनकी गुणवत्ता की जांच हो और जबावदेही तय करते हुये कार्यवाही होनी चाहिए। उन्होने कहा कि 9 हजार करोड़ की राशि से सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड के गांवो में घर-घर पाइप पेयजल आपूर्ति की जानी है। जल संरक्षण-जल निगम को कार्य के स्थान पर अन्य ऐजेन्सी 15 साल तक अनुरक्षण का कार्य भी करेगी। उन्होने कहा कि निर्माण कार्यो की जांच अवश्य की जाये।
समीक्षा में मुख्यमंत्री श्री योगी जी ने विद्युत विभाग को ओवर बिलिंग हर-हाल में रोके जाने के निर्देश दिये और कहा कि कैम्प आयोजित करते हुये बिल सुधारे जाये। साथ ही विजिलेंस टीम द्वारा लोगो को प्रताड़ित न किया जाये, न ही अनावश्यक संयोजन काटा जाये। उन्होने कहा कि लोगो को जागरुक करे ताकि वह समय से बिल जमा कर सके। पावरलूम के सम्बन्ध में उन्होने कहा कि निश्चित यूनिट उपयोग के बाद यदि बिजली उपयोग करते है, तो उसका पैसा देना होगा।
अधिकारी नौकरी को अनौपचारिकता न बनाये, योजनाओं को धरातल में उतारते हुये तैयारी करे। कृषि विभाग को निर्देश देते हुये कहा कि स्वायल हैल्प कार्ड के जरिये ही उर्वरक व रसायन उपलब्ध कराये, अनावश्यक उर्वरक व रसायन इस्तेमाल से खेत को नुकसान हो रहा है। साथ ही आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। उन्होने कहा कि ऐसे स्वायल हैल्प कार्ड का क्या औचित्य जिसका लाभ किसान को नही मिल पर रहा ? उन्होने विभाग को संवदेनशील होकर कार्य करने की नसीहत दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर परियोजनाओ की सीडीओ, डीएम स्तर पर पाक्षिक, मासिक समीक्षा की जाये। नोडल अधिकारी भी नियमित समीक्षा करे। उद्योग बन्धु की बैठक समयबद्व हो तथा समस्या का निस्तारण भी समय से हो। खाद्य पदार्थो व दवाओ में मिलावट हो रही है। त्यौहारों में चमकीली मिठाई जहर है। जार में जो पानी जा रहा है, वह भी जहर है, इसकी कड़ाई से जांच हो। खाद्य पदार्थो के जो सैम्पल है उनका समयसीमा में निस्तारण हो, ऐसे मामले जो सीजेएम के यहां लम्बित है उनमे जुर्माना व सजा दिलायी जाये।
समीक्षा बैठक के दौरान सांसद जालौन श्री भानु प्रताप वर्मा ने जिला पूर्ति अधिकारी जालौन की कार्य प्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की तथा मुख्यमंत्री से शिकायत की। मुख्यमंत्री ने जिला पूर्ति अधिकारी जालौन को निलम्बित करने के निर्देश दिये। सांसद जालौन ने स्वच्छ शौचालय के सम्बन्ध में बताया कि गड्डा खोद लिये है, परन्तु पैसा नही दिया जा रहा। मुख्यमंत्री ने समय से पैसा पात्र लाभार्थियों के खाते में जमा कराये जाने के निर्देश दिये।
कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिन्ता व्यक्त की और कहा कि परिवहन से सम्बन्धित समस्त विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुये कार्यक्रम आयोजित करे। जनपद स्तर पर सामूहिक रुप से अभियान चलाये। पास्को के मामले में गम्भीरता बरते और हर माह जिला जज के साथ बैठक अवश्य करे। अभी हाल में बालिकाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में वृद्वि हुई है। अपराध की प्रकृति को पहले से पकड़ कर उसे रोकना होगा। महिलाओं से सम्बन्धित अपराधों रोकने के लिये बड़े स्तर पर कार्यवाही करना होगा। महिला, बालिका रात में आ-जा सके। अपराधियों में भय पैदा करना है। अवैध शराब, खनन भू-माफिया, पशुतस्कर के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये।
सांसद झांसी-ललितपुर श्री अनुराग शर्मा ने सिंचाई विभाग द्वारा सिल्ट सफाई के दौरान सांसद को मौके पर ले जाने के सम्बन्ध में बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा सिल्ट सफाई की जानकारी नही गयी।
विधायक सदर झांसी व बबीना ने जल संस्थान को नगर निगम में मर्ज करने की मांग की। महापौर नगर निगम ने बताया कि ढाई वर्ष पूर्व झांसी-बबीना मार्ग का चैड़ीकरण होगा या परन्तु वन विभाग व सैन्य विभाग के कारण कार्य बन्द हो गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टीमेट बनाने से पहले सारी समस्यायें का निस्तारण क्यूं नही किया गया।
विधायक कोंच ने सड़क की जर-जर होने की शिकायत की तथा आवागमन नही हो पाये जाने की बात कही। 
इस अवसर पर झांसी प्रभारी मंत्री श्री रामनरेश अग्निहोत्री, सांसद जालौन भानु प्रताप वर्मा, सांसद झांसी-ललितपुर  अनुराग शर्मा, विधायक बबीना राजीव सिंह परीछा, विधायक मऊरानीपुर बिहारीलाल आर्य, गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत, विधायक सदर झांसी रवि शर्मा, महापौर झांसी रामतीर्थ सिंघल, मण्डलायुक्त झांसी सुभाष चन्द्र शर्मा, जिलाधिकारी झांसी शिव सहाय अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी निखिल टीकराराम फुंडे, उपस्थित रहे।
  


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