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अन्तर्राष्ट्रीय विश्व एकता एवं विश्व शांति महोत्सव का उद्घाटन

सिटी मोन्टेसरी स्कूल, इन्दिरा नगर कैम्पस, लखनऊ द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय विश्व एकता एवं विश्व शांति महोत्सव 'कान्फ्लुएन्स-2019' का भव्य उद्घाटन सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जहाँ एक ओर विभिन्न देशों से पधारी छात्र टीमों की उपस्थिति ने लघु विश्व का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया तो वहीं दूसरी ओर सी.एम.एस. के मेधावी छात्रों ने सर्व-धर्म एवं विश्व शान्ति का आलोक बिखेरते अनेक शिक्षात्मक-सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विदित हो कि सी.एम.एस. इन्दिरा नगर कैम्पस के तत्वावधान में 'कान्फ्लुएन्स-2019' का भव्य आयोजन 4 से 7 दिसम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में किया जा रहा है, जिसमें श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, युगांडा एवं भारत के विभिन्न प्रान्तों से पधारे लगभग 500 छात्र विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं के माध्यम से सारी दुनिया को एकता, शान्ति व अमन-चैन का संदेश दे रहे हैं।
 इससे पहले, मुख्य अतिथि इंग्लैण्ड से पधारे वैज्ञानिक डा. रोजर डेविड किंगडन ने दीप प्रज्वलित कर 'कान्फ्लुएन्स-2019' का विधिवत् उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि डा. किंगडन ने कहा कि ज्ञान व्यक्ति को शक्ति प्रदान करता है, किन्तु इस ज्ञान का कहीं दुरूपयोग न हो, इसके लिए शान्ति की शिक्षा का विशेष महत्व है। अतः यह आवश्यक है कि हम बच्चों को मानवीय गुणों से परिपूर्ण करें और विश्व एकता व विश्व शान्ति के विचार उनके कोमल हृदय में उपजाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव छात्रों को अन्तर्राष्ट्रीय मंच प्रदान कर उनकी सृजनात्मकता तथा प्रतिस्पर्धा की भावना को उभार कर उनके सम्पूर्ण विकास में सहायता करेगा।
 उद्घाटन समारोह में देश-विदेश से पधारी प्रतिभागी छात्र टीमों ने जहाँ एक ओर अनूठे अंदाज में अपना परिचय प्रस्तुत किया तो वहीं दूसरी ओर सी.एम.एस. छात्रों द्वारा प्रस्तुत शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी छटा ने सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। सी.एम.एस. छात्रों द्वारा प्रस्तु विश्व संसद के कार्यक्रम को सभी ने सराहा। 
 इससे पहले, 'कान्फ्लुएन्स-2019' में पधारे विभिन्न देशों के छात्र सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में पत्रकारों से रूबरू हुए एवं इस अनूठे अन्तर्राष्ट्रीय आयोजन पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ब्रिसबेन इण्टरनेशनल स्कूल, श्रीलंका से पधारे छात्रों ने कहा कि एकता व शान्ति के इस मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने हेतु हम सभी लालायित हैं। हमें विश्वास है कि कान्फ्लुएन्स की प्रतियोगिताएं हमारे प्रतिभा विकास में मददगार होंगी। मुतेजिकी जाॅन प्राइमरी स्कूल, कम्पाला, युगांडा से पधारे छात्रों का कहना था कि इस महोत्सव में विभिन्न रोचक प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा की परख तो होगी ही, साथ ही इससे मेलजोल और भाई-चारे की भावनाओं का भी विकास होगा। अपेक्स स्कूल, नेपाल से पधारे छात्र सी.एम.एस. की मेजबानी से बहुत प्रसन्न थे। इन छात्रों ने कहा कि हम पूरी तैयारी के साथ इन प्रतियोगिताओं में भाग लेने आये हैं। इसी प्रकार देश-विदेश से पधारे अन्य छात्रों का कहना था कि कान्फ्लुएन्स-2019 न सिर्फ छात्रों की बहुमुखी प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम है अपितु यह विभिन्न देशों के छात्रों के बीच सौहार्द व मैत्री की भावना को ब़ढ़ावा देने वाला अन्तर्राष्ट्रीय मंच है।
 'कान्फ्लुएन्स-2019' की संयोजिका एवं सी.एम.एस. इन्दिरा नगर कैम्पस की प्रधानाचार्या श्रीमती रुचि भुवन जोशी ने कहा कि यह महोत्सव छात्रों के बहुमुखी प्रतिभा के विकास के साथ ही उनके मानवीय एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण का भी विकास करेगा। 'कान्फ्लुएन्स-2019' के माध्यम से हमारा प्रयास एक ऐसे विश्व के निर्माण में योगदान करना है कि जो जीवन मूल्यों, एकता, शान्ति, न्याय, ज्ञान व मानव अधिकारों की रक्षा पर आधारित है। मुझे विश्वास है कि विश्व बन्धुत्व व विश्व शान्ति की दिशा में सी.एम.एस. का यह प्रयास अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर नये आयाम स्थापित करेगा और एक दिन पूरा विश्व इसके आलोक में प्रकाशमान होगा।
 सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने कहा कि एकता, शान्ति, प्रेम, भाईचारा, सर्व-धर्म समानत्व व आपसी सहयोग, क्षेत्रीय व संकुचित राष्ट्रीयता से छुटकारा, गोरे काले का भेद रहित समाज स्थापित करना ही इस आयोजन का मूल उद्देश्य है। भारत विश्व का जगत गुरू है और हमें अपनी सभ्यता, संस्कृति एवं संविधान के अनुरूप सारी वसुधा को कुटुम्ब बनाना है। डा. गाँधी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव विभिन्न देशों के छात्रों को एक-दूसरे की सभ्यता व संस्कृति से रूबरू कराकर विश्व एकता व विश्व शान्ति के नये द्वार खोलेगा।



 


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