पामिस्ट्री एंड लेसबियन होमो टेंडेंसी

अप्राकृतिक सेक्स एक आदिम मानवीय प्रवृत्ति है, दो हजार पूर्व ऋषि वात्सायन द्वारा लिखे कामसूत्र में भी इसका वर्णन किया गया विश्व के अनेक देशों की प्राच्य सभ्यताओं में भी इस प्रवृत्ति का वर्णन है। ज्योतिष एवं हस्तरेखा के आधुनिक गन्थो मे इसके सूत्र मिलते है। जो करीब सौ सवा सौ साल पूर्व डाक्टर्स, मनोचिकिस्कों व विद्वान ज्योतिषियों व पामिस्टों के वैज्ञानिक अध्ययन तथा शोधों के परिणाम है। होमो व लेसबिएन प्रवृत्ति नर-नारी के प्राकृतिक व्यवहार व विकास में बाधक है। अध्ययन से पाया गया है। अधिकांश होमो या लेसबियन्स मे कुछ जंमजात असामांय मनोवृत्तियां, आदतें व भावनायें पाई जाती है। कुछ वैज्ञानिक इसके लिये कुछ विशेष जीन्स व हारमोनल डिस्टरबेंस को जिम्मेदार मानते है। हस्तरेखा में इसके स्पष्ट व प्रामाणिक मिलते है। जिनके आधार पर एक पामिस्ट हाथ देखते ही किसी जातक के बारे मे बता सकता हैं कि वह गे या लेसबियन हैं। पाठकों से अनुरोध व चेतावनी है कि वे इन सूत्रों को अति विशेष परिस्थितियों में ही या गंभीर मानसिक, शारीरिक रोगों के उपचार में ही प्रयोग करें वरना आपकी भविष्यवाणी से किसी स्त्री पुरूष को गहरा सदमा लग सकता है उसका अपमान हो सकता है या उसका कैरियर या वैवाहिक जीवन नष्ट हो सकता या वह आत्महत्या कर सकता है। अक्सर इन प्रवृत्तियों की जड़ें बचपन के विकृत माहौल, माता-पिता के कलहपूर्ण संबधों या रेप या चाइल्ड एब्यूसेज के मामलांे से जुड़ी होती है। 20 वीं सदी के नोएल जेक्विन, जुलियस स्पियर, सेंट जेरमेन, बेनहम जैसे पामिस्टों ने इस तरह के केसेज का विधिवत व वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन किया जुलियस स्पियर ने अपनी पुस्तक के एक अध्याय में लिखा है, गर्डल आफ वीनस जो कनिष्ठा से गुरू पर्वत को जोड़ता है। व्यक्ति की विशेष इच्छा को गहरे रूप मे उसकी यौनेच्छा से जोड़ता है शुक्र पर्वत और कनिष्ठा उंगली विभिन्न बनावट के हाथों मे व्यक्ति में अति संवेदना और सेक्स के मामलों मे अत्याधिक ज्वार पैदा करती है। जिससे कामेच्छा अनियंत्रित हो जाती है, साथ ही अति हीन भावना पैदा करता है। यदि मानसिक विकृति व अति संवेदनशीलता के लक्षणों के साथ हाथ में छोटे-छोटे कई गर्डल आफ वीनस भी हो और अंय अशुभ लक्षण भी हों तो आमतौर पर जातकों में होमोसैक्सुअल या लेसबियन्स टेंडेंसी पाई जाती है। एक युवक की अपनी माता के प्रति अत्याधिक घृणा उसे सारी नारी जाति से घृणा में बदल सकता है, और वह होमो बन सकता है। इसी प्रकार किसी युवती का अपने पिता के प्रति अति घृणा उसे सारी पुरूष जाति से घृणा में बदल सकता है, और वह लेसबियन बन सकती है। ऐसे युवको के हाथ में मस्तिष्क रेखा व चन्द्र पर्वत और स्त्री के हाथ में जीवन रेखा व सूर्य पर्वत विकृत पाये या अन्य अशुभ लक्षण से युत पाये जाते है। जुलियस ने अपनी पुस्तक में होमो व लेसबियन के निम्न लक्षण बताये हैं।
1. निर्बल अंगूठा जो कमजोर मानसिक शक्ति और अति भावुकता को बताता है। 
2. छोटी तर्जनी अति हीन भावना और आत्मविश्वास की कमी देती है। (नोएल जेक्विन इन दि हैण्डस स्पीक केस न0 105)
3. जंजीरवत मस्तिष्क रेखा निर्बल मानसिक शक्ति, अति हीन भावना और अति भावुकता देती है।
4. सीधी और छोटी हृदय रेखा जो केवल शनि पर्वत तक ही जाये स्त्री के हाथ में हो तो पुरूषोचित हारेमोन्स की अधिकता देती है। जिससे भारी आवाज, वक्ष, मूंछो पर धने बाल छोटे अविकसित स्तन, अविकसित नितंब, रूखी सख्त त्वचा ब्वायइश लुक देता है व लेसबियन टेंडेंसी देता है। और पुरूष के हाथ में फीमेल हारेमोन्स की अधिक सक्रियता बताती है। पतली आवाज, चिकना रोम रहित शरीर लचकदार कमर व स्त्रियोचित चाल और होंमो टेंडेंसी देता है।
5. मस्तिष्क रेखा और हृदय रेखा के मध्य क्षेत्र अति संकरा स्थान अति व्यक्तिवादी अति भावुक व संवेदनशील भावनाओं सें फैसले ले। आत्म रक्षात्मक प्रवृत्ति दे। 
6. मस्तिष्क रेखा अंत मे टूटी भय, अनिश्चितता भरा व्यक्तित्व और स्त्रीत्व प्रधान सेक्स।
7. जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा प्रारंभ से काफी दूर तक आपस में मिली हुयी जायें भावनात्मक रूप से परा धीन ,आत्मविश्वास की कमी, भयभीत, आत्म रक्षात्मक रवैया, देती है। और होमो बनाती है। 
8. शनि पर्वत से निकली हृदय रेखा जो शाखा रहित हो।
9. हथेली का निम्न भाग षुक्र व चन्द्र पर्वत अति विकसित हो। तो होंमो टेंडेंसी देता है।
10. अंगूठे का  प्रथम पर्व अति छोटा हो जो इच्छा षक्ति का अभाव हीन भावना, आत्मविश्वास की कमी भयभीत व होमो बनाती है।
11. हाथ में चन्द्र व शुक्र पर्वत को जोड़ने वाली वासना रेखा मौजूद हो जो अनियंत्रित और अप्राकृतिक सैक्स की टेंडेंसी देता है।
12. अंगूठा काफी छोटा या अंगूठा काफी पीछे को मुड़ने वाला हो।
14. हाथ में छोटे-छोटे कई गर्डल आॅफ वीनस हों। या हाथ में कई टूटे हुये या विकृत गर्डल आफ वीनस हों।
लेसबियन
1. (नोएल जेक्विन इन दि हैण्ड) छोटी हृदय रेखा।
2. शुक्र वलय उंगली में चढे एड्रिनल टाइप पर्सनेल्टिी लेसबियन बनाये।     
3. हृदय रेखा उंगलियों से दूर स्थित हो, मानसिक सैक्स करे।
4. जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा प्रारंभ से काफी दूर तक आपस में मिली हुयी जायें भावनात्मक रूप से परा धीन ,आत्मविश्वास की कमी, भयभीत, लेसबियन बनाये।
5. विश्लेशणात्मक टाइप हाथ मे लंबी गांठदार उंगलियां लेसबियन बनाये।
6. टूटी जंजीरवत, लहराती हुयी हृदय रेखा लेसबियन बनाये।
 न्यूयार्क पोस्ट में 20 मार्च 2000 में छपे एक लेख के अनुसार बर्केलेी की युनिवर्सिटी आॅफ केलफोर्निया के शोधकर्ताओं नें सैनफ्रान्सिको की सड़कों के 720 गे के हस्त रेखाओं पर शोध किया और पाया कि होमोसैक्सुअल के हाथों की तर्जनी उंगली अनामिका उंगली से सामान्य रूप से छोटी थी। लेख के अगले भाग में बताया गया कि मां के गर्भ में पुरूष हारमोंस की अधिकता के कारण होमोसैक्सुअल और लेसबियन्स की तर्जनी उंगली छोटी रह जाती है। अमरीका के कुछ पामिस्टों ने वहां के कुछ विख्यात होमो सेलेब्रिटीस के हाथों का अध्ययन किया और निम्न निष्कर्ष निकाले। ईल्टन जान ( सिंगर) एलन डिजेनर्स (सिंगर) नील पेट्रिक हैरिस ( सिंगर) वेन्टवर्थ मिलर (सिंगर) जूडी फोस्टर (सिंगर) जिम पारसन (सिंगर) मेटटबोमर (सिंगर) जेचरी क्वेंन्टो (सिंगर) रिकी र्मिर्टन (सिंगर) आदि कुछ पामिस्टों के अनुसार चैड़ी द्विजीवी हृदय रेखा गे बनाती है। कुछ के अनुसार सीधी विना शाखा की हृदय रेखा हाथ के आर-पार जाये और मस्तक रेखा के आरंभ मे मिले। होमो का चिन्ह है। कुछ के अनुसार डबल लूप चिन्ह व छोटी तर्जनी गे बनाती है। ईल्टन जान (सिंगर) की हृदय रेखा गहरी छोटी और षनि की उंगली तक जाती है। लेकिन तर्जनी लंबी है। रिकी र्मिर्टन (सिंगर) की तर्जनी छोटी है। द्विजीवी हृदय रेखा द्विजीवी नही है। ना हृदय रेखा मस्तक रेखा के आरंभ मे मिले। वेन्टवर्थ मिलर के हाथ मे कोई चिन्ह नही है। जिम पारसन,जूडी फोस्टर (सिंगर, एक्टर प्रिसन ब्रेक,एलन डिजेनर्स) प्रसिद्ध गे हैं।