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ज्योतिष और रहस्यमय मौतें

इस अजीबो-गरीब विषय पर लेख लिखने का विचार मेरे मन मे तब आया जब मेरे ज्योतिष मित्रो के बीच मेरी एक अन्य पत्रिका में छपी भुतहा कहानी पर चल रही चर्चा के दौरान किसी ने पूछा क्या जंमपत्री द्वारा  जाना जा सकता है कि कोई व्यक्ति मर कर भूूत बनेगा फलित ज्योतिष के कुछ ग्रन्थो मे ऐसे सूत्रो का वर्णन है जो मरणोपरान्त नीच गति को या नरक को प्राप्त होगा या अधम लोक मे जायेगा भूत भी नरक तुल्य भोग योनि है। संस्थान के पुस्तकालय मे अनेक ऐसै लोगों के जंमपत्र मौजूद है। जो मर कर भूत बन गये इस लेख की सामग्री देश की कुछ प्रसिद्ध पत्रिकाओं के भूत प्रेत विशेषांकांे तथा भूत पर लिखी कुछ प्रामाणिक और विश्वसनीय पुस्तको से ली गई  उपरोक्त सामग्री के अनुसार निम्न विश्वविखयात व्यक्ति मर कर भूत बन गये अमरीकी प्रेसीडेंट अब्राहम लिंकन, प्रसिद्ध कवि लाॅर्ड बायरन, पूर्व रेंल मंत्री व ग्वालियर नरेश महाराज माधवराव सिंधिया, हाॅलीवुड स्टार एक्टेªस जेन जेम्सफील्ड, भारत मे इंस्ट इंडिया कंपनी के क्रूर प्रशासक लाॅर्ड क्लाइव, एडवेंचर्स आॅफ शर्लक होम्स के लेखक सर आॅथर काॅनन डायल, किंग हेनरी-7,उनकी पत्नी रानी एन, बोलेन डगलस होेम्स, आॅस्क्र वाइल्ड, नाटककार शेक्यपीयर आदि।
1. जेन मैन्सफील्ड का जंम 19 अप्रैल 1933 को हुआ था। 1950 में उसने पाॅल मैन्सफील्ड से विवाह किया। 1958 में उसका तलाक हो गया। मिकी हर्गिटे से 1958 में उसने दूसरा विवाह किया जो 1964 तक चला। मैट किम्बर से उसने तीसरा विवाह किया जो 1966 तक चला। 1950 में उसके पहले पति से पुत्री जेन मरी पैदा हुयी। दूसरे पति से पुत्र जेफरी पामर माइकिल 25 दिसम्बर 1959 को पैदा हुआ 1960 में जोल्टन एंथोनी हर्टिगे 1964 में, मर्सिका मैगडोलना हर्टिगे तथा 1965 मे एन्टोनियो टोनी पैदा हुआ। उसका फिल्मी, स्टेज, नाइट क्लब और टी. वी. कैरियर 1955 से 1965 तक चला उसे 1957 में गोल्डन ग्लोब एवार्ड प्राप्त हुआ। 29 जून 1967 की करीब 2.25 प्रातः घोर अँधेरी रात में वह अपने मेरी प्रेमी सैम ब्रौड के साथ 130 कि.मी. की तूफानी गति से भागती कार से लंदन मे घूम रही थी। कि अँधेरे रात मे उसकी कार की लुसियाना में सामने से आती एक लारी से भीषण टक्कर हो गई। और दोनो की मृत्यु हो गई उसने हालीवुड मे पिंक पैलेस नामक शानदार मकान बनवाया था उसकी मौत के बाद प्रसिद्ध गायक बीटल जार्ज हैरीसन व रिगो स्टार रहने आये किन्तु उनको अनेकों बार महल मे भटकती जेन की रूही का आभास हुआ ज्योतिषी पैट्रिक क्लेन के अनुसार जेन की रूह अपनी बेटी मेरी से मिल कर अपने वसीयतनामे के बारे में बताना चाहती है। जो मेरी को नही मिल सका था।
प्रेसीडेंट अब्राहम लिंकन का जंम 12 फरवरी 1809 को वाशिंइटन मे कुंभ लग्न व कुंभ नवांश मे हुआ उनका जमांक इस प्रकार है। कुंभ लग्न मे सूर्य, बुध द्वितीय भाव मे मीन का गुरू शुक्र, तृतीय मे मेष का केतु, नवम भाव मे तुला का मंगल-राहू, 12 वें भाव मे मकर का चन्द्र। अमरीका के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपति श्री लिंकन सन 1860 में अमरीका के 16 वें राष्ट्रपति चुने गये 15 अप्रैल 1863 को फोर्ड थियेटर मे एक दक्षिपंथी हत्यारे विलकोस बूथ नेे गोली मार की उनकी हत्या कर दी तबसे अब तक व्हाईट हाउस मे उनका भूत दिखता है। भूत देखने वालो मे कई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और अमरीकी राष्ट्रपति भी है। 
लाॅर्ड कलाइव- लाॅर्ड राॅबर्ट बेरोन क्लाइव का जंम 29 सितम्बर 1725 मे सिंह लग्न मे मैनचेस्टर मे हुआ था।
18 साल की उम्र मे वह भारत आया था 23 जून 1757 को उसने बंगाल के नवाब सिराजुददौला को प्लासी के युद्ध मे हरा कर भारत मे ई्रस्ट इंडिया कम्पनी की नींव रखी और भारी मुनाफा कमाया इंगलैण्ड लौट कर वह संसद का सदस्य बना और उसे नाइट की उपाधि मिली उसने बेईमानी से कमाई अकूत दौलत से इशर कस्बे मे क्लेयर मांउन्ट स्टेट पूर्व मालिक डयूक आॅफ न्यू कौन्सिल से खरीद ली उसमे डयूक ने एक ठेकेदार विलियम केट से बेहद खूबसूरत झील बनवाई थी और ठेकदार का पैसा मारकर उसकी हत्या करवा दी थी कहते है। कि वहां ठेकेदार की आत्मा भटकती थी क्लाइव पर अजीब से मानसिक दौरे पड़ते थे उन्हें लगता था कि भारत मे उनके अत्याचारों से पीड़ितों की आत्मायें उन्हें डराती है। वह अकारण आत्माओं पर गोलियां चलाता था उसने सनक मे आकर अपने महल के पास से गुजरने वाली सार्वजनिक सड़क को बंद करवा दिया 1772 में उस पर भष्टाचार का आरोप लगा अपमान, निराशा, अवसाद की स्थिति मे 22 नवम्बर 1774 को उसने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली कहते है आज भी उस मार्ग से गुजरने वाले मोटरों पर अज्ञात दिषा  से फायर होते है। पुलिस जांच में कुछ नही निकलता है। 
आॅस्कर वाइल्ड- इंगलैण्ड के प्रसिद्ध कवि आस्कर वाइल्ड का जंम 16 अक्टूबर 1854 को प्रातः 2. 03 डबलिन इंगलैण्ड मे हुआ था उसकी प्रसिद्धि आसमान पर छू रही थी उस पर होमोसैक्सुअल का आरोप लगा जो सच साबित हुआ उसे 1896 मे चार साल की सजा हुयी और उसके बाद बीमारी, गरीबी मे 1900 मे उसकी मृत्य हो गई 8 जून 1923 को लंदन मे लेडी माध्यम हेस्टर डाउडेन के सामने मि. सोल के स्वतः लेखन में कहा कि मै आॅस्कर वाइल्ड हूँ मै अपनी बेटी लिली से मिलना चाहता हूँ 20 अगस्त 1962 को लिस्ली फिलंट नामक माध्यम को वाइल्ड की आत्मा ने अपने अनुभव बताये।
लाॅर्ड बाॅयरन- इंगलैण्ड के कवि बाॅयरन का जंम 22 जनवरी 1788 को 2.05 पर दिन मे मिथुन लग्न मे हुआ वे काफी रोमान्टिक और कामुक थे कहा जाता है। कि उन्होंने लगभग 211 महिलाओं से शारीरिक संबध बनाये मरने के बाद आज भी उनका प्रेत उनकी हवेली चैसेरी हिल्स के खंडहरों मे अंधेरी रातों मे हीरे लगे बटन वाली पोशाक और गले मे मोतियों की माला पहने भटकता है। नवम्बर 1961 मे डेनिम प्राइम जाॅन एक युवा निर्देशक लार्ड बाॅयरन पर डाक्यूमेंन्ट्री बना रहा था कि एक गिरजे की शूटिंग के दौरान सौ फुट लंबी फिल्म मे अचानक लार्ड बाॅयरन का वृद्धावस्था का चित्र आ गया वे पुराने जमाने की इंगलिश भाषा मे कुछ कह रहे थे। 
माधवराव सिंधिया- भारत के पूर्व रेलमंत्री और ग्वालियर  नरेश माधवराव सिंधिया का जंम 10 मार्च 1945 को रात्रि-11.05 पर ग्वालियर मे हुआ था 30 सितम्बर 2001 को दिल्ली से कानपुर आते वक्त कानपुर देहात क्षेत्र मे दिन मे 1.30 पर हैलीकाप्टर दुर्घटना मे पाइलट और कई पत्रकारों के सहित श्री सिंधिया जी का बुरी तरह जलने से निधन हो गया था थ तब से आजतक गांव वालों को कभी कभी माघवराव  सिंिधया का जलता हुआ प्रेत दिखता है।
शेक्सपियरः- इंगलैण्ड के महान साहित्यकार, अभिनेता, नाटककार शेक्सपियर का जंम 16 वीं सदी मे 6 अप्रैल 1564 को दोपहर मे 12.35 पर स्टूड फोर्ड आफ हेवन मे हुआ था मैकबेथ, हैलमेट, जुलियस सीजर, मर्चेंन्टस आॅफ वेनिस, ए मिड समर नाइट ड्रीम्स, ओसलो, रोमियो जुलियट आदि उनकी अमर रचनायें हैं। मरने के सैकड़ों वर्ष बाउ भी उनका प्रेत थियेटरों मे भटकता है।
      व्यक्ति एवं उनके जमांक
1. जेन मैन्सफील्ड-मीन लग्न मे बुध, मेष मे सूर्य शुक्र सिंह मे मंगल, केतु, गुरू, मकर मे शनि, कुभ मे चन्द्र राहू, । द्वादश मे राहू युत मंगल दृष्ट तथा चन्द्र से 12 मे शनि मरणोरान्त प्रेत योनि।
2. प्रेसीडेंट अब्राहम लिंकन- कुंभ लग्न कुंभ नवांश लग्न मे सूर्य, बुध, द्वितीय भाव मे मीन का गुरू शुक्र, तृतीय मे मेष का केतु, नवम भाव मे तुला का मंगल-राहू,  वृश्चिक मे शनि, द्वादश भाव चन्द्र12 वें भाव मे मकर का चन्द्र। द्वादश भाव मे चन्द्र पर शनि व मंगल की दृष्टि है।
3. माधवराव सिंधिया-10 मार्च 1945 को रात्रि-11.05 पर ग्वालियर। वृश्चिक लग्न , द्वितीय मे धनु मे चन्द्र केतु, मकर मे मंगल, कुंभ मे सूर्य, मीन मे बुध, मेष मे शुक्र, मिथुन मे शनि वक्री व राहू, सिंह मे गुरू। द्वादंश शु़क्र मंगल केतु दो पापी ग्रहों से दृष्ट।
शेक्सपियर- ब्रिटेन के 16 वीं सदी के साहित्यकार, नाटककार शेक्सपियर का जंम 16 अप्रैल 1564 को दिन मे 12 बज कर 35 मिनट पर स्टूड फोर्ड आॅफ हेवन, इंगलैण्ड मे हुआ था 4. आॅस्कर वाइल्ड-वृष लग्न मे सूर्य, शनि, बुध, मिथुन मे शुक्र, केतु, कर्क मे मंगल, धनु मे राहू व चन्द्र, मेष मे गुरू। लग्न व चन्द्र लग्न मे द्वादेश मंगल नीच का शनि दृष्ट।
शेक्सपियर-धनु लग्न , मीन मे उच्च का शुक्र,मेष मे सूर्य, चन्द, वृष मे शुक्र राहू, मिथुन मे मंगल, कर्क मे गुरू शनि, 12 वें भाव मे वृश्चिक मे केतु। चन्द्र से द्वादेश गुरू शनि युत च केतु दृष्ट, प्रेत योग देगा।
लार्ड बाॅयरन-मिथुन लग्न मे केतु व वक्री मंगल, कर्क मे चन्द्र, सप्तम मे धपु का राहू व बुध, मकर मे सूर्य, मेष मे शनि व शुक्र तथा वृष मे वक्री गुरू। द्वादेश शुक्र नीच के शनि से युत व केतु से दृष्ट प्रेत योग।
 ज्योतिष मे मरणेंपरान्त नरक व प्रेत योनि मिलने के योग-
1. देवकेरलम-3-3016 के अनुसार चन्द्रमा से 12 वें भाव की अरूधा पद मे पाप ग्रह हों जो जातक मरणोंपरान्त दुःखी रहेगा और अधम गति (प्रेत) को प्राप्त होगा
2. ज्योतिषार्णाव नवनीतम के श्लोक संख्या अनुसार 12 वें भाव मे शुभ ग्रह अंय शुभ ग्रह से दृष्ट हो तो या द्वादेश उच्चको हो मरणोंपरान्त स्वर्ग मिले इसके विपरीत यदि 12 वें भाव मे पाप ग्रह अंय किसी पाप ग्रह से दृष्ट हो तो मरणोंपरान्त नरक व प्रेत योेनि मिले।
3. लग्न या चन्द्र से 12 वें भाव मे मांदि हो या द्वादेश  मांदि से युत हो तो मरणोंपरान्त मरणोंपरान्त नरक व प्रेत योेनि मिले।
4. लग्न या चन्द्र से 12 वें भाव मे राहू, या केतु व  शनि की युति हो या षष्ठेश से दृष्ट हो तो मरने के बाद प्रेत योेनि मिले।


 


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