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नोटबंदी एक ज्योतिषीय विश्लेशण

8 नवम्बर 2016 की रात 8 बजे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने दिल्ली से 500 और 1000 रूपये के पुराने नोट चलन में बंद करके 500 व 2000 रूपये के नये नोट जारी करने की घोषणा की और देश के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये इसके कई कारण व लाभ बताये लेकिन इसके बाद देश में कुछ ऐसी अकल्पनीय और दुःखान्त परिस्थितियां पैदा हो गई कि इसके मूल उद्देश्य कोलाहल व अव्यवस्था में कहीं खो गये नोट बंदी के बाद से सरकारी व रिर्जव बैंक से जारी नित्य नये-नये सही गलत नियमों की भरमार व उनमे रोज-रोज परिवर्तनों ने समस्या को और उलझा दिया पक्ष-विपक्ष मे घोर टकराव व आरोप और प्रत्यारोप लगाये विपक्ष ने संसद नही चलने दी इस लेख में जनता की कठिनाईयों मौतों, फैसले की अच्छाइयों या बुराइयों का विष्लेषण ना करके केवल ज्योतिषीय पक्ष का अध्ययन किया जायेगा।
नोटबंदी के समय का जंमाक-
मिथुन लग्न-3.14 अंश सिंह मे राहू-15 अंश, कन्या मे गुरू-21 अंश, तुला मे सूर्य-22 अंश, बुध-29 अंश, वृश्चिक मे शनि-19 अंश, धनु मे शुक्र-4 अंश, कुंभ मे केतु-15 अंश। मंगल दशा षेश-2 वर्ष 5 माह 29 दिन।
नंवाश लग्न तुला, में चन्द्र, मकर मे शनि कुंभ मे मंगल केतु, मेष में सूर्य, षुक्र, मिथुन मे बुध व गुरू, सिंह में राहू, अष्ठक वर्ग के शुभ बिंदू मेष मे 32, वृष 22, मिथुन 28, कर्क 36, सिंह 37, कन्या 27 तुला 24, वृश्चिक 27, धनु 24, मकर मे 22, कुंभ 28, मीन 30।
नक्षत्रगत ग्रह स्थिति- लग्न- मंगल में, सूर्य गुरू में, चन्द्र मंगल, मंगल सूर्य में, बुध गुरू में  गुरू सूर्य में,, शुक्र केतु में, शनि बुध में राहू शुक्र मंे केतु राहू, नोटबंद वित्त, टैक्स, एटीम, विकास, प्लानिंग का कारक बुध, खजाना, लाभ घन लाभ आय कारक बचत कारक शुक्र व द्वितीय भाव, जनता, गरीब, मजदूर, छोटे कर्मचारी, कारक शनि व चतुर्थ भाव, राज कर्मचारी सूर्य, व्यापारी बुध, किसान मंगल व शनि, काला धन व काला बाजारी राहू व षष्ठ भाव अकाल मौत कारक शनि व राहू। 
भारत का जमंाक-वृष लग्न में राहू मिथुन मे मंगल, कर्क में चन्द्र, शनि, सूर्य, बुध, षुक्र, तुला में गुरू व वृश्चिक मे केतु। 
 वर्तमान गोचर में राज्य प्रदायक गुरू जो 4 अगस्त 2016 से कन्या राशि मे गोचर कर रहे हंै। शनि वृश्चिक मे है। 17 फरवरी, 2017 से धनु राशि मे प्रवेश करेंगें 10 जनवरी 16 से अगस्त 2017 तक राहू सिंह मे व केतु कुंभ में गोचर कर रहे हैं। नोटबंदी की लग्न मिथुन भारत के जंमाक के द्वितीय धन व वित्त भाव की राशि है। तथा नोटबंदी का लग्नेश भारत का धनेश है। कालपुरूष की द्वितीय धन भाव की राशि भारत की लग्न है। जिसमे भ्रष्ट और कालाधन व काला बाजारियों का प्रतीक राहू उच्च का होकर बैठा है। जो बताता है। कि देश के अधिकंाश धन पर भष्ट लोगों का कब्जा रहेगा और यह कभी भी समाप्त नही होगा नोटबंदी का लग्नेश बुघ पंचम राज्य स्थान पर नीच के सूर्य के साथ मित्र राशि तुला मे है। अतः नोटबंदी दीर्घायु होगी वापस नही होगी लेकिन नीच के सूर्य के कारण राजा को हानि होगी हांलाकि सूर्य का नीच भंग हो रहा है। जो भविष्य में राज्य को हानि से बचायेगा लेकिन भारत का लग्नेश तथा धन, लाभ व सम्पन्नता का कारक ग्रह शुक्र के शत्रु राषि धनु व शत्रु नक्षत्र केतु में जाने के कारण देश को धन लाभ, सुख व सम्पन्नता प्राप्त नही होगी, बल्कि हानि होगी। भारत के जमांक का जनता के भाव चतुर्थ का स्वामी ग्रह सूर्य नोटबंदी के चक्र में नीच का है, जो जनता को भारी हानि अकाल मृत्यु व घोर संकट दे रहा है चतुर्थ जनता के भाव से 12 वें भाव में शत्रु राशिगत सिंह का राहू भी जनता की मौत का जिम्मेदार है नोटबंदी चक्र का भी चतुर्थ भाव पाप कर्तरी में है। जिसमे बाधकेश गुरू स्थित है। जो जनता को भारी हानि व दुर्भाग्य देगा जनता का कारक ग्रह शनि जो भारत के जंमाक का भाग्येश व राज्येश भी है। वर्तमान में शत्रु राशि वृश्चिक मे गोचर कर रहा है। जो जनता, राज्य किसानों, मजदूरों को भारी दुर्भाग्य, अकाल मौत, धनहानि बेरोजगारी तथा बाजार में आर्थिक मंदी देगा नोटबंदी की लग्न मिथुन के लग्नेश बुध के तीन मित्र ग्रहों शनि, षुक्र वृश्यिक में (धनु में) व राहू (सिंह में) में से तीनो ग्रह शत्रु राशि में गोचर कर रहे है, जो किसी प्रकार का बुध के सहयोग नही करेंगें नोटबंदी का पंचमेश व द्वादेश शुक्र के जो भारत का लग्नेश भी है के शत्रु राशि व शत्रु नक्षत्र में जाने के कारण देश को धन लाभ, सुख व सम्पन्नता की हानि होगी। लग्नेश बुध दो गर्म ग्रहों सूर्य युत और केतु दृष्ट होने के कारण नोटबंदी क्रोध का शिकार होगी बुघ केतु योग देश में नर्वसनैस, फ्राड व दस्तावेजों के द्वारा देश को हानि देगा भुगु सूत्र के अनुसार जब जंमस्थ बुघ से त्रिकोण में केतु का गोचर हो तो किसी दस्तावेज को जारी करना या डील करना या उस पर दस्तखत करना विनाश देता है। विकास व विस्तार कारक गुरू का नोटबंदी लग्न में बाधकेश हांेकर शत्रु राशि में जनता के भाव में जाना तथा लग्नेश बुध से 12 वें जाना नोटबंदी, जनता, देश के विकास में बाधक व अर्थव्यवस्था हेतु विनाशकारी सिद्ध होगा। 
साभार-वाराह वाणी


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