सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित

अंतर्राष्ट्रीय जगत में आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है, इस उपलक्ष्य पर डाक विभाग के रायबरेली मण्डल  द्वारा अधीक्षक डाकघर रायबरेली मण्डल कार्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे शहर की कई नामचीन महिलाओं जिनका समाज के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष योगदान रहा है, को सम्मानित किया। इसके साथ ही डाक विभाग में कार्यरत विभिन्न पदों पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मियों को भी शुभकामनायें देते हुए सम्मानित किया गया। इनमे श्रीमती मनोरमा मिश्रा, श्रीमती शालिनी कनौजिया, श्रीमती मुक्ता भार्गव, श्रीमती शालिनी द्विवेदी, डा. रुचि सिंह, श्रीमती क्षमता मिश्रा, श्रीमती अनीता नेगी, डा. रोली मिश्रा को नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि छोटी बच्चियों अवनी सिंह, अन्वेशा नाथ, आद्या शर्मा, गौरी त्रिपाठी, राधिका मिश्रा, कश्वी बरनवाल ,आयुषी यादव एवं श्रेया यादव को उपहार व मिठाई वितरित कर सम्मानित किया गया। सुकन्या समृद्धि खाता एक महत्वपूर्ण कदम है नारी सशक्तिकरण का इस अवसर पर इस कार्यक्रम में विगत सप्ताह सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने वाली बालिकाओं अवनी सिंह, अन्वेशा नाथ, आद्या शर्मा, गौरी त्रिपाठी, राधिका मिश्रा, कश्वी बरनवाल ,आयुषी यादव एवं श्रेया यादव व उनके अभिभावकों को भी मिठाई व उपहार वितरित करके सम्मानित किया गया द्य इस संबंध में  सुनील कुमार सक्सेना अधीक्षक डाकघर रायबरेली द्वारा बताया गया की रायबरेली मण्डल में विगतवर्ष घर-घर जाकर 5000 से अधिक 10 वर्ष या इससे छोटी बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए है, जोकि बालिकाओं को वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होने आगे बताया कि अबतक रायबरेली मण्डल में ग्राम प्रधानों द्वारा 100 ग्रामों को सम्पूर्ण सुकन्या ग्राम भी घोषित किया जा चुका है। महिला प्रधान क्षेत्रीय बचत योजना के तहत अनेक महिलाओं को अभिकर्ता के रूप में डाक विभाग से जोड़ कर उनकी आय के स्रोत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उनके सशक्तिकरण हेतु कार्य कर रहा है। महिलाएं निभाती है डाक विभाग में अहम भागीदारी आज के समय में महिलाएं प्रत्येक क्षेत्र जैसे कि खेल, विज्ञान, शिक्षा, व्यवसाय, चिकित्सा, कृषि, सेना आदि में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं है। डाक विभाग में डाक वितरण का क्षेत्र में चाहे पोस्ट मैन का कार्य हो या ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण पोस्ट मास्टर का या डाकघर के पटल पर डाक सहायक का पद हो या सब पोस्ट मास्टर का, सभी जिम्मेदारियों को महिलाओं द्वारा बखूबी निभाया जा रहा है। यही नहीं डाक विभाग का सर्वोच्च पद डाक महानिदेशक, अथवा डाक सचिव पद पर भी महिलाएं पदासीन रह चुकी है और आज भी डाक विभाग के प्रत्येक छोटे अथवा बड़े कैडर के पदों पर पदासीन हैं। रायबरेली डाक मण्डल में 80 महिलाएं डाक सेवक पदों पर 3 पोस्ट मैन पदों पर, 5 डाक सहायक पदों व 2 सब पोस्टमास्टर के पदों पर कार्यरत है।


इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

पक्षी आपका भाग्य बदले

मनुष्य का जीवन अपने आसपास के वातावरण से ही प्रभावित होता है। व्यक्ति के आस-पास के पशु पक्षी उसके जीवन का अभिन्न अंग है। भारतीय ऋर्षियों तथा संसार के अध्यात्मवादियो ने संसार के पक्षियों को ना केवल ज्योतिष तथा मनुष्य के भाग्य से जोड़ा है। बल्कि पक्षियों को उपयोग शकुन ज्योतिष, फलित तथा प्रष्न ज्योतिष तथा अनेकों ज्योतिष, तांत्रिक उपचारों और शारीरिक मानसिक रोगों के निवारण में किया है। भारत मे पंच प़क्षी शास्त्र, कल्ली पुराण पर आधारित तोते द्वारा भविष्यवाणी, पक्षी तंत्र तथा शकुन ज्योतिष का प्रयोग आदिकाल से ही किया जाता है भारत मे गरूड़ जी, नीलकंठ, काकभुषुंडी,, हंस, जटायु व संपाती, शुकदेव जी आदि दिव्य पक्षियों तथा अनेक देवी देवताआंे वाहन के रूप मे पक्षियों को प्रयोग किये जाने का  वर्णन है। जैसे भगवान विष्णु का गरूड़, कार्तकेय जी का मयूर, माता लक्षमी का उल्लू, विश्वकर्मा, वरूण जी तथा स्वरसती जी का हंस आदि शनिदेव का कौआ आदि का प्राचीन काल मे पक्षियों द्वारा डाक सेवा युद्ध संबधी शकुन का भी काम लिया जाता था पक्षियों को स्वतंत्रता, नवीन विचारों, आनंद, तनाव, मुक्ति, प्रषंसा, यष, धन्यवाद देने, प्रजनन श

परिवर्तन योग से करें भविष्यवाणी

भारतीय ज्योतिशशास्त्र में भविष्यकथन के सैकड़ों सूत्रो का वर्णन है। इन्ही सूत्रों मे से एक है परिवर्तन योग जिसका वर्णन पाराशरीय और नाड़ी ग्रन्थों दोंनों मे पाया जाता है। हाँलाकि दोनो प्रकार के ग्रन्थों में इन सूत्रों को विभिन्न तरीको से प्रयोग किया गया है ज्योतिष मे परिवर्तन योग के तीन रूप पाये जाते हैं। 1. भाव परिवर्तन 2. राशि परिवर्तन 3. नक्षत्र परिवर्तन  भाव परिवर्तन पाराशरीय व कुछ नाड़ी ग्रन्थों जैसे षुक्र नाड़ी मे इसके सूत्रो का वर्णन पाया जाता है। जो भावा के स्वामियो के बीच स्थान परिवर्तन से बनता है। जैसे चतुर्थेश षष्ठ भाव मे जाय और षष्ठेश चतुर्थ भाव मे जाय। इसके भी तीन भेद हैं। 1. दो शुभ भावों के स्वामियों का परस्पर परिवर्तन जैसे लग्न व पंचम भाव का परिवर्तन या दो केन्द्रेशों का परिवर्तन या केन्द्र और त्रिकोण भाव मे परस्पर परिवर्तन। 2. दो त्रिकेशांे का परिवर्तन जो विपरीत राजयोग बनाता है। 3. किसी केन्द्रेश या त्रिकोणेश का त्रिकेश से परिवर्तन। जैसे दशमेश का द्वादेश से परिवर्तन या पंचमेश या द्वादेश के बीच परिवर्तन। 2. ग्रह या राशि परिवर्तन  इसका वर्णन स्व. आर. जी. राव द्वारा अनुवादित और

जेल जाने के योग

ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। कुंडली के इस घर में राहु अगर अष्टमेश के साथ हो तो उसके अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है। शनि  मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह एवम् इनका आपसी सम्बन्ध जेल के कारक है। शनि व 12 भाव सजा का कारक है। छठा भाव व मंगल राहू अपराध के कारक है। अगर किसी व्यक्ति की कुण्डली में मंगल और राहु एक साथ किसी भाव में बैठकर युति करते हैं तो जेल योग बनता है केतु रस्सी बेड़ी हथकड़ी का कारक ग्रह हैं अशुभ मंगल व राहु के बीच दृष्टि संबंध बनता हो तो अंगारक योग की वजह से ऐसा इंसान हिंसक स्वभाव वाला हो जाता है और अपराध करता है जिससे जेल जाना पड जाता है। शनि मंगल व राहु मुख्य रूप से जेल यात्रा कराने का भी योग बनाते हैं और इनकी युति या आपस में दृष्टि इस तरह की स्थितियां बना देती है कि आखिर इंसान को जेल जाना ही पड जाता है। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश तृतीय एवं एकादश, चतुर्थ, दशम, षष्ठ एवं अष्टम भाव में स्थित हो तो यह बंधन योग बनाता है यह स्थिति