सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कौशल विकास मिशन

भारतवर्ष में 35 वर्ष से कम युवाओं की अच्छी खासी जनसंख्या है। इनमें कई ऐसे युवा भी हैं जो बेरोजगार हैं। जो युवक-युवती बेरोजगार हैं और अल्पशिक्षित हैं, ऐसे युवाओं को विभिन्न संचालित टेªड्स में प्रशिक्षण दिलाकर रोजगार से लगाने के लिए देश के प्रधानमंत्री ने कौशल विकास मिशन योजना संचालित की है। बहुत से ऐसे युवक हैं, जिनके पास हुनर है लेकिन पैसा नहीं है, ऐसे लोग किसी भी हुनर को सीखने के लिए प्रशिक्षण नहीं ले पाते हैं। कौशल विकास मिशन ऐसे लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। इस योजनान्तर्गत युवक-युवतियां निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से लग रहे हैं। इस योजना में अपनी इच्छानुसार चयनित टेªड्स में लाभार्थी प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें नई-नई तकनीकी जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार से लगने पर उनकी आय होती है और गरीबी दूर होती है। लोगों के जीवन में सुधार आता है और उनके परिवार के साथ देश भी तरक्की के पथ पर अग्रसर होता है।
 प्रदेश में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत 14 से 35 वर्ष आयुवर्ग के अल्पशिक्षित बेरोजगार युवाओं को निःशुल्क रोजगारपरक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हे रोजगार दिलाकर, आजीविका अर्जित करने के लिए सक्षम व समर्थ बनाने के दृष्टिगत विभिन्न टेªेड्स में कौशल विकास प्रशिक्षण योजनाएं संचालित हैं। प्रदेश में कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत अब तक 8.85 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है और 3 लाख से अधिक युवाओं को सेवायोजित कराते हुए रोजगार से लगाया गया है। अनेकों प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थी अपना स्वरोजगार स्थापित कर आय अर्जित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हस्तशिल्प से जुड़े हुए परम्परागत शिल्पकारों को उनके शिल्प कौशल के उन्नयन व प्रमाणीकरण द्वारा उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने तथा उनके बेहतर व लाभकारी मूल्यों पर विक्रय के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 2 लाख से अधिक शिल्पकारों को विशेष प्रशिक्षण देते हुए लाभान्वित किया जा रहा है।
 जिलाधिकारी, रायबरेली शुभ्रा सक्सेना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कौशल प्रशिक्षण योजनाओं में और अधिक यथार्थता व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रथम बार जनपद स्तरीय नियोजन पर बल दिया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला कौशल विकास समिति के माध्यम से योजना तैयार की जा रही है, जिसमें जनपद की विशिष्टताओं रोजगार की सम्भावनाओं में कौशल विकास की दिशा में अनुभव की जाने वाली चुनौतियों व उनके विकल्पों को भी समाहित करेगी। युवाओं में व्यावसायिक शिक्षा के प्रति रूझान व जागरूकता एवं जानकारी के लिए विभिन्न प्रचार माध्यमों के द्वारा प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रत्येक जनपद में रोजगार मेले का आयोजन भी किया जा रहा है। रोजगार दिलाने की दिशा में विशिष्ट प्लेसमेंट एजेंसीज के अनुबन्ध भी किये जा रहे हैं, ताकि ये एजेंसीज प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर ढूंढ़ सके और उन्हें सेवायोजित कर सकें। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की यह पहल कौशल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और बेहतर गुणवत्ता तथा अर्थपूर्णता के साथ कार्य करते हुए युवाओं-युवतियों को रोजगार से लगाया जा रहा है।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति